Bada Mangal 2026: ज्येष्ठ के पहले बुढ़वा मंगल पर बजरंगबली को इस विधि से चढ़ाएं चोला, हर संकट होगा खत्म
बुढ़वा मंगल के दिन भक्त हनुमान जी की कृपा पाने के लिए उन्हें बहुत सी चीजें चढ़ाते हैं, जिनमें से एक है चोला। चलिए जानते हैं कि बड़ा मंगल पर बजरंगबली को चोला कैसे चढ़ाएं और इसके फायदे क्या होते हैं।

ज्येष्ठ माह के हर मंगलवार को बड़ा मंगल या बुढ़वा मंगल कहते हैं। इस साल ज्येष्ठ महीने का पहला बड़ा मंगल 5 मई 2026 को पड़ रहा है। इतना ही नहीं अधिकमास का संयोग होने की वजह से इस साल 8 बुढ़वा मंगल पड़ेगा। पौराणिक कथा के मुताबिक त्रेता युग में ज्येष्ठ मास के मंगलवार के दिन ही प्रभु श्रीराम और बजरंगबली का पहली बार मिलन हुआ था। इसी पावन संयोग के कारण इस माह के हर मंगलवार का महत्व और भी बढ़ जाता है। बुढ़वा मंगल के दिन भक्त हनुमान जी की कृपा पाने के लिए उन्हें बहुत सी चीजें चढ़ाते हैं, जिनमें से एक है चोला। चलिए जानते हैं कि बड़ा मंगल पर बजरंगबली को चोला कैसे चढ़ाएं और इसके फायदे क्या होते हैं।
एक प्रकार की पूजा
हनुमान जी को चोला चढ़ाना एक विशेष पूजा विधि है, जिसमें सिंदूर, चमेली का तेल और अन्य पूजन सामग्री से उनकी मूर्ति को सजाया जाता है। मान्यता है कि इस विधि से हनुमान जी प्रसन्न होते हैं और भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण करते हैं।
हनुमान जी का चोला चढ़ाने की सामग्री
नारंगी सिंदूर
चमेली का तेल या घी
चांदी या सोने का वर्क
इत्र (सुगंध)
जनेऊ
लाल कपड़े की लंगोट
चमेली के फूल
हनुमान जी को चोला कितने बजे चढ़ना चाहिए?
हनुमान जी को चोला चढ़ाने का सबसे शुभ समय सुबह जल्दी (ब्रह्म मुहूर्त या सूर्योदय के समय) माना गया है।
हनुमान जी को चोला चढ़ाने की सही विधि
सबसे पहले हनुमान जी की प्रतिमा को गंगाजल या साफ पानी से स्नान कराएं।
स्नान के बाद प्रतिमा को साफ कपड़े से अच्छी तरह पोंछ लें।
अब सिंदूर और चमेली के तेल को मिलाकर गाढ़ा लेप तैयार करें।
इस मिश्रण को सबसे पहले हनुमान जी के बाएं पैर में लगाएं।
फिर धीरे-धीरे पूरे शरीर पर नीचे से ऊपर की ओर चोला चढ़ाएं।
चोला चढ़ाने के बाद हनुमान जी को जनेऊ पहनाएं।
इसके बाद चांदी का वर्क और साफ वस्त्र अर्पित करें।
यदि संभव हो, तो 11 या 21 पीपल के पत्तों पर सिंदूर से “श्रीराम” लिखकर चरणों में अर्पित करें।
अब चने, गुड़ और मिठाई का भोग लगाएं।
धूप-दीप जलाकर हनुमान चालीसा का पाठ करें।
अंत में हनुमान जी की आरती करें और मंत्रों का जाप करें।
पूजा के बाद प्रसाद ग्रहण करें और थोड़ा सा सिंदूर माथे पर टीका लगाएं।
मंत्र
सिन्दूरं रक्तवर्णं च सिन्दूरतिलकप्रिये । भक्तयां दत्तं मया देव सिन्दूरं प्रतिगृह्यताम।।
चोला चढ़ाने के फायदे
हनुमान जी को चोला चढ़ाने से मानसिक व शारीरिक शक्ति में वृद्धि होती है।
यह शनि और मंगल जैसे ग्रहों के अशुभ प्रभावों को कम करने में लाभकारी माना जाता है।
हनुमान जी को चोला चढ़ाने से भक्तों के भय दूर होते हैं।
नकारात्मक शक्तियों से सुरक्षा मिलती है, बिगड़े काम बनते हैं और जीवन में सौभाग्य आता है।
हनुमान जी को चोला चढ़ाने से भगवान राम की कृपा भी प्राप्त होती है।
डिस्क्लेमरः इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।




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