बुद्ध पूर्णिमा 30 अप्रैल या 1 मई किस दिन?, इस दिन एक राजयोग 3 राशियों को देगा लाभ, शनि की तिरछी नजर
बुद्ध पूर्णिमा पर इस साल बुध गोचर से बन रहा यह राजयोग। मंगल और शनि मीन राशि में एक साथ। पढ़ें इस दिन राशियों के लिए क्या लाभ

बुद्ध पूर्णिमा पर इस साल बुध गोचर से बुधादित्य राजयोग बन रहा है। मंगल और शनि मीन राशि में एक साथ। आपको बता दैं कि वैशाख पूर्णिमा को बुद्ध पूर्णिमा कहते हैं। वैशाख पूर्णिमा की तिथि पर ही भगवान बुद्ध का अवतरण हुआ था। वैशाख पूर्णिमा की तिथि पर ही उनका परिनिर्वाण भी हुआ था। इस दिन भगवान सत्यनारायण की पूजा की जाती है। इस साल यह पूर्णिमा 1 मई को मनाई जा रही है। इस दिन ग्रह नक्षत्रों की स्थिति बहुत अच्छी है। इस दिन चंद्रमा कन्या राशि में रहेंगे। मंगल और शनि मीन राशि में। सूर्य मेष राशि में और बुध भी इस दिन मेष राशि में आएंगे। बुध के मेष राशि में जाने से बुधादित्य राजयोग बनेगा। इससे कई राशियों के लिए लाभ के योग हैं। यह तिथि चंद्रमा को समर्पित है। कुंडली में चंद्रमा की महादशा, अंतर्दशा, प्रत्यंतर्दशा विपरीत हो, उन्हें इस तिथि पर उपवास रखकर चंद्रमा की विशेष पूजा-अर्चना करनी चाहिए।पढ़ें इस दिन राशियों के लिए क्या लाभ
किस राशि के लोगों के लिए लाभ के योग
सबसे ज्यादा लाभ इससे मेष राशि के लोगों को होगा। इस राशि के लिए स्थिति अच्छी बनी हुई है। फाइनेंस से लेकर लवलाइफ में चीजें आपके फेवर में रहेंगी। आपकी बातों को जादू चलेगा। जो लोग विदेश जाना चाहते हैं उनके लिए भी चीजें बेहतर होंगी।
वृषभ राशि के लिए भी समय उत्तम है। सेविंग आगे बढ़ेंगी और कंट्रोल कम होगा। वृषभ राशि के लोगों के लिए कॉन्फिडेंस अच्छा लाभ देगा।
मीन राशि के लिए भी निवेश में तुरंत आगे नहीं बढ़ना है। लाभ होगा लेकिन सोच समझकर फैसले लेने से।
इस दिन कौन से योग कब तक बनेंगे
इस दिन सिद्धि योग 24 घंटे 19 मिनट तक है। इस दिन स्वाति नक्षत्र भी 26 घंटे 19 मिनट की होगा, इसलिए यह दिन बहुत खास है। ज्योतिषाचार्य पं. विकास शास्त्री के अनुसार स्वाति नक्षत्र का आरंभ 30 अप्रैल को मध्यरात्रि के बाद 02:17 बजे होगा। इसका मान एक मई को मध्यरात्रि के बाद 04:36 बजे तक रहेगा। सिद्धि योग 30 अप्रैल को रात्रि 08:55 बजे से एक मई को रात्रि 09:14 बजे तक रहेगा। वैशाख पूर्णिमा की तिथि 30 अप्रैल को रात्रि 09:13 बजे से आरंभ होकर एक मई को रात्रि 10:53 बजे तक रहेगी। इस प्रकार पूर्णिमा की तिथि 25 घंटे 40 मिनट तक रहेगी। उदया तिथि में एक मई को मिलने के कारण पूर्णिमा का मान उसी दिन होगा। वैशाखी पूर्णिमा पर धार्मिक अनुष्ठान, दान-पुण्य आदि करना अत्यंत लाभदायक माना गया है। उन्होंने बताया कि पूर्णिमा तिथि चंद्रमा को समर्पित है।




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