karwa chauth 2025 kab hai date time vrat vidhi shubh muhurat chand nikalne ka samay Karwa Chauth 2025 : कब है करवा चौथ? जानें व्रत विधि, शुभ मुहूर्त, चांद निकलने का समय, एस्ट्रोलॉजी न्यूज़ - Hindustan
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Karwa Chauth 2025 : कब है करवा चौथ? जानें व्रत विधि, शुभ मुहूर्त, चांद निकलने का समय

हिंदू धर्म में सुहागिन महिलाओं के लिए करवा चौथ का व्रत बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। हर साल कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को यह व्रत रखा जाता है। इस दिन महिलाएं दिनभर निर्जला व्रत रखती हैं और शाम को चांद के दर्शन के बाद पूजा करके पति की लंबी उम्र की कामना करती हैं।

Mon, 29 Sep 2025 02:52 PMYogesh Joshi लाइव हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
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Karwa Chauth 2025 : कब है करवा चौथ? जानें व्रत विधि, शुभ मुहूर्त, चांद निकलने का समय

हिंदू धर्म में सुहागिन महिलाओं के लिए करवा चौथ का व्रत बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। हर साल कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को यह व्रत रखा जाता है। इस दिन महिलाएं दिनभर निर्जला व्रत रखती हैं और शाम को चांद के दर्शन के बाद पूजा करके पति की लंबी उम्र की कामना करती हैं। करवा चौथ केवल एक व्रत ही नहीं, बल्कि परिवार में प्रेम, विश्वास और समर्पण का प्रतीक भी है। इस दिन महिलाएं सोलह श्रृंगार करती हैं, पूजा के लिए विशेष थाली सजाती हैं और चंद्रमा को अर्घ्य देकर व्रत खोलती हैं। करवा चौथ की परंपरा उत्तर भारत, खासकर उत्तर प्रदेश, बिहार, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, राजस्थान और मध्य प्रदेश में बहुत लोकप्रिय है।

करवा चौथ 2025 की तारीख और समय

इस वर्ष करवा चौथ का व्रत शुक्रवार, 10 अक्टूबर 2025 को रखा जाएगा। चतुर्थी तिथि 9 अक्टूबर की रात 10:54 बजे शुरू होकर 10 अक्टूबर की शाम 7:38 बजे तक रहेगी।उदयातिथि के अनुसार व्रत 10 अक्टूबर को ही रखा जाएगा। पूजा का शुभ मुहूर्त शाम 5:57 बजे से 7:11 बजे तक रहेगा और चांद रात 8:13 बजे निकलेगा।

पूजा का शुभ मुहूर्त 5:57 बजे से 7:11 बजे तक का है। चांद रात 8:13 बजे निकलेगा। ध्यान रहे कि यह समय नई दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों के लिए है। अन्य शहरों में चांद निकलने का समय थोड़ा अलग हो सकता है।

व्रत का महत्व

करवा चौथ का व्रत सुहागिन महिलाएं अपने पति की लंबी आयु और सुख-समृद्धि के लिए रखती हैं। यह व्रत दिनभर निर्जला रखा जाता है और शाम को चंद्रमा को अर्घ्य देकर और पति को छलनी से देखकर व्रत खोला जाता है। इस दिन महिलाएं सोलह श्रृंगार करती हैं, हाथों में मेहंदी लगाती हैं और पारंपरिक परिधान पहनती हैं।

पूजा-विधि

– सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और साफ-सफाई कर पूजा स्थल तैयार करें।

– देवी-देवताओं की पूजा करें और निर्जला व्रत का संकल्प लें।

– दिनभर जल और अन्न ग्रहण न करें।

– शाम को शिव-पार्वती, गणेशजी और भगवान कार्तिकेय की पूजा करें।

– पूजा थाली में चंदन, पुष्प, दीपक, अक्षत, सिंदूर, मिठाई, गंगाजल, कच्चा दूध, शक्कर, मेहंदी, चुनरी, चूड़ी आदि रखें।

– करवा चौथ की कथा पढ़ें या सुनें।

– चंद्रमा के निकलने पर छलनी से चांद को देखें और अर्घ्य दें।

– पति द्वारा जल ग्रहण कर व्रत तोड़ें।

पूजा सामग्री

करवा चौथ की पूजा में चंदन, पुष्प, अगरबत्ती, कच्चा दूध, शक्कर, घी, दही, मिठाई, गंगाजल, अक्षत, सिंदूर, मेहंदी, महावर, कंघा, बिंदी, चुनरी, चूड़ी, बिछुआ, मिट्टी का करवा, दीपक, रुई, कपूर, गेहूं, हल्दी, जल का लोटा, पीली मिट्टी, लकड़ी का आसन, छलनी, अठावरी, हलुआ और दान के लिए दक्षिणा आदि सामग्री का उपयोग होता है।

इन बातों का रखें ध्यान-

– व्रत शुरू करने से पहले डॉक्टर की सलाह ले लें अगर स्वास्थ्य संबंधी कोई समस्या हो।

– कमजोर स्वास्थ्य या गर्भवती महिलाओं के लिए व्रत में फलाहार का विकल्प रखा जा सकता है।

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