Holi 2026: धुलेंडी पर करें ये 5 शुभ कार्य, धन-समृद्धि बढ़ेगी और ग्रह दोषों से मिलेगी राहत
धुलेंडी सिर्फ रंगों का उत्सव नहीं है, बल्कि यह वह खास समय है जब आप अपनी सोई हुई किस्मत को जगा सकते हैं। धुलेंडी पर किए गए कुछ सरल लेकिन शुभ कार्य नकारात्मक ऊर्जा को दूर करते हैं, ग्रह दोषों को शांत करते हैं और घर में धन-समृद्धि, सुख-शांति का संचार करते हैं।

होली का पर्व सिर्फ रंगों का उत्सव नहीं है, बल्कि यह बुराई पर अच्छाई की जीत और जीवन में नई शुरुआत का प्रतीक है। होलिका दहन के अगले दिन मनाई जाने वाली धुलेंडी (रंगों वाली होली) पर कुछ विशेष कार्य करने से घर में धन-समृद्धि आती है, ग्रह दोष शांत होते हैं और रिश्तों में मिठास बढ़ती है। ज्योतिष और पुरानी मान्यताओं के अनुसार, इस दिन किए गए शुभ कार्य चमत्कारी फल देते हैं। आइए जानते हैं धुलेंडी पर करने वाले 5 सबसे प्रभावी शुभ कार्य और उनके लाभ।
1. पितरों और इष्ट देव को गुलाल अर्पित करें
धुलेंडी की सुबह सबसे पहले घर के मंदिर में इष्ट देव और देवी-देवताओं को गुलाल लगाएं। इसके बाद पितरों के चित्र या स्थान पर थोड़ा गुलाल रखें और उनका स्मरण करें। ऐसा करने से पूर्वजों का आशीर्वाद मिलता है और पितृ दोष शांत होता है। घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। मान्यता है कि गुलाल अर्पण से मन की नकारात्मकता दूर होती है और परिवार में सुख-शांति बनी रहती है।
2. बड़ों के चरणों में गुलाल लगाकर आशीर्वाद लें
धुलेंडी मेल-मिलाप और सम्मान का त्योहार है। इस दिन माता-पिता, गुरु और घर के बड़े-बुजुर्गों के पैरों में गुलाल लगाएं और उनके चरण स्पर्श कर आशीर्वाद लें। ज्योतिष के अनुसार, ऐसा करने से कुंडली के कई दोष शांत होते हैं। बुजुर्गों का आशीर्वाद ग्रहों की कृपा बढ़ाता है और जीवन के संघर्ष कम होते हैं। यह कार्य रिश्तों में मिठास लाता है और घर में सुख-समृद्धि बढ़ाता है।
3. भगवान नरसिंह का ध्यान और दान करें
होली की कथा भगवान नरसिंह और प्रह्लाद से जुड़ी है। धुलेंडी के दिन भगवान नरसिंह का स्मरण करें और उन्हें गुलाल अर्पित करें। इसके साथ अपनी सामर्थ्य अनुसार गुड़, अनाज, कपड़ा या धन का दान करें। ऐसा करने से शत्रुता दूर होती है और आर्थिक तंगी से मुक्ति मिलती है। इस दिन नरसिंह भगवान का नाम जपने से नकारात्मक ग्रहों का प्रभाव कम होता है और जीवन में विजय प्राप्त होती है।
4. घर के मुख्य द्वार पर गुलाल छिड़कें
नकारात्मक ऊर्जा को घर से दूर रखने के लिए धुलेंडी की सुबह मुख्य द्वार के दोनों ओर थोड़ा-थोड़ा लाल गुलाल छिड़कें। यह महालक्ष्मी को आमंत्रित करने और बुरी शक्तियों को रोकने का प्रतीकात्मक उपाय है। वास्तु और ज्योतिष के अनुसार, ऐसा करने से घर में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह बढ़ता है। धन-धान्य की वृद्धि होती है और ग्रह दोषों से राहत मिलती है। कई परिवार इस दिन द्वार पर गुलाल की स्वास्तिक भी बनाते हैं।
5. शत्रुता भुलाकर गले मिलें और माफी मांगें
होली 'दुश्मनी भूलने' का त्योहार है। इस दिन यदि किसी से मनमुटाव या पुरानी शत्रुता है, तो गुलाल लगाकर गले मिलें और माफी मांग लें। महाराज प्रेमानंद जी कहते हैं कि पुरानी कड़वाहट को छोड़ने से मन हल्का होता है और कुंडली में राहु-केतु जैसे ग्रहों का प्रभाव कम होता है। इससे सामाजिक प्रतिष्ठा बढ़ती है और भाग्य में वृद्धि होती है। रिश्तों में सुधार से घर में सुख-शांति बनी रहती है।
धुलेंडी का दिन सिर्फ रंग खेलने का नहीं, बल्कि जीवन को सकारात्मक दिशा देने का अवसर है। इन 5 शुभ कार्यों को अपनाकर आप नकारात्मकता को खत्म कर धन, समृद्धि और ग्रह शांति प्राप्त कर सकते हैं।




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