Dussehra Kab Hai : दशहरा किस दिन है? जानें सही डेट, मुहूर्त, पूजा विधि
Dussehra Kab Hai : हिंदू पंचांग के अनुसार हर साल आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को विजयदशमी या दशहरा मनाया जाता है। यह पर्व असत्य पर सत्य, और अन्याय पर न्याय की जीत का प्रतीक है। इसी दिन भगवान श्रीराम ने लंकापति रावण का वध किया था।

Dussehra Kab Hai : हिंदू पंचांग के अनुसार हर साल आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को विजयदशमी या दशहरा मनाया जाता है। यह पर्व असत्य पर सत्य, और अन्याय पर न्याय की जीत का प्रतीक है। इसी दिन भगवान श्रीराम ने लंकापति रावण का वध किया था और माता दुर्गा ने महिषासुर का संहार किया। इस साल यह पर्व 2 अक्टूबर (गुरुवार) को धूमधाम से मनाया जाएगा। धार्मिक दृष्टि से इस दिन अस्त्र-शस्त्र पूजन, पुस्तकों, वाहन और औजारों की पूजा करने का भी विशेष महत्व है। आध्यात्मिक रूप से देखा जाए तो दशहरा हमें अपने अंदर की नकारात्मकताओं- जैसे क्रोध, अहंकार, आलस्य और असत्य को समाप्त करने और सकारात्मकता, साहस, धर्म और मर्यादा को अपनाने की प्रेरणा देता है। इस दिन को नए कार्यों की शुरुआत के लिए भी शुभ माना जाता है।
शुभ मुहूर्त
– दशमी तिथि आरंभ: 1 अक्टूबर 2025, शाम 7:01 बजे
– दशमी तिथि समाप्त: 2 अक्टूबर 2025, रात 7:10 बजे
– पूजन का शुभ समय: अपराह्न 2:09 बजे से 2:56 बजे तक
पूजा-विधि:
सुबह स्नान करके घर को शुद्ध करें।
घर के उत्तर-पूर्व कोने को पूजा के लिए तैयार करें।
गंगाजल छिड़काव कर जगह को पवित्र करें।
अपराजिता देवी को स्मरण करते हुए अष्टदल बनाएं।
भगवान राम और हनुमान जी की पूजा करें। रामायण पाठ, सुंदरकांड, हनुमान चालीसा का पाठ करें।
अस्त्र-शस्त्र पूजन: तलवार, वाहन, किताबें, औजार सबका पूजन करें।
आरती और प्रसाद: पूजा के बाद आरती करें, भोग लगाएं और परिवार व मित्रों में प्रसाद बांटें।
रावण दहन: शाम को रावण, मेघनाद, कुम्भकर्ण की प्रतिमाओं का दहन किया जाता है।
दशहरे के दिन क्या करें
– यह दिन नकारात्मकता को छोड़कर नई शुरुआत का प्रतीक है।
– शमी वृक्ष की पूजा कर पत्तियां बांटना शुभ माना जाता है।
– इस दिन नया काम, नया व्यवसाय, नया वाहन या नया घर लेने का भी महत्व है।
– इस दिन पुस्तकों, औजारों और वाहनों की पूजा से समृद्धि आती है।
– इस पावन दिन हनुमान जी की विशेष पूजा करने से बाधाएं दूर होती हैं।
– इस दिन अहंकार, क्रोध, और किसी भी तरह की बुरी आदत को त्यागने का संकल्प लें।
– घर में साफ-सफाई और पूजा स्थल को सुंदर बनाएं।
– वाहन या मशीनरी का पूजन करें। ऐसा करने से दुर्घटना और बाधाएं दूर होती हैं।




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