बंगाल में बंद करेंगे '4 शादियां', सरकार बनते ही लागू करेंगे UCC; ममता बनर्जी पर खूब गरजे अमित शाह
Bengal Chunav 2026: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के प्रचार के चरम पर पहुंचते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को बहुविवाह प्रथा पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि भाजपा की सरकार बनने पर राज्य में UCC लागू कर एक विशेष समुदाय में चार विवाहों पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया जाएगा।

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के प्रचार के चरम पर पहुंचते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को बहुविवाह प्रथा पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि भाजपा की सरकार बनने पर राज्य में यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) लागू कर एक विशेष समुदाय में चार विवाहों पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया जाएगा। आसनसोल के कुल्टी में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए अमित शाह ने कहा कि भाजपा सत्ता में आई तो पश्चिम बंगाल में UCC लागू करके बहुविवाह की प्रथा समाप्त कर देगी। एक विशेष समुदाय में चार-चार शादियां करने की छूट अब नहीं रहेगी।
चुनावी सभा में अमित शाह ने कुल्टी की लौह अयस्क इकाई का जिक्र करते हुए ममता बनर्जी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कुल्टी कभी देश का लौह अयस्क उत्पादन का प्रमुख केंद्र हुआ करता था, लेकिन ममता बनर्जी की सरकार ने इसे बंद होने की कगार पर पहुंचा दिया। भाजपा सत्ता में आकर लौह नगरी को उसका गौरव लौटाएगी, अवैध खनन पर रोक लगाएगी और स्थानीय युवाओं को रोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराएगी।
गोरखा मुद्दे का 6 महीने में समाधान का वादा
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को दार्जिलिंग के कुर्सियांग में एक चुनावी सभा को संबोधित करते हुए कहा कि यदि पश्चिम बंगाल में भाजपा की सरकार बनी तो दशकों पुराने गोरखा मुद्दे का स्थायी समाधान मात्र छह महीने के अंदर कर दिया जाएगा। शाह ने जोर देकर कहा कि भाजपा के अलावा कोई भी दल गोरखाओं की समस्या का स्वीकार्य और स्थायी समाधान नहीं निकाल सकता। हम गोरखा भाइयों की चिंताओं और आकांक्षाओं को पूरी तरह समझते हैं और उनकी शर्तों के अनुसार ही इस मुद्दे को सुलझाएंगे। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में भाजपा सरकार बनने के छह महीने के भीतर हर गोरखा के चेहरे पर मुस्कान होगी। हम ऐसा समाधान निकालेंगे जिससे गोरखा समुदाय शांति से रह सके।
अमित शाह ने आरोप लगाया कि कांग्रेस और तृणमूल कांग्रेस ने दार्जिलिंग पहाड़ियों के लोगों के साथ-साथ देशभक्त गोरखा भाइयों के साथ भी लगातार अन्याय किया है। उन्होंने कहा कि पिछले दशकों से चली आ रही विभिन्न सरकारें दार्जिलिंग के लोगों की आकांक्षाओं को पूरा करने में पूरी तरह विफल रहीं।
तीन बैठकें बुलाईं, लेकिन ममता सरकार ने नहीं भेजा प्रतिनिधि
इस दौरान अमित शाह ने बताया कि भाजपा ने गोरखा मुद्दे को सुलझाने के लिए तीन बार बैठकें बुलाई थीं, लेकिन ममता बनर्जी सरकार ने राज्य की ओर से कोई प्रतिनिधि नहीं भेजा। उन्होंने कहा कि मैंने खुद तीन बैठकें आयोजित की थीं, लेकिन पश्चिम बंगाल सरकार ने कोई प्रतिनिधि नहीं भेजा। इसी कारण मध्यस्थ की नियुक्ति करनी पड़ी। भाजपा नेता ने वादा किया कि आज मैं आपसे यह पक्का वादा करता हूं कि भाजपा की सरकार बनते ही दशकों पुराने गोरखा मुद्दे का समाधान गोरखाओं की अपनी शर्तों के अनुसार किया जाएगा।




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