दशहरा क्यों मनाया जाता है? जानें इस पर्व से जुड़ी पौराणिक कथाएं व रावण दहन का उत्तम मुहूर्त
Why we celebrate vijayadashami: हिंदू धर्म में दशहरा का पर्व असत्य पर सत्य की जीत का प्रतीक माना जाता है। दशहरा को विजयादशमी के नाम से भी जानते हैं। जानिए क्यों मनाया जाता है दशहरा का पर्व।

Dussehrakyu manaya jata hai: शारदीय नवरात्रि के नौ दिनों के बाद दशमी तिथि को दशहरा का त्योहार मनाया जाता है। हिंदू पंचांग के अनुसार, हर साल दशहरा आश्विन माह के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को मनाया जाता है। इस साल दशहरा 2 अक्तूबर 2025 को है। यह पर्व बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है। दशहरा का त्योहार विजयादशमी के नाम से भी जाना जाता है। दशहरे के दिन शुभ मुहूर्त में रावण दहन किया जाता है। हिंदू धर्म ग्रंथों में दशहरा का पर्व मनाने को लेकर कई पौराणिक कथाएं प्रचलित हैं। जानें क्यों मनाया जाता है दशहरा का त्योहार व रावण दहन का शुभ मुहूर्त।
दशहरा क्यों मनाया जाता है: हिंदू धर्म के पवित्र ग्रंथ रामायण में उल्लेख मिलता है कि इस दिन भगवान राम ने लंकापति रावण का वध किया था। जब भगवान राम 4 वर्षों का वनवास काट रहे थे, उस दौरान रावण ने छल से माता सीता का हरण किया था। इसके बाद भगवान राम और लक्ष्मण जी ने मिलकर सीता माता की खोज करना शुरू किया था। माता सीता की तलाश करते समय उनकी मुलाकात हनुमान जी से हुई। हनुमान जी ने माता सीता का पता लगाया था। उसके बाद भगवान राम व रावण के बीच भयंकर युद्ध हुआ। रावण पर विजय पाने के लिए भगवान राम ने नौ दिनों तक मां दुर्गा की उपासना की और 10वें दिन रावण का वध किया था। उसके बाद ही नवरात्रि की दशमी तिथि को दशहरा का पर्व मनाया जाने लगा।
राक्षस महिषासुर का मर्दन: दूसरी पौराणिक कथा के अनुसार, मां दुर्गा ने राक्षस महिषासुर का वध किया था। दोनों के बीच पूरे नौ दिनों तक भयंकर युद्ध हुआ था और दसवें दिन मां दुर्गा ने महिषासुर का अंत करके संसार को उसके भय व अत्याचारों से मुक्ति दिलाई थी। यही कारण है कि आश्विन माह के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को विजयादशमी के रूप में मनाते हैं।
रावण दहन का शुभ मुहूर्त 2025: दशहरे के दिन रावण, कुंभकर्ण व मेघनाथ के पुतले जलाकर बुराई पर अच्छाई की जीत का उत्सव मनाया जाता है। इस बार रावण दहन का शुभ मुहूर्त शाम 06 बजकर 03 मिनट से शाम 07 बजकर 10 मिनट तक रहेगा।
डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। इन्हें अपनाने से पहले संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।




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