कुंभ राशि पर कैसा होगा शनि वक्री का असर, साढ़ेसाती में करें ये 10 उपाय
Aquarius Horoscope Kumbh Rashi ka Shani Rashifal: शनि की साढ़ेसाती का समय बेहद मुश्किल माना जाता है। इस साल कुंभ राशि पर शनि की साढ़ेसाती का तीसरा चरण चल रहा है। शनि के वक्री होने पर कुंभ राशि को कुछ बातों का खास ध्यान रखना होगा।

Aquarius Horoscope Kumbh Rashi ka Shani Rashifal, वक्री शनि राशिफल : इस साल शनि देव मीन राशि में गोचर कर रहे हैं। ऐसे में शनि के इस गोचर से कुंभ राशि के जातकों पर शनि की साढ़ेसाती का प्रभाव देखा जा सकता है। शनि की साढ़ेसाती का समय बेहद मुश्किल माना जाता है। इस साल कुंभ राशि पर शनि की साढ़ेसाती का तीसरा और आखिरी चरण चल रहा है। हिंदू पंचांग के अनुसार, 27 जुलाई से लेकर 11 दिसंबर 2026 तक शनि वक्री रहने वाले हैं। शनि जब वक्री होते हैं तो उनका प्रभाव भी तेज हो जाता है। ऐसे में आइए जानते हैं शनि के वक्री (उलटी चाल) में गोचर करने से कुंभ राशि के जातकों पर प्रभाव, उपाय और किन बातों का ध्यान रखना चाहिए-
कुंभ राशि पर कैसा होगा शनि वक्री का असर, साढ़ेसाती में करें ये 10 उपाय
शनि के वक्री होने से कुंभ राशि के जातकों के जीवन में कई बदलाव आ सकते हैं। पंडित नरेंद्र उपाध्याय के अनुसार, शनि का वक्री होना कुंभ राशि के लिए अच्छा नहीं माना जा रहा है। कामों को पूरा करने में आपको दिक्कतें आ सकती हैं। अचानक से आपके खर्च बढ़ सकते हैं। परिवार के सदस्यों के साथ मनमुटाव की सिचूऐशन पैदा हो सकती है। शरीर में भी दर्द या कुछ दिक्कतें महसूस कर सकते हैं। खासतौर पर पैर में दर्द हो सकता है। मानसिक तौर पर भी देखा जाए तो अशांति महसूस कर सकते हैं।
शनि के वक्री होने पर कुंभ राशि वाले किन बातों का ध्यान रखें?
शनि के वक्री होने के दौरान आपको कुछ बातों का खास ख्याल रखना चाहिए-
- बजट बनाएं और फॉलो करें। बजट बिगड़ेगा तो दिक्कतें बढ़ेंगी।
- डाइट का खास ख्याल रखें।
- रिश्तों को लेकर समझदारी दिखाएं।
- भविष्य को लेकर ज्यादा तनाव न लें।
- धैर्य रखने की कोशिश करें।
- गुस्सा करने से बचें।
- किसी का अनादर न करें।
साढ़ेसाती के दौरान कुंभ राशि के जातकों का क्या उपाय करना चाहिए?
- शिव चालीसा का पाठ करें।
- गरीबों की मदद करें।
- शनिवार के दिन संध्या के वक्त सरसों के तेल में काला तिल मिलाकर शनि मंदिर में दीपक जलाएं।
- नौकरों के साथ अच्छा व्यवहार रखें।
- शनिवार को पीपल के पेड़ और शमी के पेड़ में जल चढ़ाएं।
- शनि मंत्र ॐ शं शनैश्चराय नमः का जाप करें।
- हनुमान चालीसा का पाठ करें।
- शनि चालीसा का पाठ करें।
- शिवलिंग पर शमी का पत्ता चढ़ाएं।
- शनि के पेड़ की पूजा करें।
डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।




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