रत्न शास्त्र: पुखराज की अंगूठी किस हाथ की उंगली में पहननी चाहिए? जानिए नियम
पुखराज रत्न धारण करने से धन-समृद्धि में वृद्धि होती है। लेकिन हर रत्न को धारण करने का नियम होता है। अगर इस रत्न को सही तरीके से धारण ना किया जाए, तो इसका अशुभ परिणाम मिलता है। वहीं, बिना किसी ज्योतिष सलाह के कोई भी रत्न नहीं धारण करना चाहिए। चलिए जानते हैं कि पुखराज को किस उंगली में धारण करना चाहिए।

ज्योतिष शास्त्र में रत्न शास्त्र का खास महत्व होता है। रत्न शास्त्र के मुताबिक पुखराज रत्न एक शक्तिशाली रत्न है, जिसे पहनने के कई फायदे हैं। यह बृहस्पति ग्रह का रत्न होता है। बृहस्पति को देवगुरू, ज्ञान का कारक कहकर परिभाषित किया गया है। जन्मकुण्डली में गुरू बलवान होने पर व्यक्ति ज्ञानवान और सद्गुण संपन्न होता है क्योंकि नवग्रहों में बृहस्पति सर्वाधिक शुभ ग्रह है। ऐसे में पुखराज रत्न धारण करने से धन-समृद्धि में वृद्धि होती है। लेकिन हर रत्न को धारण करने का नियम होता है। अगर इस रत्न को सही तरीके से धारण ना किया जाए, तो इसका अशुभ परिणाम मिलता है। साथ ही बिना किसी ज्योतिष सलाह के कोई भी रत्न नहीं धारण करना चाहिए। चलिए जानते हैं कि पुखराज को किस उंगली में धारण करना चाहिए।
लाभ
ज्योतिष शास्त्र के मुताबिक पुखराज को सोने या पीतल की अंगूठी में धारण किया जाता है। मान्यता है कि इससे मानसिक शांति, आत्मविश्वास और सकारात्मक ऊर्जा मिलती है। यह रत्न साधारणतः पीले, सुनहरे और हल्के नारंगी रंगों में उपलब्ध होता है।
कौन कर सकता है धारण
पुखराज रत्न को बृहस्पति ग्रह को मजबूत करने के लिए धारण किया जाता है। इस रत्न को मुख्य रूप से धनु और मीन राशि के जातकों के लिए शुभ माना गया है। यह रत्न शिक्षा, धन, वैवाहिक जीवन और संतान सुख में सुधार लाने में मदद करता है। वहीं, वृषभ, कन्या, मिथुन और तुला राशि के जातकों को इसे पहनने से पहले ज्योतिष विशेषज्ञ से परामर्श करना चाहिए।
पहनने की विधि
- पुखराज को गुरुवार के दिन पहनना सबसे शुभ माना जाता है।
- पुखराज को सोने या पीतल की अंगूठी में जड़वाना चाहिए।
- पुखराज पहनने से पहले इसे दूध, गंगाजल, शहद और तुलसी के पत्तों के जल में डुबोकर शुद्ध करें।
- फिर बृहस्पति मंत्र “ॐ बृं बृहस्पतये नमः” का जाप करें।
- पुखराज की अंगूठी को दाहिने हाथ की तर्जनी उंगली में सूर्योदय के समय पहनना शुभ होता है।
डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों के पूर्णतया सत्य एवं सटीक होने का हम दावा नहीं करते हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।




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