For how many days should you wear the sacred thread kalawa Avoid these mistakes after wearing know rules कितने दिनों तक कलावा बांधना चाहिए? पहनने के बाद ना करें ये गलतियां, जानिए नियम, एस्ट्रोलॉजी न्यूज़ - Hindustan
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कितने दिनों तक कलावा बांधना चाहिए? पहनने के बाद ना करें ये गलतियां, जानिए नियम

धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक कलावा को लेकर कहा जाता है कि भगवान विष्णु के वामन अवतार ने असुरों के राजा बलि की कलाई पर कलावा बांधा था। पूजा-पाठ, हवन आदि के बाद पंडितजी त्रिदेवों और ईष्ट देव का आह्वान करते हुए प्रतिष्ठित कलावा कलाई पर बांधते है।

Mon, 29 Dec 2025 04:38 PMDheeraj Pal लाइव हिन्दुस्तान
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कितने दिनों तक कलावा बांधना चाहिए? पहनने के बाद ना करें ये गलतियां, जानिए नियम

हिंदू धर्म में कलावा का खास महत्व होता है। इसे किसी शुभ और मंगल कार्य में पूजा पाठ के बाद हाथ में बांधा जाता है। इसे मौली या रक्षा सूत्र के ना जाता है। मान्यता है कि कलावा सकारात्मक ऊर्जा का संचार करता है और बुरी ताकतों से रक्षा करता है। लेकिन कुछ लोग इसे कई दिनों तक बांधे रहते हैं। ऐसे में सवाल यह है कि कलावा को कितने दिनों के बाद बदलना चाहिए। चलिए इसके पहनने के नियम क्या है?

धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक कलावा को लेकर कहा जाता है कि भगवान विष्णु के वामन अवतार ने असुरों के राजा बलि की कलाई पर कलावा बांधा था। वहीं पूजा-पाठ, हवन आदि के बाद पंडितजी त्रिदेवों और ईष्ट देव का आह्वान करते हुए प्रतिष्ठित कलावा कलाई पर बांधते है।

कलावा बांधने के नियम-
- कलावा बंधवाते समय मुट्ठी बंद रखनी चाहिए और सिर ढंकना चाहिए।
- कलावा को कलाई में 3, 5 या 7 बार लपेटना शुभ माना गया है।
- धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक पुरुषों और अविवाहित कन्याओं के दाएं हाथ में जबकि शादीशुदा महिलाओं को रक्षा सूत्र बाएं हाथ में बंधवाना चाहिए।
- बंद मुट्ठी में दक्षिणा जरूर रखें। यह दक्षिणा कलावा बांधने वाले को देना चाहिए.।

कब उतारें
कलावा को लंबे समय तक कलाई पर नहीं बांधना चाहिए। जब उसका रंग निकलने लगता है या टूटने लगे, तो उसे पहने रहना अशुभ होता है। ऐसे में कलावा उतार देना चाहिए। मान्यतानुसार, कलावा हाथ में 21 दिन तक बंधे रहने देना चाहिए। इसके बाद उसे उतार देना चाहिए। क्योंकि 21 दिन बाद इसका सकारात्मक प्रभाव खत्म हो जाता है।

क्या करें
कलावा उतारने के बाद उसे इधर-उधर ना फेंके। उसे घर में किसी गमले की मिट्टी में दबा दना चाहिए। कच्चे धागे से बना कलावा आसानी से प्रकृति में वापस मिल जाता है। इसके अलावा कलावा को किसी पेड़ में बांध सकते हैं या किसी नदी में बहा सकते हैं।

कलावा बांधते समय कौन-सा मंत्र बोलते हैं-

कलावा बांधते वक्त ये मंत्र बोले-

येन बद्धो बली राजा दानवेन्द्रो महाबलः।
तेन त्वामनुबध्नामि रक्षे मा चल मा चल॥

डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों के पूर्णतया सत्य एवं सटीक होने का हम दावा नहीं करते हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।

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