Basant Panchami 2026: 108 Names of Maa Saraswati and Their Significance Basant Panchami 2026: बसंत पंचमी पर करें मां सरस्वती के 108 नामों का जप, शुभ फल मिलने की है मान्यता, एस्ट्रोलॉजी न्यूज़ - Hindustan
More

Basant Panchami 2026: बसंत पंचमी पर करें मां सरस्वती के 108 नामों का जप, शुभ फल मिलने की है मान्यता

Basant Panchami 2026: इस साल बसंत पंचमी 23 जनवरी 2026, शुक्रवार को मनाई जाएगी। बसंत पंचमी का पर्व विद्या, बुद्धि और ज्ञान की देवी मां सरस्वती को समर्पित होता है। इस दिन घरों के साथ-साथ स्कूलों और कॉलेजों में भी मां सरस्वती की प्रतिमा स्थापित कर विशेष पूजा-अर्चना की जाती है।

Thu, 22 Jan 2026 04:23 PMYogesh Joshi लाइव हिन्दुस्तान
share
Basant Panchami 2026: बसंत पंचमी पर करें मां सरस्वती के 108 नामों का जप, शुभ फल मिलने की है मान्यता

Basant Panchami 2026: इस साल बसंत पंचमी 23 जनवरी 2026, शुक्रवार को मनाई जाएगी। बसंत पंचमी का पर्व विद्या, बुद्धि और ज्ञान की देवी मां सरस्वती को समर्पित होता है। इस दिन घरों के साथ-साथ स्कूलों और कॉलेजों में भी मां सरस्वती की प्रतिमा स्थापित कर विशेष पूजा-अर्चना की जाती है। मान्यता है कि बसंत पंचमी के दिन मां सरस्वती की आराधना करने से बुद्धि का विकास होता है, पढ़ाई और करियर में आगे बढ़ने के रास्ते खुलते हैं और ज्ञान की प्राप्ति होती है। विद्यार्थी, शिक्षक, लेखक, कलाकार और संगीत से जुड़े लोग इस दिन खास तौर पर मां शारदा की पूजा करते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, बसंत पंचमी पर पूजा के दौरान मां सरस्वती के 108 नामों का जाप करना बहुत शुभ माना जाता है। ऐसा कहा जाता है कि 108 नामों का स्मरण करने से मानसिक शांति मिलती है, नकारात्मकता दूर होती है और पूजा का पूर्ण फल प्राप्त होता है। इसके साथ ही जीवन में सकारात्मक सोच और एकाग्रता भी बढ़ती है। आइए जानते हैं मां सरस्वती के 108 पावन नाम, जिनका जाप बसंत पंचमी के दिन विशेष फलदायी माना जाता है…

