पश्चिम बंगाल चुनाव से पहले I-PAC ने छोड़ा मैदान? TMC ने खोल दिए सारे राज
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के पहले चरण से महज कुछ दिन पहले तृणमूल कांग्रेस की चुनावी रणनीति बनाने वाली एजेंसी आई-पैक ने प्रदेश में अपना कामकाज अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया है? अब इस पर टीएमसी की ओर से बयान सामने आया है…

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के पहले चरण से महज कुछ दिन पहले तृणमूल कांग्रेस (TMC) की चुनावी रणनीति तैयार करने वाली प्रमुख एजेंसी Indian Political Action Committee (I-PAC) को लेकर बड़ी खबर सामने आई। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, चुनाव से पहले ही I-PAC ने पश्चिम बंगाल से अपना कामकाज समेट लिया है। इस खबर के सामने आते ही राज्य में सियासी बवाल मच गया। इसके बाद तृणमूल कांग्रेस ने तुरंत आधिकारिक बयान जारी कर सफाई दी है। पार्टी ने मीडिया रिपोर्टों को पूरी तरह बेबुनियाद, निराधार और भ्रामक बताते हुए सिरे से खारिज कर दिया है।
टीएमसी के आधिकारिक बयान में कहा गया है कि I-PAC की पश्चिम बंगाल इकाई 2026 के विधानसभा चुनावों के लिए प्रचार अभियान में पूरी तरह सक्रिय है और इसका कामकाज किसी भी रूप में नहीं रुका है। बयान में आगे कहा गया कि हमें एक मीडिया रिपोर्ट मिली है जिसमें दावा किया गया है कि I-PAC ने पश्चिम बंगाल में अगले 20 दिनों के लिए अपना अभियान रोक दिया है। यह दावा पूरी तरह निराधार है। यह जमीनी स्तर पर भ्रम फैलाने का जानबूझकर किया गया प्रयास लगता है। टीएमसी ने स्पष्ट किया कि I-PAC की पश्चिम बंगाल टीम पार्टी के साथ कंधे से कंधा मिलाकर काम कर रही है और पूरे राज्य में अभियान पूर्व निर्धारित योजना के अनुसार पूरे जोर-शोर से जारी हैं।
पार्टी ने इन रिपोर्टों को बंगाल की जनता का ध्यान जमीनी मुद्दों से भटकाने का सोचा-समझा प्रयास बताया है। बयान में कहा गया है कि बंगाल की जनता इन प्रयासों को अच्छी तरह समझ चुकी है और लोकतांत्रिक तरीके से इनका जवाब देगी। पश्चिम बंगाल गलत सूचनाओं या किसी भी तरह की धमकियों से प्रभावित नहीं होने वाला है। टीएमसी ने आखिर में जोर देकर कहा कि जनता 23 और 29 मई को वोटिंग के माध्यम से अपना फैसला सुनाएगी और 4 मई को आने वाले चुनाव नतीजे इन सब प्रयासों का साफ जवाब देंगे। इधर, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने रविवार को तारकेश्वर में एक रैली को संबोधित करते हुए केंद्र की एजेंसियों पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि बाहर से गुंडे बुला लिए गए हैं। दो बेवकूफ रिटायर्ड लोग आए हैं, पुलिस को धमका रहे हैं, जिला मजिस्ट्रेटों को धमका रहे हैं। ईडी हर रोज हमारे यहां छापेमारी कर रही है! चुनाव के दौरान ही क्यों?
ममता बनर्जी ने आई-पैक का नाम लिए बिना कहा कि आप हमारे संगठनों और पार्टी के लिए काम करने वालों से कह रहे हैं कि ‘बंगाल छोड़ दो’। क्यों? आपके पास 50 हैं, हमारे पास सत्ता नहीं, सिर्फ एक है। अगर आप उन्हें डराएंगे तो वे मेरी पार्टी में शामिल हो जाएंगे। हम उन्हें नौकरियां देंगे, काम करवाएंगे। मैं किसी भी लड़के को नौकरी से नहीं निकलने दूंगी। मुख्यमंत्री ने बताया कि उन्होंने इस मामले पर अभिषेक बनर्जी से बात की है। उन्होंने कहा कि मैंने आज सुबह अभिषेक से बात की। यह आपकी साजिश है... आप और कितने अत्याचार, कितनी अराजकता करेंगे! आप और कितने वोट काटेंगे! इसके बाद आप एनआरसी लागू करेंगे! मैंने परिसीमन विधेयक को रोका है, महिला विधेयक पारित हो चुका है। ममता बनर्जी ने कहा कि बंगाल की जनता गलत सूचना या धमकियों से प्रभावित नहीं होगी और चुनाव के माध्यम से अपना फैसला सुनाएगी।
बता दें कि हाल ही में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने कोयला घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में आई-पैक के निदेशक और सह-संस्थापक विनेश चंदेल को नई दिल्ली में गिरफ्तार किया था। इससे पहले एजेंसी के प्रमुख प्रतीक जैन के आवास और कोलकाता कार्यालय पर छापेमारी की गई थी, जिसके बाद राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने खुद कार्यालय का दौरा कर केंद्रीय एजेंसियों पर ‘दस्तावेज चोरी’ का आरोप लगाया था। यह मामला फिलहाल सर्वोच्च न्यायालय में विचाराधीन है।




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