फाल्गुन के महीने में लगने वाले चंद्र ग्रहण के कारण होली की तिथि में बदलाव, कहां दिखेगा होली का चंद्र ग्रहण
Lunar Eclipse 2026 date: इस साल होली पर एक दुर्लभ चंद्र ग्रहण लगेगा। ऐसा लगभग 122 साल बाद हो रहा जब होली पर खग्रास चंद्र ग्रहण लग रहा है। होली पर लगने वाला चंद्र ग्रहण बहुत खास होगा

इस साल होली पर एक दुर्लभ चंद्र ग्रहण लगेगा। ऐसा लगभग 122 साल बाद हो रहा जब होली पर खग्रास चंद्र ग्रहण लग रहा है। होली पर लगने वाला चंद्र ग्रहण बहुत खास होगा, क्योंकि ये भारत में दिखाई देगा, इस ग्रहण का धार्मिक और ज्योतिष दोनों रुप से असर पड़ेगा।चंद्र ग्रहण के कारण इस बार होलिका दहन का समय तो सेम रहेगा, लेकिन रंग वाली होली की तिथि में बदलाव किया गया है। ऐसे में फाल्गुन के महीने का चंद्र ग्रहण बहुत खास होगा, इसके सूतक के नियम भी माने जाएंगे। बड़े पर्व पर इस ग्रहण के मायने और प्रभाव भी होंगे।
कब लगेगा चंद्र ग्रहण और रंगो की होली कब खेली जाएगी?
3 मार्च को दोपहर 3:19 बजे से चंद्र ग्रहण शुरू होगा और शाम 6:48 बजे ग्रहण रहेगा। इस ग्रहण का सूतक ग्रहण लगने से 9 घंटे पहले यानी सुबह 9 बजे से लग जाएगा। इस दौरान मंदिरों के कपाट बंद हो जाएंगे। सूतक काल के दौरान पूजा-पाठ, जप और तप किया जाता है। ग्रहण के कारण पूरे दिन होली खेलने का कार्य नहीं किया जा सकेगा। इस दिन होली से जुड़ा कोई कार्य नहीं होगा। रंगों की होली अगले दिन 4 मार्च को होगी। ग्रहण समाप्त होने के बाद स्नान कर दान-पुण्य करना शुभ फलदायी होता है। ग्रहण के बाद पूरे घर और मंदिर में गंगाजल का छिड़काव करना चाहिए और घर को स्वच्छ करना चाहिए।
कहां- कहां दिखेगा पूर्ण चंद्रग्रहण
3 मार्च को पूर्ण चंद्र ग्रहण लगेगा, जो रात में कई जगह से देखा जा सकेगा। इसका बेस्ट व्यू ऑस्ट्रेलिया, पेसेफिक, नॉर्थ अमेरिका में देखा जा सकेगा। भारत में भी यह ग्रहण देखा जा सकेगा, इस दिन चंद्रमा लाल रंग का दिखाई देगा। क्योंकि चंद्रमा धरती के करीब होगा और धरती की छाया इस पर पड़ेगी, जिससे ये लाल रंग का दिखाई देगा, इसलिए इसे ब्लड मून कहते हैं।
चंद्र ग्रहण से पहले लगेगा सूर्य ग्रहण, फाल्गुन के महीने में दो ग्रहण
आपको बता दें कि हिंदी पंचाग के अनुसार फाल्गुन के महीने में दो ग्रहण लग रहे हैं। सूर्य ग्रहण अमावस्या को 17 फरवरी को लगेगा और चंद्र ग्रहण फाल्गुन पूर्णिमा को लगेगा। आपको बता दें कि इस बार का सूर्य ग्रहण बहुत खास होगा। इसे रिंग ऑफ फायर कहा जाता है। यह ग्रहण भारत में नहीं दिखेगा, लेकिन ग्रहण अमेरिका और इसके नॉर्दन हेमिस्फेयर में दिखाई देगा।




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