चैत्र माह में किन देवी-देवताओं की पूजा करनी चाहिए? जानें इस माह क्या करें और क्या नहीं?
धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक चैत्र का महीना बेहद महत्वपूर्ण मामा जाता है। क्योंकि हिंदू पंचांग के अनुसार चैत्र साल का पहला महीना होता है। वहीं इस माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से हिंदू नववर्ष का आरंभ हो जाता है। इस माह में मां दुर्गा की पूजा विधिवत रूप से करें।

हिंदू धर्म में हर माह का खास महत्व होता है। इस साल फाल्गुन माह की समाप्ति हो चुकी है और चैत्र माह की शुरुआत हो चुकी है। धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक चैत्र का महीना बेहद महत्वपूर्ण मामा जाता है। क्योंकि हिंदू पंचांग के अनुसार चैत्र साल का पहला महीना होता है। वहीं इस माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से हिंदू नववर्ष का आरंभ हो जाता है। इस माह में मां दुर्गा की पूजा विधिवत रूप से करें। ऐसी मान्यता है कि इस माह में पूजा-पाठ करने से व्यक्ति के सौभाग्य में वृद्धि हो सकती है। साथ ही पवित्र नदी में स्नान भी किया जाता है।ऐसे में चलिए जानते है कि इस साल यानी 2026 में चैत्र माह की शुरुआत कब हो रही है और इस माह में किन देवी-देवताओं की पूजा करनी चाहिए। साथ में यह भी जानेंगे कि इस माह में क्या करना चाहिए और क्या नहीं।
चैत्र माह 2026 की शुरुआत
वैदिक पंचांग के मुताबिक हर साल फाल्गुन पूर्णिमा के अगले दिन से चैत्र माह की शुरुआत होती है। यानी इस साल चैत्र माह की शुरुआत आज यानी 4 मार्च से हो चुकी है। यह महीना 2 अप्रैल तक रहेगा। इसी महीने में चैत्र नवरात्रि, गुड़ी पड़वा, राम नवमी भी मनाई जाती है। इसके अलावा इस माह में मौसम का भी बदलाव होता है। अब ठंड खत्म हो जाएगी और गर्मी बढ़ेगी, इस वजह से इस माह खान-पान और जीवन शैली बदलाव करने जरूरी हैं। चैत्र मास में सुबह जल्दी उठना चाहिए, स्नान के बाद सूर्य पूजा के साथ दिन की शुरुआत करनी चाहिए।
चैत्र माह में किसकी पूजा करें?
हनुमान जी की पूजा करें
चैत्र माह में हनुमान जी की पूजा करना बहुत ही शुभ माना जाता है। इस माह में हनुमान जी का जन्म हुआ था, इसलिए इसे हनुमान जयंती के रूप में मनाया जाता है। ज्योतिषीयों की गणना के अनुसार बजरंगबली जी का जन्म चैत्र पूर्णिमा को मंगलवार के दिन चित्र नक्षत्र व मेष लग्न के योग में हुआ था। हनुमानजी के पिता सुमेरू पर्वत के वानरराज राजा केसरी थे और माता अंजनी थी। हनुमान जी को पवन पुत्र के नाम से भी जाना जाता है और उनके पिता वायु देव भी माने जाते है। यही वजह है कि मंगलवार का दिन हनुमान जी को समर्पित होता है।
चैत्र माह में करें मां दुर्गा की पूजा
चैत्र माह में मां दुर्गा की पूजा का विशेष महत्व होता है। इस समय को चैत्र नवरात्रि के रूप में जाना जाता है, जो नौ दिनों तक चलता है और इस दौरान मां दुर्गा के नौ रूपों की पूजा की जाती है। मां दुर्गा शक्ति और ऊर्जा का प्रतीक हैं। चैत्र नवरात्रि के दौरान उनकी पूजा करने से भक्तों को शक्ति, साहस और आत्मविश्वास प्राप्त होता है। ऐसी मान्यता है कि चैत्र नवरात्रि में मां दुर्गा की सच्चे मन से पूजा करने से सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं। इसके अलावा चैत्र मास में शीतला माता की पूजा का भी विधान है।
सूर्य देव की पूजा
चैत्र माह में सूर्य की किरणें तेज होती हैं, जो शरीर के लिए लाभदायक होती है। इस माह में सूर्यदेव की पूजा से मान-सम्मान में वृद्धि हो सकती है।
भगवान श्री राम की पूजा
इस माह में भगवान श्री राम की पूज अर्चना की जाती है। क्योंकि इस माह राम नवमी का पर्व पड़ता है। इस दिन भगवान राम के बाल स्वरूप की पूजा खास तौर पर की जाती है। पूजा में रामायण और श्रीराम से जुड़े प्रसंगों का पाठ करना चाहिए। किसी संत से रामकथा भी सुन सकते हैं।
चैत्र माह में क्या करें
- चैत्र की शुरुआत में नीम की कोमल पत्तियों का सेवन करने की परंपरा है।
-मान्यता है कि ऐसा करने से रक्त शुद्धि होती है और त्वचा को लाभ मिलते हैं, लेकिन नीम का सेवन किसी वैद्य से परामर्श के बाद ही करना चाहिए।
- चैत्र मास में भारी, गरिष्ठ और बहुत अधिक मीठे भोजन से परहेज करना चाहिए।
- इस महीने में हल्का और सुपाच्य भोजन (जैसे मूंग की दाल, दलिया) बेहतर है, इन चीजों से सेहत को लाभ मिलते हैं, पाचन संबंधी कई बीमारियां दूर रहती हैं।
- इस माह में सूर्य देव की पूजा-अर्चना करना शुभ माना जाता है। रोजाना सुबह स्नान करने के बाद सूर्य देव को तांबे के लोटे से जल अर्पित करें।
क्या ना करें
चैत्र माह इस माह में किसी से क्रोध और वाद-विवाद न करें।
चैत्र नवरात्र के दौरान बाल काटना, दाढ़ी बनाना और नाखून काटना वर्जित है।
इस माह ब्रह्मचर्य के नियम का पालन करें।
इस माह तामसिक भोजन का सेवन न करें।
डिस्क्लेमरः इस आलेख में दी गई जानकारियों के पूर्णतया सत्य एवं सटीक होने का हम दावा नहीं करते हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।




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