Chardham Yatra 2026: चारधाम यात्रा आज से होगी शुरू, दोपहर में खुलेंगे गंगोत्री-यमुनोत्री धाम के पट, जानिए पूरा शेड्यूल
चारधाम यात्रा 2026 की आज से शुरुआत हो रही है। सबसे पहले यमुनोत्री और गंगोत्री धाम के पट दोपहर में खोले जाएंगे। आइए इस लेख के माध्यम से चारधाम यात्रा 2026 का पूरा शेड्यूल जानते हैं।

चारधाम यात्रा 2026 का शुभारंभ आज 19 अप्रैल 2026 को हो रहा है। अक्षय तृतीया के पावन दिन पर हिमालय की गोद में बसे ये चार पवित्र धाम भक्तों के लिए खुल रहे हैं। दोपहर 12:15 बजे गंगोत्री धाम के कपाट खोले जाएंगे और ठीक 12:35 बजे यमुनोत्री धाम के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खुले जाएंगे। इस बार अक्षय तृतीया के शुभ योगों में यात्रा शुरू होने से इसका महत्व और भी बढ़ गया है।
चारधाम यात्रा 2026 का पूरा शेड्यूल
चारधाम यात्रा 2026 आज से शुरू हो रही है।
- यमुनोत्री धाम: 19 अप्रैल 2026
- गंगोत्री धाम: 19 अप्रैल 2026
- केदारनाथ धाम: 22 अप्रैल 202
- बद्रीनाथ धाम: 23 अप्रैल 2026
अक्षय तृतीया पर शुरू होने के कारण इस साल की चारधाम यात्रा को विशेष मंगलकारी माना जा रहा है।
यमुनोत्री धाम: यात्रा का पहला पड़ाव
चारधाम यात्रा की शुरुआत यमुनोत्री धाम से होती है। 19 अप्रैल को इसके कपाट खुलेंगे। यमुनोत्री में मां यमुना की काले संगमरमर की मूर्ति स्थापित है। यहां सूर्यकुंड और गर्म पानी के झरने भक्तों को आकर्षित करते हैं। यमुनोत्री के दर्शन से आयु, आरोग्य और पापों से मुक्ति मिलती है। यात्रा शुरू करने वाले श्रद्धालु पहले यहीं दर्शन करते हैं और फिर आगे बढ़ते हैं।
गंगोत्री धाम: गंगा मां का पवित्र स्थल
गंगोत्री धाम 19 अप्रैल 2026 को दोपहर 12:15 बजे खुलेगा। यह धाम गंगा नदी का उद्गम स्थल है। यहां गंगा मां की मूर्ति स्थापित है। मान्यता है कि राजा भागीरथ ने यहीं तपस्या करके गंगा को धरती पर उतारा था। गंगोत्री के दर्शन से पापों का नाश होता है और मोक्ष की प्राप्ति होती है।
केदारनाथ धाम: भगवान शिव का ज्योतिर्लिंग
केदारनाथ धाम 22 अप्रैल 2026 को सुबह 8 बजे खुलेगा। यह भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक है। यहां शिवलिंग बैल की पीठ के आकार में विराजमान है। पांडवों की भक्ति से प्रसन्न होकर भगवान शिव ने यहां दर्शन दिए थे। केदारनाथ यात्रा श्रद्धालुओं को आंतरिक शक्ति और शांति प्रदान करती है।
बद्रीनाथ धाम: भगवान विष्णु का धाम
चारधाम यात्रा का अंतिम धाम बद्रीनाथ 23 अप्रैल 2026 को खुलेगा। यहां भगवान विष्णु नर-नारायण रूप में विराजमान हैं। यह धाम तपस्या और मोक्ष का प्रमुख केंद्र है। बद्रीनाथ के दर्शन से भक्तों को वैकुंठ प्राप्ति का फल मिलता है।
यात्रा की तैयारी
चारधाम यात्रा 2026 में भारी भीड़ होने की संभावना है। श्रद्धालु स्वास्थ्य का पूरा ध्यान रखें, गर्म कपड़े और आरामदायक जूते साथ रखें। यात्रा मार्ग पर मौसम अचानक बदल सकता है, इसलिए सावधानी बरतें। धर्म विशेषज्ञों की मानें, तो अक्षय तृतीया के शुभ योग में शुरू हो रही यह यात्रा भक्तों के लिए विशेष फलदायी सिद्ध होगी।




साइन इन