bada mangal 2026 when is first tuesday of jyeshtha month importance significance and puja vidhi ज्येष्ठ माह का पहला मंगलवार कब है, क्यों ज्येष्ठ माह के मंगलवार का है इतना महत्व, एस्ट्रोलॉजी न्यूज़ - Hindustan
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ज्येष्ठ माह का पहला मंगलवार कब है, क्यों ज्येष्ठ माह के मंगलवार का है इतना महत्व

Bada Mangal 2026: साल 2026 में तिथियों के संयोग से ज्येष्ठ माह का अधिकमास लगने के कारण बड़ा मंगल का महत्व और भी बढ़ गया है। आइए जानते हैं ज्येष्ठ माह का पहला बड़ा मंगल कब है?

Fri, 24 April 2026 08:05 PMNavaneet Rathaur लाइव हिन्दुस्तान
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ज्येष्ठ माह का पहला मंगलवार कब है, क्यों ज्येष्ठ माह के मंगलवार का है इतना महत्व

हिंदू धर्म में मंगलवार का दिन संकटमोचन हनुमान जी को समर्पित है। वैसे तो सनातन धर्म में साल का हर मंगलवार विशेष होता है, लेकिन ज्येष्ठ मास के मंगलवारों की विशेष महत्व है। इस माह के मंगलवार को 'बड़ा मंगल' या 'बुढ़वा मंगल' के नाम से जाना जाता है। साल 2026 में तिथियों के संयोग से ज्येष्ठ माह का अधिकमास लगने के कारण बड़ा मंगल का महत्व और भी बढ़ गया है, क्योंकि इस बार भक्तों को बजरंगबली की आराधना के लिए अतिरिक्त अवसर मिल रहे हैं।

ज्येष्ठ 2026: पहला बड़ा मंगल और दुर्लभ संयोग

साल 2026 का ज्येष्ठ माह धार्मिक दृष्टिकोण से काफी महत्वपूर्ण रहने वाला है। इस साल 'अधिकमास' ज्येष्ठ माह में पड़ रहा है। इस दुर्लभ संयोग की वजह से इस साल 4 के जगह पर कुल 8 बड़े मंगलवार आएंगे।

पंचांग के अनुसार, ज्येष्ठ माह का पहला बड़ा मंगल 5 मई 2026 को पड़ेगा। यह दिन हनुमान भक्तों के लिए विशेष उत्सव का होगा, जहां से भक्ति के इस महापर्व की शुरुआत होगी और 23 जून 2026 तक निरंतर 8 हफ्तों तक बड़े मंगल की धूम रहेगी।

राम-हनुमान मिलन का साक्षी है ज्येष्ठ मास

पौराणिक कथाओं के अनुसार, ज्येष्ठ माह के मंगलवार का आध्यात्मिक महत्व भगवान श्रीराम और हनुमान जी के प्रथम मिलन से जुड़ा है। रामायण काल में, जब प्रभु श्री राम माता सीता की खोज में ऋष्यमूक पर्वत के पास पहुंचे थे, तब हनुमान जी ने एक ब्राह्मण का रूप धरकर उनसे भेंट की थी। वह पावन दिन ज्येष्ठ मास का मंगलवार ही था। इसी दिन से हनुमान जी का जीवन पूर्णतः राम-काज के लिए समर्पित हो गया, इसीलिए भक्त इस दिन को कृतज्ञता के रूप में मनाते हैं।

क्यों कहा जाता है इसे बुढ़वा मंगल?

'बड़ा मंगल' को 'बुढ़वा मंगल' कहने के पीछे भी एक रोचक मान्यता है। कहा जाता है कि द्वापर युग में जब भीम को अपनी शक्ति पर अहंकार हो गया था, तब हनुमान जी ने एक वृद्ध वानर का रूप धारण कर भीम के घमण्ड को चूर किया था। वह दिन ज्येष्ठ मास का मंगलवार ही था, जब हनुमान जी ने वृद्ध रूप में दर्शन दिए थे।

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बड़ा मंगल पूजा विधि और लाभ

इस विशेष दिन पर हनुमान जी को चोला चढ़ाना, सुंदरकांड का पाठ करना और हनुमान चालीसा का जाप करना अत्यंत फलदायी माना जाता है। मान्यता है कि ज्येष्ठ के मंगल के दिन बजरंगबली अपने पूर्ण स्वरूप में जागृत होते हैं और भक्तों के बड़े से बड़े संकट को क्षण भर में दूर कर देते हैं। लोग इस दिन बेसन के लड्डू या बूंदी का भोग लगाते हैं और राहगीरों को ठंडा पानी या शरबत पिलाकर पुण्य कमाते हैं। ऐसी श्रद्धा है कि इन आठ मंगलवारों के व्रत और पूजन से मंगल दोष का प्रभाव कम होता है और जीवन में सुख-समृद्धि का आगमन होता है।

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बड़े मंगलवार पर दुर्लभ संयोग

साल 2026 में अधिकमास लगने के कारण 8 बड़े मंगलवार का दुर्लभ संयोग बजरंगबली के भक्तों के लिए एक सुनहरा अवसर की तरह है। ऐसे में जितना हो सके इन दिनों व्रत रखें, मंदिर जाएं या घर पर ही भक्ति भाव से पूजा करें। भोग लगाते समय और पाठ करते समय मन में पूरी श्रद्धा रखें। गरीबों को प्रसाद बांटना और दान करना विशेष पुण्यदायी होगा।

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5 मई 2026 को ज्येष्ठ माह के पहला बड़ा मंगल है। इस दिन विधि-विधान से हनुमान जी की पूजा करें और इस दिन एकदम सात्विक जीवन अपनाएं।

डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों के पूर्णतया सत्य एवं सटीक होने का हम दावा नहीं करते हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।

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