chaitra navratri 2026 24 march day 6 katyayani puja vidhi chant these mantra to get her blessings Chaitra Navratri 2026: नवरात्रि के छठे दिन मां कात्यायनी की पूजा, इन मंत्रों के जाप से मिलेगा माता रानी का आशीर्वाद, एस्ट्रोलॉजी न्यूज़ - Hindustan
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Chaitra Navratri 2026: नवरात्रि के छठे दिन मां कात्यायनी की पूजा, इन मंत्रों के जाप से मिलेगा माता रानी का आशीर्वाद

चैत्र नवरात्रि 2026 के छठे दिन 24 मार्च को मां कात्यायनी की विधिवत पूजा कैसे करें? जानिए मां कात्यायनी का स्वरूप, महत्व, सही पूजा विधि, मुख्य मंत्र , उपाय और जाप के फायदे। इन मंत्रों और पूजा से साहस, विजय और माता रानी का विशेष आशीर्वाद प्राप्त होता है।

Mon, 23 March 2026 02:40 PMNavaneet Rathaur लाइव हिन्दुस्तान
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Chaitra Navratri 2026: नवरात्रि के छठे दिन मां कात्यायनी की पूजा, इन मंत्रों के जाप से मिलेगा माता रानी का आशीर्वाद

चैत्र नवरात्रि का छठा दिन मां दुर्गा के छठे स्वरूप मां कात्यायनी को समर्पित है। 2026 में यह दिन कल 24 मार्च को पड़ रहा है। देवी भागवत पुराण और अन्य देवी पुराणों में मां कात्यायनी को आदिशक्ति का अत्यंत शक्तिशाली रूप बताया गया है। इनकी उपासना से भक्तों को साहस, धर्मयुद्ध में विजय, शत्रु नाश और मनोकामनाओं की पूर्ति प्राप्त होती है। आइए जानते हैं मां कात्यायनी की पूजा विधि, भोग, मंत्र और महत्व।

मां कात्यायनी का स्वरूप और महत्व

मां कात्यायनी का स्वरूप दिव्य और तेजस्वी है। इनका वर्ण स्वर्ण के समान चमकीला है। ये सिंह पर विराजमान रहती हैं और चार भुजाओं वाली हैं। एक हाथ में तलवार, दूसरे में कमल, तीसरे में अभय मुद्रा और चौथे में वर मुद्रा है। देवी भागवत पुराण में इनका वर्णन युद्धशील और दानवघातिनी के रूप में किया गया है। महर्षि कात्यायन की कठोर तपस्या से प्रसन्न होकर देवी ने उनके घर पुत्री रूप में जन्म लिया, इसलिए नाम कात्यायनी पड़ा। इनकी पूजा से साहस, विजय और नकारात्मकता का नाश होता है।

मां कात्यायनी की पूजा विधि

पूजा के लिए सुबह ब्रह्म मुहूर्त में स्नान करें। नारंगी या लाल रंग के वस्त्र धारण करें। पूजा स्थल पर लाल या पीला वस्त्र बिछाएं। मां कात्यायनी की मूर्ति या तस्वीर स्थापित करें। कुमकुम, रोली, अक्षत, चंदन और नारंगी फूल (गेंदा) अर्पित करें। एक पान चढ़ाकर अपनी मनोकामना कहें। घी का दीपक और अगरबत्ती जलाएं। मां की कथा पढ़ें या सुनें, आरती उतारें। सुबह-शाम इसी विधि से पूजा करें। दान में संतरा, शहद, कपड़े, जूते-चप्पल या सुहाग सामग्री दें।

मां कात्यायनी का भोग और प्रसाद

मां कात्यायनी को शहद का भोग बहुत प्रिय है। हलवा, मीठा पान, खीर या मौसमी फल भी अर्पित कर सकते हैं। भोग सात्विक रखें और लहसुन-प्याज से परहेज करें। भोग लगाते समय मंत्र जप करें और प्रसाद सभी को बांटें। प्रसाद ग्रहण करने से मां की कृपा प्राप्त होती है और घर में सुख-शांति बनी रहती है।

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मां कात्यायनी के प्रमुख मंत्र और जाप

  • मूल मंत्र: ॐ देवी कात्यायन्यै नमः॥
  • प्रार्थना मंत्र: चन्द्रहासोज्ज्वलकरा शार्दूलवरवाहना। कात्यायनी शुभं दद्याद् देवी दानवघातिनी॥
  • स्तुति मंत्र: या देवी सर्वभूतेषु मां कात्यायनी रूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥
  • बीज मंत्र: क्लीं श्री त्रिनेत्रायै नमः॥

इन मंत्रों का जाप 108 या 1008 बार करें। जाप के दौरान माला का उपयोग करें और मन को एकाग्र रखें। इससे साहस, एकाग्रता और विजय की प्राप्ति होती है।

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मां कात्यायनी की पूजा के लाभ और उपाय

मां कात्यायनी की पूजा से भय, शत्रु और बाधाएं दूर होती हैं। विवाहित महिलाओं को सौभाग्य और सुहाग की प्राप्ति होती है। नवरात्रि के छठे दिन इनकी आराधना से मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।

विशेष उपाय: नारंगी फूलों की माला चढ़ाएं, शहद का दान करें और 'ॐ कात्यायन्यै नमः' का जाप करें। व्रत रखें और कथा सुनें। इन उपायों से माता रानी का आशीर्वाद अवश्य प्राप्त होता है।

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नवरात्रि के छठे दिन मां कात्यायनी की श्रद्धापूर्वक पूजा करें। मंत्र जाप और भोग से मां प्रसन्न होंगी।

डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों के पूर्णतया सत्य एवं सटीक होने का हम दावा नहीं करते हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।

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