3 मार्च को लगने वाला चंद्र ग्रहण किन देशों में आएगा नजर? जानें भारत में दिखेगा या नहीं
Lunar eclipse time in India: फाल्गुन मास की पूर्णिमा पर साल का पहला चंद्र ग्रहण लग रहा है। ज्योतिष शास्त्र में चंद्र ग्रहण की घटना को शुभ नहीं माना जाता है। जानें यह ग्रहण भारत में नजर आएगा या नहीं व किन देशों में देखा जा सकेगा

Lunar eclipse time in India: फाल्गुन मास की पूर्णिमा पर साल का पहला चंद्र ग्रहण लग रहा है। ज्योतिष शास्त्र में चंद्र ग्रहण की घटना को शुभ नहीं माना जाता है। जानें यह ग्रहण भारत में नजर आएगा या नहीं व किन देशों में देखा जा सकेगा। अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष एजेंसी नासा के मुताबिक पूर्ण चंद्रग्रहण के समय चांद पर पडने वाली पृथ्वी की छाया और वायुमंडल से छनकर सूर्य की किरणों के कारण उसका रंग लाल दिखाई देता है।
यह चंद्रग्रहण क्यों खास है?
चंद्रग्रहण 3 मार्च को सुबह 3.25 मिनट से लगेगा और शाम 6.47 बजे रहेगा। मोक्षकाल के बाद मंदिरों की सफाई कर सकते हैं और फिर भगवान की पूजा करें, स्नान करके। इस समय सूत काल भी खत्म हो जाएगा। आपको बता दें कि ग्रहण 25 मिनट तक दिखेगा, जो दिल्ली, मुबंई, यूपी और नोर्छ ईस्ट के शहरों में दिखेगा।
सूतक काल में क्या करें
सूतक काल लगते ही घर के मंदिर में पर्दा डाल देना चाहिए। इस दौरान ना पूजा करें और ना भगवान को स्पर्श करें। सूतक काल में खाना भी नहीं खाया जाता है, लेकिन बुजुर्ग और बच्चे इस समय खाना खा सकते हैं। इस दौरान खाने में तुलसी और कुशा ग्रास डालकर रखें, इससे खाना अशुद्ध नहीं होता है। इस दिन शुभ कार्य भी नहीं किए जाते हैं। चंद्र ग्रहण के दौरान आपको सोना नहीं चाहिए। भारत में चंद्र ग्रहण नजर आएगा, जिसके कारण इस ग्रहण का सूतक काल मान्य रहेगा। चंद्र ग्रहण का सूतक काल 09 घंटे पूर्व से मान्य होता है।
चंद्रग्रहण कहां दिखेगा
चन्द्रग्रहण चांद के उदय होने के साथ ही इसका अधिकांश और पूर्ण चरण नजर आने लगेगा। चंद्रग्रहण पूर्वोत्तर राज्य जैसे-नागालैंड, असम, मिजोरम, मणिपुर और अरूणाचल प्रदेश समेत बंगाल के उत्तर-पूर्वी एरिया में देखा जा सकता है। वहीं, दिल्ली, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र में आंशिक रूप से चंद्रग्रहण देखने को मिलेगा। चंद्रग्रहण को भारत के बाहर पाकिस्तान, ईरान, अफगानिस्तान, रूस, न्यूजीलैंड, ऑस्ट्रेलिया, उत्तरी व दक्षिणी अमेरिका व अंटार्कटिका में भी चंद्रग्रहण को देखा जा सकता है।
कब लगता है चंद्रग्रहण
जब पृथ्वी, सूर्य और चंद्रमा एक सीध में आ जाते हैं, तब पृथ्वरी की छाया चांद पर पडती है। इस दरम्यान सूर्य का प्रकाश पृथ्वी के वायुमंडल से गुजरते हुए लाल रंग में परिवर्तित होकर चंद्रमा तक पहुंचता है। इसी वजह से ग्रहण के समय चांद लाल-भूरे रंग का दिखाई देता है।




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