chaitra navratri 2026 durgashtami mahagauri puja vidhi kanya pujan upay and mantras to get her blessings Chaitra Navratri 2026: दुर्गाष्टमी पर ऐसे करें मां दुर्गा की पूजा, जरूर करें ये खास उपाय, मनोकामना पूरी होने की मान्यता, एस्ट्रोलॉजी न्यूज़ - Hindustan
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Chaitra Navratri 2026: दुर्गाष्टमी पर ऐसे करें मां दुर्गा की पूजा, जरूर करें ये खास उपाय, मनोकामना पूरी होने की मान्यता

चैत्र नवरात्रि 2026 की दुर्गाष्टमी र मां महागौरी की विधिवत पूजा कैसे करें? जानिए सही पूजा विधि, मुख्य मंत्र, भोग, कन्या पूजन मुहूर्त, संधि पूजा समय और विशेष उपाय। इन उपायों से मनोकामनाएं पूरी होने और घर में सुख-समृद्धि की प्राप्ति की मान्यता है।

Mon, 23 March 2026 11:10 AMNavaneet Rathaur लाइव हिन्दुस्तान
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Chaitra Navratri 2026: दुर्गाष्टमी पर ऐसे करें मां दुर्गा की पूजा, जरूर करें ये खास उपाय, मनोकामना पूरी होने की मान्यता

चैत्र नवरात्रि के आठवें दिन को दुर्गा अष्टमी या महाष्टमी कहा जाता है। यह दिन मां दुर्गा के आठवें स्वरूप मां महागौरी को समर्पित है। मां महागौरी शुद्धता, शांति और सौंदर्य की देवी हैं। इनकी पूजा से भक्तों को संतान सुख, मनोकामना पूर्ति, नकारात्मकता से मुक्ति और आध्यात्मिक शक्ति प्राप्त होती है। दृक पंचांग के अनुसार, चैत्र शुक्ल अष्टमी तिथि 25 मार्च 2026 को दोपहर 1:50 बजे शुरू होगी और 26 मार्च 2026 को सुबह 11:48 बजे समाप्त होगी। उदय तिथि के आधार पर दुर्गाष्टमी 26 मार्च 2026 को मनाई जाएगी। इस दिन कन्या पूजन भी विशेष महत्व रखता है। आइए जानते हैं पूजा विधि, भोग, मंत्र और उपाय।

मां महागौरी का स्वरूप और महत्व

मां महागौरी सफेद वस्त्र धारण करती हैं, चार भुजाओं वाली हैं और वृषभ पर विराजमान रहती हैं। उनके हाथों में त्रिशूल और डमरू हैं। मां की पूजा से पापों का नाश, मन की शुद्धि और सौभाग्य की प्राप्ति होती है। नवरात्रि के आठवें दिन इनकी आराधना से भक्तों को हर प्रकार के भय से मुक्ति मिलती है और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।

दुर्गाष्टमी की पूजा विधि

पूजा के लिए सुबह ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करें। चांदी या सफेद वस्त्र धारण करें। पूजा स्थल पर लाल या पीला वस्त्र बिछाएं। मां महागौरी की मूर्ति या तस्वीर स्थापित करें। कुमकुम, रोली, अक्षत, कमल के फूल, चंदन से तिलक लगाएं। घी या कपूर का दीपक जलाएं। मुख्य मंत्र 'ॐ देवी महागौर्यै नमः' का कम से कम 108 बार जाप करें। दुर्गा सप्तशती या महागौरी स्तोत्र का पाठ करें। आरती उतारें और गोधूलि बेला में पुनः पूजा करें। पूजा के दौरान मन में शुद्ध भाव रखें और सात्विक रहें।

मां महागौरी के प्रमुख मंत्र

  • मूल पूजा मंत्र: ॐ देवी महागौर्यै नमः
  • ध्यान मंत्र: श्वेताम्बरधरा देवी नानालङ्कारभूषिता। महागौरी शुभं दद्यात् महादेवप्रमोददा॥
  • स्तुति मंत्र: या देवी सर्वभूतेषु मां महागौरी रूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥
  • बीज मंत्र: ह्रीं क्लीं महागौर्यै नमः॥

इन मंत्रों का जाप श्रद्धापूर्वक करने से मन की शुद्धि और आध्यात्मिक उन्नति होती है।

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मां महागौरी के प्रिय भोग और प्रसाद

मां महागौरी को सफेद मिठाइयां, खीर, हलवा, पंचामृत, नारियल, केला और मौसमी फल प्रिय हैं। भोग लगाते समय मंत्र जाप करें और प्रसाद सभी को बांटें। भोग सात्विक रखें और लहसुन-प्याज से परहेज करें। प्रसाद ग्रहण करने से मां की कृपा प्राप्त होती है।

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दुर्गाष्टमी पर खास उपाय और कन्या पूजन

इस दिन कन्या पूजन विशेष महत्व रखता है। 26 मार्च को छोटी कन्याओं (2 से 10 वर्ष) को देवी का स्वरूप मानकर पूजा करें। उनके पैर धोएं, तिलक लगाएं, लाल चुनरी, फूल, मिठाई और दक्षिणा दें। मान्यता है कि इससे मां दुर्गा प्रसन्न होती हैं और मनोकामनाएं पूरी होती हैं। पितृ दोष या कालसर्प दोष निवारण के लिए चांदी के नाग-नागिन की पूजा कर नदी में प्रवाहित करें। पीपल के पेड़ में जल चढ़ाएं और सरसों के तेल का दीपक जलाएं। ये उपाय सुख-समृद्धि और बाधा नाश के लिए फलदायी हैं।

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दुर्गाष्टमी पर विधि-पूर्वक पूजा करने से मां महागौरी की कृपा से जीवन में शांति और सफलता मिलती है।

डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों के पूर्णतया सत्य एवं सटीक होने का हम दावा नहीं करते हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।

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