hanuman jayanti 2026 date in april puja vidhi dos and donts Hanuman Jayanti 2026: अप्रैल में कब है हनुमान जयंती? नोट कर लें पूजा विधि, ना करें ये गलतियां, एस्ट्रोलॉजी न्यूज़ - Hindustan
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Hanuman Jayanti 2026: अप्रैल में कब है हनुमान जयंती? नोट कर लें पूजा विधि, ना करें ये गलतियां

Hanuman Jayanti 2026: हनुमान जन्मोत्सव के अवसर पर उनकी विशेष कृपा पाने के लिए कुछ नियमों का पालन करना जरूरी माना गया है। आइए जानते हैं हनुमान जयंती की पूजा विधि और इस दिन किन बातों का ध्यान रखना चाहिए।

Fri, 27 March 2026 03:53 PMDheeraj Pal लाइव हिन्दुस्तान
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Hanuman Jayanti 2026: अप्रैल में कब है हनुमान जयंती? नोट कर लें पूजा विधि, ना करें ये गलतियां

हनुमान जयंती का पर्व बेहद ही धूमधाम से मनाया जाता है। यह पावन पर्व चैत्र पूर्णिमा के दिन मनाया जाता है। धार्मिक मान्यताओं अनुसार इस दिन भगवान हनुमान का जन्म हुआ था। यही कारण है कि इस पर्व को हनुमान जन्मोत्सव के नाम से भी जाना जाता है। हनुमान जयंती पर भक्त बजरंगबली की विधि-विधान पूजा करते हैं और उनकी चालीसा का पाठ करते हैं। साथ ही मंदिर दर्शन के लिए जाते हैं। इस साल हनुमान जयंती 2 अप्रैल 2026, गुरुवार को मनाया जाएगा। पंचांग अनुसार पूर्णिमा तिथि की शुरुआत 1 अप्रैल 2026 की सुबह 07:06 बजे होगा और समापन 2 अप्रैल 2026 की सुबह 07:41 बजे होगा।

हनुमान जयंती का महत्व

मान्यता है कि इस दिन बजरंगबली की पूजा-अर्चना करने से सभी संकट दूर होते हैं और जीवन में सुख, शांति और समृद्धि का आगमन होता है। हनुमान जी की कृपा प्राप्त करने के लिए भक्त इस दिन मंदिर जाकर दर्शन-पूजन करते हैं और व्रत भी रखते हैं। हनुमान जन्मोत्सव के अवसर पर उनकी विशेष कृपा पाने के लिए कुछ नियमों का पालन करना जरूरी माना गया है। आइए जानते हैं हनुमान जयंती की पूजा विधि और इस दिन किन बातों का ध्यान रखना चाहिए।

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हनुमान जंयती 2026 पूजा विधि

हनुमान जयंती के दिन ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र धारण करें।
पूजा स्थान को गंगाजल से शुद्ध करें और वहां लाल या नारंगी कपड़ा बिछाएं।
उस पर हनुमान जी की प्रतिमा या चित्र स्थापित करें, साथ ही भगवान राम और माता सीता की तस्वीर भी रखें।
पूजा सामग्री में सिंदूर (चमेली के तेल के साथ), लाल फूल, माला, जनेऊ, दीपक, धूप, कपूर, नारियल, गुड़-चना, लड्डू, केला, पंचामृत और तुलसी पत्ते रखें।
गंगाजल, अक्षत और पुष्प लेकर संकल्प करें और अपनी मनोकामना मन ही मन व्यक्त करें।
सबसे पहले भगवान राम और माता सीता की पूजा करें, फिर हनुमान जी को गंगाजल से स्नान कराएं।
सिंदूर और चमेली के तेल से हनुमान जी को चोला चढ़ाएं, फिर वस्त्र और जनेऊ अर्पित करें।
लाल फूल और माला अर्पित करें, इसके बाद गुड़-चना, लड्डू, फल और पंचामृत का भोग लगाएं।
दीपक जलाकर धूप दिखाएं और हनुमान चालीसा या सुंदरकांड का पाठ करें।
अंत में आरती करें और पूजा में हुई किसी भी भूल के लिए क्षमा याचना करें।

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हनुमान जयंती पर क्या करें और क्या नहीं

1. हनुमान जी की पूजा में चरणामृत का प्रयोग नहीं किया जाता, इसलिए इसे अर्पित करने से बचें।

2. हनुमान जयंती, मंगलवार और शनिवार के दिन व्रत रखने वाले भक्तों को नमक का सेवन नहीं करना चाहिए।

3. पूजा के समय काले या सफेद कपड़े पहनने से बचें। लाल या पीले वस्त्र धारण करना शुभ माना जाता है।

4. हनुमान जी बाल ब्रह्मचारी माने जाते हैं, इसलिए महिलाओं को उनकी प्रतिमा को स्पर्श करने से बचना चाहिए।

5. यदि महिलाएं सिंदूर अर्पित करना चाहें, तो वह चरणों में अर्पित कर सकती हैं।

6. हनुमान जयंती के दिन ब्रह्मचर्य का पालन करें और किसी भी प्रकार के दांपत्य संबंध से दूर रहें।

7. इस दिन बंदरों को चना, फल या टमाटर खिलाना पुण्यकारी माना जाता है।

8. पूजा में दीपक की बाती लाल कलावा या लाल सूत की ही होनी चाहिए।

9. हनुमान जी की पूजा के साथ भगवान श्रीराम, माता सीता, लक्ष्मण जी और माता अंजनी की भी पूजा अवश्य करें।

10. हनुमान जयंती से एक दिन पहले ही मांस और मदिरा का त्याग कर शुद्ध आचरण व ब्रह्मचर्य का पालन शुरू कर देना चाहिए।

हनुमान जयंती पर करें इन मंत्रों का जाप

1. ॐ नमो हनुमते रुद्रावताराय सर्वशत्रुसंहारणाय सर्वरोगहराय सर्ववशीकरणाय रामदूताय स्वाहा!

2. ॐ हं हनुमंते नमः

ॐ हं हनुमते रुद्रात्मकाय हुं फट

3. ॐ नमो हनुमते आवेशाय आवेशाय स्वाहा

ॐ ऋणमोचन हनुमते नमः

4. आदिदेव नमस्तुभ्यं सप्तसप्ते दिवाकर। त्वं रवे तारय स्वास्मानस्मात्संसार सागरात॥

5.अतुलितबलधामं हेमशैलाभदेहं। दनुजवनकृशानुं ज्ञानिनामग्रगण्यम्॥

सकलगुणनिधानं वानराणामधीशं। रघुपतिप्रियभक्तं वातजातं नमामि॥

डिस्क्लेमरः इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।

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