कब मनेगी देव दिवाली, अभी से जान लें सही डेट, मुहूर्त व पूजाविधि
Kab hai Dev Diwali 2025: देव दिवाली कार्तिक पूर्णिमा के शुभ अवसर पर मनायी जाती है। इस दिन किसी पवित्र नदी में स्नान करने से व्यक्ति के तन, मन और वाणी से जुड़े सभी पापों का नाश होता है। इस साल सिद्धि योग में मनाई जाएगी देव दीपावली।

Kab hai Dev Diwali 2025: देव दिवाली को देव दीपावली, त्रिपुरोत्सव अथवा त्रिपुरारी पूर्णिमा के रूप में भी जाना जाता है, जो कार्तिक पूर्णिमा के शुभ अवसर पर मनायी जाती है। कार्तिक पूर्णिमा का दिन वर्ष की सभी पूर्णिमाओं में सर्वाधिक पवित्र माना गया है। इस दिन स्नान और दान का महत्व बताया गया है। इस दिन गंगा या किसी पवित्र नदी में स्नान करने से व्यक्ति के तन, मन और वाणी से जुड़े सभी पापों का क्षय होता है। इस तिथि को भगवान विष्णु ने धर्म की रक्षा के लिए मत्स्यावतार धारण किया था, वहीं भगवान शिव ने त्रिपुरासुर का संहार कर धर्म की स्थापना की थी। इस दिन चन्द्रोदय होने पर छहों कृतिकाओं का पूजन भी करना चाहिए।
कब मनेगी देव दिवाली, अभी से जान लें सही डेट, मुहूर्त
हिंदू पंचांग के अनुसार, कार्तिक मास की शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा इस साल 5 नवम्बर को सिद्धि योग में मनाई जाएगी। इस साल पंचांग के अनुसार, इस दिन सूर्योदय सुबह 6:30 मिनट पर और पूर्णिमा तिथि का मान शाम 7:16 मिनट तक रहेगा। दिन में अश्विनी नक्षत्र 10:19 मिनट तक और उसके बाद भरणी नक्षत्र रहेगा, जबकि सिद्धि योग दोपहर 1 बजे तक प्रभावी रहेगा। चंद्रमा की स्थिति मेष राशि में उच्चाभिलाषी होने से शुभ और फलदायी संयोग बन रहा है।
देव दिवाली क्यों मनाते हैं?
पौराणिक कथा के अनुसार, जब भगवान शिव ने त्रिपुरासुर का वध किया, तो देवताओं ने प्रसन्न होकर काशी में दीप जलाकर इस विजय का उत्सव मनाया था। तभी से कार्तिक पूर्णिमा को ‘देव दीपावली’ के रूप में मनाने की परंपरा आरंभ हुई। इस दिन मंदिरों सहित घरों व घाटों पर दीप जलाकर उत्सव मनाया जाता है।
डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।




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