Gemstone: इन तारीखों पर जन्मे लोगों के लिए लकी होता है मोती, पहनते वक्त जरूर पढे़ें ये मंत्र
रत्नशास्त्र में मोती को विशेष रत्न का दर्जा दिया गया है। आज जानेंगे कि आखिर ये किस मूलांक वालों के लिए सबसे लकी साबित होता है?

रत्नशास्त्र की दुनिया अपने आप में खूबसूरत है। एक से एक रत्न हैं जो किसी की भी जिंदगी को सही राह पर ला सकते हैं। अगर ज्योतिषीय सलाह के आधार पर सही रत्न धारण किया जाए तो जिंदगी में आने वाली बाधाएं कम हो जाती हैं। कुंडली में बैठे ग्रहों की स्थिति के आधार पर ही ज्योतिषी किसी रत्न को पहनने की सलाह देते हैं। अगर कोई गलत रत्न धारण कर लेता है तो इसका विपरीत प्रभाव भी पड़ता है। जहां एक ओर ज्योतिषीय सलाह और राशि को ध्यान में रखकर रत्न धारण किए जाते हैं। वहीं सिर्फ मूलांक के आधार पर भी रत्न पहन सकते हैं। आज बात करेंगे उस रत्न की जो सौम्यता प्रदान करने के साथ-साथ गुस्से को भी शांत करता है। नीचे जानें आखिर मोती किस मूलांक वालों के लिए लकी होता है?
इस मूलांक के लिए लकी है मोती
जिन लोगों की कुंडली में चंद्रमा की स्थिति कमजोर होती है, उन्हें मोती पहनने के लिए कहा जाता है। वहीं मूलांक 2 वालों के लिए भी ये रत्न काफी सूटेबल होता है। मूलांक 2 वाले चंद्रमा से गवर्न होते हैं। ऐसे में मोती इनकी जिंदगी में स्टेबिलिटी लेकर आता है। इसे धारण करते ही मूलांक 2 वाले जातकों को मानसिक शांति मिलती है। साथ ही इनके इमोशनंस बैलेंस होने लगते हैं। अगर किसी भी तरह का तनाव होता है तो वो मोती की एनर्जी की वजह से धीरे-धीरे खत्म होने लगता है। इसके अलावा मोती की मदद से कॉन्फिडेंस लेवल बढ़ता है और नींद बेहतर होती है। कुल मिलाकर मोती मूलांक 2 वालों की जिंदगी में पॉजिटिविटी लेकर आता है।
धारण करते वक्त करें इस मंत्र का जाप
हर रत्न को धारण करने के लिए एक विशेष दिन होता है। ऐसे ही अगर मोती को सोमवार के दिन पहना जाए तो ये फलदायी होता है। सोमवार के दिन गंगाजल और दूध से पहले मोती को शुद्ध कर लें। इसके बाद ॐ चंद्राय नमः मंत्र का जाप 108 बार करें। आप चाहे तो ॐ सोमाय नमः मंत्र का भी जाप कर सकते हैं। मोती को हमेशा दाहिने हाथ की सबसे छोटी उंगली जिसे कनिष्ठा कहा जाता है, उसमें पहन लें। माना जाता है कि मोती को गोमेद और नीलम के साथ कभी भी धारण नहीं करना चाहिए।
डिस्क्लेमर- (इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए रत्नशास्त्र विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।)




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