Hanuman Jayanti 2026: 1 या 2 अप्रैल हनुमान जयंती कब, शुभ मुहूर्त से शुभ संयोग के साथ हनुमान जी के 12 नामों को भी पढ़ें
hanuman jayanti kab hai:हनुमान जयंती चैत्र मास की पूर्णिमा तिथि को मनाई जाती है।इस दिन हस्त नक्षत्र और चित्रा नक्षत्र रहेगा, इसके अलावा धुव्र योग रहेगा।

हनुमान जयंती चैत्र मास की पूर्णिमा तिथि को मनाई जाती है।इस दिन हस्त नक्षत्र और चित्रा नक्षत्र रहेगा, इसके अलावा धुव्र योग रहेगा। इस दिन सूर्य रेवती नक्षत्र में रहेंगे। ग्रहों की बात की जाए तो सूर्य मीन राशि में, शनि मीन राशि में, शक्र मीन राशि में हैं। मीन राशि में तीन ग्रहों का संयोग बन रहा है। गुरु मिथन राशि में, राह कुंभ में, केतु सिंह राशि में और चंद्रमा कन्या राशि रहेंगे। यहां पढ़ें हनुमान जी की पूजा का शुभ मुहूर्त क्या है और उनके 12 नामों को लेने से क्या लाभ होता है?
कब है हनुमान जयंती, Hanuman Jayanti date 2026
1 अप्रैल को पूर्णिमा तिथि सुबह 7 .05 बजे से शुरू हो जाएगी और अगले दिन 7.45 बजे तक रहेगी। ऐसे में उदया तिथि में हनुमान जन्मोत्सव का पर्व 2 अप्रैल को मानाया जाएगा। ब्रह्म मुहूर्त में अगर हनुमान जी की पूजा करना चाहते हैं तो सुबह 05:58 से 06:42 तक कर सकते हैं। पूजा का अभीजीत महूर्त दोपहर 01:29 से 02:21 बजे तक रहेगा। विजय मुहूर्त 04:04 बजे से 04:56 तक रहेगा। इस दिन राहुकाल दोपहर 03:32 बजे से शाम 05:09 बजे तक रहेगा। इसके अलावा इस दिन यमगण्ड सुबह 07:26 बजे से सुबह 09:03 बजे तक रहेगा। यहां पढ़ें संपूर्ण हनुमान चालीसा
कौन से हैं हनुमान जी के 12 नाम
हनुमान ज के नामों के बारे में भी आपको पता होना चाहिए। हनुमान जी का एक नाम हनुमान तो है ही, दूसरा अञ्जनीसुनु, तीसरा वायुपुत्र, चौथा महाबल, पांचवां रामेष्ट (रामजीके)। प्रिय ), छठा फाल्गुनसाख (अर्जुनके मित्र), सातवां पिङ्गाक्ष (भूरे उत्सववाले), आठवा. अमितविक्रम, नवां उद्धिक्रमण (समुद्रको खोज करनेवाले), ग्यारहवां नाम है लक्ष्मणप्राणदाता ( लक्ष्मणको संजीवनीबूटीद्वार | शोकरूपी अग्निको अपने साथ लेल लंकाको जला जीवित करनेवाले) और दसवां नाम है,सीताशोक विनाशन( सीताजी के शोक को नाश करनेवाले) बारहवां नाम है--दशग्रवदर्पा (रावणके घमंड को दूर करनेवाले)। ग्यारहवां नाम है लक्ष्मणप्राणदाता ( लक्ष्मणको संजीवनीबूटीद्वार | शोकरूपी अग्निको अपने साथ लेल लंकाको जला जीवित करनेवाले) और बारहवां नाम है--दशग्रवदर्पा (रावणके घमंड को दूर करनेवाले)। ये बारह नाम बताए गएहैं। ऐसा कहा जाता है कि जो भी श्रीहनुमान के इन बारह नाम को रात में सोने का समय या प्रातः काल सूर्योदय पर या यात्रारम्भ के समय पाठ करता है, वह व्यक्ति के समग्र भय दूर हो जाते हैं।




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