मां सरस्वती के 108 नाम

सरस्वती – ॐ सरस्वत्यै नमः

महाभद्रा – ॐ महाभद्रायै नमः

महामाया – ॐ महामायायै नमः

वरप्रदा – ॐ वरप्रदायै नमः

श्रीप्रदा – ॐ श्रीप्रदायै नमः

पद्मनिलया – ॐ पद्मनिलयायै नमः

पद्माक्षी – ॐ पद्माक्ष्यै नमः

पद्मवक्त्रगा – ॐ पद्मवक्त्रायै नमः

शिवानुजा – ॐ शिवानुजायै नमः

पुस्तकधृत – ॐ पुस्तकधृते नमः

ज्ञानमुद्रा – ॐ ज्ञानमुद्रायै नमः

रमा – ॐ रमायै नमः

परा – ॐ परायै नमः

कामरूपा – ॐ कामरूपायै नमः

महाविद्या – ॐ महाविद्यायै नमः

महापातकनाशिनी – ॐ महापातकनाशिन्यै नमः

महाश्रया – ॐ महाश्रयायै नमः

मालिनी – ॐ मालिन्यै नमः

महाभोगा – ॐ महाभोगायै नमः

महाभुजा – ॐ महाभुजायै नमः

महाभागा – ॐ महाभागायै नमः

महोत्साहा – ॐ महोत्साहायै नमः

दिव्याङ्गा – ॐ दिव्याङ्गायै नमः

सुरवन्दिता – ॐ सुरवन्दितायै नमः

महाकाली – ॐ महाकाल्यै नमः

महापाशा – ॐ महापाशायै नमः

महाकारा – ॐ महाकारायै नमः

महाङ्कुशा – ॐ महाङ्कुशायै नमः

सीता – ॐ सीतायै नमः

विमला – ॐ विमलायै नमः

विश्वा – ॐ विश्वायै नमः

विद्युन्माला – ॐ विद्युन्मालायै नमः

वैष्णवी – ॐ वैष्णव्यै नमः

चन्द्रिका – ॐ चन्द्रिकायै नमः

चन्द्रवदना – ॐ चन्द्रवदनायै नमः

चन्द्रलेखाविभूषिता – ॐ चन्द्रलेखाविभूषितायै नमः

सावित्री – ॐ सावित्र्यै नमः

सुरसा – ॐ सुरसायै नमः

देवी – ॐ देव्यै नमः

दिव्यालंकारभूषिता – ॐ दिव्यालंकारभूषितायै नमः

वाग्देवी – ॐ वाग्देव्यै नमः

वसुधा – ॐ वसुधायै नमः

तीव्रा – ॐ तीव्रायै नमः

महाभद्रा – ॐ महाभद्रायै नमः

महाबला – ॐ महाबलायै नमः

भोगदा – ॐ भोगदायै नमः

भारती – ॐ भारत्यै नमः

भामा – ॐ भामायै नमः

गोविन्दा – ॐ गोविन्दायै नमः

गोमती – ॐ गोमत्यै नमः

शिवा – ॐ शिवायै नमः

जटिला – ॐ जटिलायै नमः

विन्ध्यवासा – ॐ विन्ध्यवासायै नमः

विन्ध्याचलविराजिता – ॐ विन्ध्याचलविराजितायै नमः

चण्डिका – ॐ चण्डिकायै नमः

वैष्णवी – ॐ वैष्णव्यै नमः

ब्राह्मी – ॐ ब्राह्म्यै नमः

ब्रह्मज्ञानैकसाधना – ॐ ब्रह्मज्ञानैकसाधनायै नमः

सौदामिनी – ॐ सौदामिन्यै नमः

सुधामूर्ति – ॐ सुधामूर्त्यै नमः

सुभद्रा – ॐ सुभद्रायै नमः

सुरपूजिता – ॐ सुरपूजितायै नमः

सुवासिनी – ॐ सुवासिन्यै नमः

सुनासा – ॐ सुनासायै नमः

विनिद्रा – ॐ विनिद्रायै नमः

पद्मलोचना – ॐ पद्मलोचनायै नमः

विद्यारूपा – ॐ विद्यारूपायै नमः

विशालाक्षी – ॐ विशालाक्ष्यै नमः

ब्रह्मजाया – ॐ ब्रह्मजायायै नमः

महाफला – ॐ महाफलायै नमः

त्रयीमूर्ति – ॐ त्रयीमूर्त्यै नमः

त्रिकालज्ञा – ॐ त्रिकालज्ञायै नमः

त्रिगुणा – ॐ त्रिगुणायै नमः

शास्त्ररूपिणी – ॐ शास्त्ररूपिण्यै नमः

शुम्भासुरप्रमथिनी – ॐ शुम्भासुरप्रमथिन्यै नमः

शुभदा – ॐ शुभदायै नमः

सर्वात्मिका – ॐ सर्वात्मिकायै नमः

रक्तबीजनिहन्त्री – ॐ रक्तबीजनिहन्त्र्यै नमः

चामुण्डा – ॐ चामुण्डायै नमः

अम्बिका – ॐ अम्बिकायै नमः

मुण्डकायप्रहरणा – ॐ मुण्डकायप्रहरणायै नमः

धूम्रलोचनमर्दना – ॐ धूम्रलोचनमर्दनायै नमः

सर्वदेवस्तुता – ॐ सर्वदेवस्तुतायै नमः

सौम्या – ॐ सौम्यायै नमः

सुरासुरनमस्कृता – ॐ सुरासुरनमस्कृतायै नमः

कालरात्रि – ॐ कालरात्र्यै नमः

कलाधारा – ॐ कलाधारायै नमः

रूपसौभाग्यदायिनी – ॐ रूपसौभाग्यदायिन्यै नमः

वाग्देवी – ॐ वाग्देव्यै नमः

वरारोहा – ॐ वरारोहायै नमः

वाराही – ॐ वाराह्यै नमः

वारिजासना – ॐ वारिजासनायै नमः

चित्राम्बरा – ॐ चित्राम्बरायै नमः

चित्रगन्धा – ॐ चित्रगन्धायै नमः

चित्रमाल्यविभूषिता – ॐ चित्रमाल्यविभूषितायै नमः

कान्ता – ॐ कान्तायै नमः

कामप्रदा – ॐ कामप्रदायै नमः

वन्द्या – ॐ वन्द्यायै नमः

विद्याधरसुपूजिता – ॐ विद्याधरसुपूजितायै नमः

श्वेतासना – ॐ श्वेतासनायै नमः

नीलभुजा – ॐ नीलभुजायै नमः

चतुर्वर्गफलप्रदा – ॐ चतुर्वर्गफलप्रदायै नमः

चतुराननसाम्राज्या – ॐ चतुराननसाम्राज्यायै नमः

रक्तमध्या – ॐ रक्तमध्यायै नमः

निरञ्जना – ॐ निरञ्जनायै नमः

हंसासना – ॐ हंसासनायै नमः

नीलजङ्घा – ॐ नीलजङ्घायै नमः

ब्रह्मविष्णुशिवात्मिका – ॐ ब्रह्मविष्णुशिवात्मिकायै नमः

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:बसंत पंचमी के मौके पर भेजें ये 50+ शुभकामना संदेश, ऐसे दें अपनों को बधाई
read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:बसंत पंचमी पर 4 ग्रहों का शुभ संयोग, इन राशियों को मिलेगा बड़ा फायदा
read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:बसंत पंचमी कल, नोट कर लें पूजा विधि, शुभ मुहूर्त, मंत्र, उपाय से लेकर सबकुछ
जानें लेटेस्ट Dharm News, Aaj ka Rashifal और सटीक Panchang की जानकारी। अपनी डेली पूजा के लिए यहाँ पढ़ें Shiv Chalisa, Hanuman Chalisa और Bajrang Baanहिंदू कैलेंडर 2026 की शुभ तिथियों के साथ अपने हर दिन को खास बनाएं!