Hanuman chalisa: शनिवार को करें हनुमान चालीसा का पाठ, अर्पित करें तुलसी की माला
हनुमान चालीसा का पाठ शनिवार और मंगलवार या किसी भी दिन किया जा सकता है। गोस्वामी तुलसीदास ने इसे लिखा है, कहा जाता है कि हनुमान चालीसा का पाठ करने से नेगेटिव शक्ति पास नहीं आती और डर और भय दूर हो जाता है। अगर रात को आपको बुरे सपने आते हैं,

हनुमान चालीसा का पाठ शनिवार और मंगलवार या किसी भी दिन किया जा सकता है। गोस्वामी तुलसीदास ने इसे लिखा है, कहा जाता है कि हनुमान चालीसा का पाठ करने से नेगेटिव शक्ति पास नहीं आती और डर और भय दूर हो जाता है। अगर रात को आपको बुरे सपने आते हैं, तो रात को सोने से पहले शुद्ध होकर आप हनुमान चालीसा का पाठ करें तो इससे बुरे सपने नहीं आते और मानसिक तनाव दूर होता है। हनुमान चालीसा का पाठ करने की शर्त है कि आप मन, तन से शुद्ध होने चाहिए और कहीं शुद्ध जगह पर ही हनुमान चालीसा का पाठ करें।
हनुमान जी को अर्पित की जाती है तुलसी
ऐसा कहा जाता है कि हनुमान जी को तुलसी बहुत अधिक पसंद है, उन्हें तुलसी की माला चढ़ाने से वो प्रसन्न होते है। दरअसल इसका कनेक्शन भगवान राम से है ऐसा कहा जातैा है कि भगवान राम को जब बहुत भूख लगी थी तो माता सीता ने उन्हें तुलसी के पत्ते डालकर दिए, जिससे उनकी भूख शांत हुई। इसलिए तभी से हनुमान जी को भी तुलसी की माता अर्पित की जाती है।
मंगलवार , शनिवार के दिन हनुमान चालीसा क्यों पढें
मंगलवार मंगल ग्रह से जुड़ा हुआ है, मंगल के प्रभाव से गुस्सा और मंगल दोष आते हैं, और हनुमान जी इन्हीं मंगलदोषों को दूर करने में मदद करते हैं, इसलिए मंगलवार के दिन हमें हनुमान चालीसा पढ़नी चाहिए। शनिवार का दिन कर्मफलदाता शनिदेव को समर्पित है। ऐसा कहा जाता है कि शनिदेव हनुमान जी से कांपते, इसलिए जो हनुमान जी की भक्ति करता है, शनिदेव का प्रभाव उससे कम होता है। इसलिए शनिवार को भी हनुमान चालीसा पढ़ी जाती है और हनुमान जी की पूजा की जाती है। इससे शनिदोष कम प्रभाव डालते हैं।
हनुमान जी की ये चौपाई हैं बहुत खास
हनुमान चालीसा कई ऐसे दोहे और चौपाई हैं, जिनमें ऐसे राज छिपे हैं, जिससे भक्ति, शक्ति और भगवान की कृपा पाई जा सकती है।नासै रोग हरे सब पीरा। जपत निरन्तर हनुमत बीरा।।" हनुमान जी जो लोग ध्यान और जाप करते हैं, उनके सभी रोगों को भगवान हर लेते हैं। अगर आप किसी नेगेटिव शक्ति से डर रहे हैं, तो आपको हनुमान जी की इस चौपाई का पाठ करना चाहिए। भूत पिसाच निकट नहिं आवै। महाबीर जब नाम सुनावै।। बिद्यावान गुनी अति चातुर। काज करिबे को आतुर।। हनुमान जी स्वयं विद्यावान, गुणी और चतुर हैं। छात्रों को एकाग्रता बढ़ाने के लिए इस चौपाई का ध्यान करना चाहिए।




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