पहला ज्येष्ठ मंगल कब? जानिए हनुमान चालीसा का 40 दिन पाठ करने से क्या होता है
मान्यता है कि यदि कोई व्यक्ति लगातार 40 दिनों तक हनुमान चालीसा का पाठ करता है, तो उसे विशेष कृपा और कई तरह के लाभ प्राप्त होते हैं। ऐसे में आइए जानते हैं कि साल 2026 में पहला ज्येष्ठ मंगल कब है और 40 दिनों तक हनुमान चालीसा का पाठ करने से क्या-क्या फायदे मिलते हैं।

हिंदू धर्म में ज्येष्ठ माह के प्रत्येक मंगलवार का विशेष महत्व माना जाता है। इस माह के मंगलवार को 'बड़ा मंगल' या 'बुढ़वा मंगल' कहा जाता है, जो भगवान हनुमान की पूजा के लिए अत्यंत शुभ होता है। वहीं, साल 2026 में ज्येष्ठ माह का महत्व और भी बढ़ गया है, क्योंकि इस बार अधिकमास का दुर्लभ संयोग बन रहा है। इसी वजह से सामान्य 4 या 5 की बजाय पूरे 8 बड़े मंगल पड़ रहे हैं, जो अपने आप में बेहद खास हैं। इनमें पहले और अंतिम बुढ़वा मंगल का विशेष धार्मिक महत्व होता है। इस दिन भक्त सुंदरकांड और हनुमान चालीसा का पाठ कर भगवान हनुमान को प्रसन्न करने का प्रयास करते हैं। मान्यता है कि यदि कोई व्यक्ति लगातार 40 दिनों तक हनुमान चालीसा का पाठ करता है, तो उसे विशेष कृपा और कई तरह के लाभ प्राप्त होते हैं। ऐसे में आइए जानते हैं कि साल 2026 में पहला ज्येष्ठ मंगल कब है और 40 दिनों तक हनुमान चालीसा का पाठ करने से क्या-क्या फायदे मिलते हैं।
कब से ज्येष्ठ का पहला मंगलवार
इस वर्ष ज्येष्ठ माह की शुरुआत 2 मई से होकर 29 जून तक रहेगी। पंचांग के अनुसार, ज्येष्ठ महीने का पहला बड़ा मंगल 5 मई 2026 को पड़ रहा है। यह दिन हनुमान भक्तों के लिए बेहद खास माना जाता है, क्योंकि इसी के साथ बड़े मंगल के पावन पर्व की शुरुआत होती है और भक्त पूरे उत्साह व श्रद्धा के साथ बजरंगबली की पूजा-अर्चना करते हैं।
40 दिन हनुमान चालीसा पाठ करने से क्या होता है?
कहते हैं कि यदि श्रद्धापूर्वक रोज हनुमान चालीसा का पाठ किया जाए, तो बजरंगबलि प्रसन्न होते हैं और भक्तों पर अपनी कृपा बरसाते हैं। बागेश्वर धाम सरकार यानी कि धीरेंद्र शास्त्री महाराज के मुताबिक अगर किसी भक्त या साधक का कोई भी कार्य पूरा नहीं हो रहा हो, तो 40 दिनों तक 100-100 पाठ का अनुष्ठान करोगे, तो हनुमान जी को करना ही पड़ेगा।
हनुमान चालीसा पाठ की विधि
- हनुमान चालीसा का पाठ हमेशा किसी पवित्र और साफ जगह पर बैठकर करें, जैसे घर का पूजास्थल, मंदिर या तीर्थ स्थल।
- पाठ करने का सही समय सुबह या शाम का होता है, या फिर शुभ मुहूर्त में ही करें।
- पूजा में हमेशा लाल रंग के फूलों का ही उपयोग करें।
- पाठ शुरू करने से पहले दीपक जरूर जलाएं, जिसमें लाल सूत की बाती हो।
- दीपक में चमेली का तेल या शुद्ध घी इस्तेमाल करें।
- हनुमान जी को गुड़-चना का प्रसाद जरूर अर्पित करें।
- पाठ के दौरान साधारण और एक ही वस्त्र पहनकर पूजा करें।
- हनुमान जी की मूर्ति या तस्वीर को लकड़ी के पट्टे पर लाल कपड़ा बिछाकर रखें।
- स्वयं कुश के आसन पर बैठकर ही चालीसा का पाठ करें।
हनुमान चालीसा पाठ के फायदे
1. आत्मिक बल बढ़ता है।
2. मनोबल बढ़ता है।
3. अकारण भय और तनाव खत्म होता है।
4. सभी प्रकार के रोग नष्ट हो जाते हैं।
5. हर तरह के बंधन से मुक्ति मिलती है।
6. नकारात्मक प्रभाव दूर होते हैं।
7. ग्रहों का प्रभाव कम होता है।
8. घर का कलह मिटता है।
9. बुराईयों से मुक्ति मिलती है।
10. घर में सुख-समृ्दि बढ़ती है।
ज्येष्ठ मंगल की पूजा विधि
- ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान आदि करके शुद्ध हो जाएं।
- हनुमान जी की प्रतिमा को लाल साफ कपड़े पर स्थापित करें।
- गंगाजल, दूध, दही, शहद और चंदन से स्नान कराएं।
- इसके बाद हनुमान जी को सिंदूर अर्पित करें।
- यदि पूजा पुरुष कर रहे हैं तो पूरे शरीर में सिंदूर लगाएं, और महिलाएं केवल चरणों में सिंदूर लगाएं।
- हनुमान जी को लाल वस्त्र पहनाएं और फल, फूल, मिठाई व पान अर्पित करें।
- उन्हें माला पहनाएं और चरण पादुका अर्पित करें।
-घी का चौमुखी दीपक जलाएं और धूप या अगरबत्ती करें।
- दीपक को पीपल के पेड़ के पास रख आएं।
- हनुमान जी को बूंदी के लड्डू का भोग लगाएं।
- अंत में मंत्र जाप करें, हनुमान चालीसा का पाठ करें और आरती करें।
डिस्क्लेमरः इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।




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