Suvendu adhikari takes oath as bengal cm first bjp chief minister बंगाल में शुभेंदु युग का शुभारंभ, राज्य में बीजेपी के पहले सीएम; कौन-कौन बना मंत्री, West-bengal Hindi News - Hindustan
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बंगाल में शुभेंदु युग का शुभारंभ, राज्य में बीजेपी के पहले सीएम; कौन-कौन बना मंत्री

शुभेंदु अधिकारी ने शनिवार को बंगाल के मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ ली है। इसके अलावा पांच अन्य विधायकों को मंत्री पद की शपथ दिलाई गई है। शुभेंदु अधिकारी बंगाल में बीजेपी के पहले मुख्यमंत्री बन गए हैं।

Sat, 9 May 2026 12:17 PMAnkit Ojha लाइव हिन्दुस्तान
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बंगाल में शुभेंदु युग का शुभारंभ, राज्य में बीजेपी के पहले सीएम; कौन-कौन बना मंत्री

भवानीपुर में ममता बनर्जी को हराने वाले बीजेपी के दिग्गज नेता शुभेंदु अधिकारी बंगाल में पार्टी के पहले मुख्यमंत्री बन गए हैं। कोलकाता के ब्रिगेड परेड ग्राउंड में राज्यपाल आरएन रवि ने उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। उनके साथ पांच अन्य मंत्रियों ने भी शपथ ली है जिनमें दिलीप घोष, अग्निमित्रा पॉल, अशोक कीर्तनिया, क्षुदीराम टुड्डू और नीशीथ प्रमाणिक का नाम शामिल है। उनके शपथ ग्रहण कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भी मौजूद थे। इसके अलावा शपथ ग्रहण कार्यक्रम में 20 राज्यों के मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री पहुंचे थे।

बन सकते हैं दो उपमुख्यमंत्री

जानकारों का कयास है कि बंगाल में दो उपमुख्यमंत्री बनाए जा सकते हैं। पहले उपमुख्यमंत्री दिलीप घोष और दूसरी अग्निमित्रा पॉल हो सकती हैं। बाकी कैबिनेट का विस्तार बाद में किया जाएगा। मुख्यमंत्री पद के लिए मनोनीत शुभेंदु अधिकारी और उनकी मंत्रिपरिषद के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने के लिए कई केंद्रीय मंत्री और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) शासित राज्यों के मुख्यमंत्री भी कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे। भाजपा के झंडे और भगवा बैनर लिए समर्थक सुबह से ही शहर के विभिन्न स्थानों पर एकत्र हुए और फिर ''जय श्री राम'' के नारे लगा रहे थे। पार्टी ने विधानसभा चुनाव में 207 सीटों के साथ दो तिहाई से भी अधिक बहुमत हासिल किया है।

पश्चिम बंगाल की राजनीति में नया अध्याय शुरू करते हुए भाजपा ने पहली बार राज्य में सत्ता हासिल की है। पार्टी ने 294-सदस्यीय विधानसभा में 207 सीटें जीतकर 15 वर्षों से शासन कर रही अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस को सत्ता से बाहर कर दिया, जो सिमटकर केवल 80 सीटों पर रह गई। अधिकारी के लिए शनिवार का दिन एक लंबी राजनीतिक यात्रा का अहम पड़ाव है। उन्होंने जमीनी स्तर के कांग्रेस कार्यकर्ता के रूप में राजनीति शुरू की थी, फिर वह तृणमूल के सबसे प्रभावशाली नेताओं में शामिल हुए और बाद में ममता बनर्जी के प्रमुख राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी बनकर उभरे।

कभी ममता बनर्जी के करीबी थे शुभेंदु अधिकारी

कभी ममता बनर्जी के करीबी सहयोगी और ग्रामीण बंगाल में तृणमूल के विस्तार के प्रमुख रणनीतिकार माने जाने वाले अधिकारी ने 2020 में मतभेदों के चलते भाजपा का दामन थाम लिया और जल्द ही राज्य में भाजपा का सबसे बड़ा चेहरा बन गए। वर्ष 2021 के विधानसभा चुनाव में नंदीग्राम सीट पर ममता बनर्जी को हराने के बाद ही वह बंगाल की राजनीति के केंद्रीय नेता बन चुके थे। अब भाजपा की इस बड़ी जीत ने उन्हें राज्य की राजनीति को नया स्वरूप देने के प्रयासों के केंद्र में ला खड़ा किया है।

पूर्व मेदिनीपुर जिले से आने वाले अधिकारी पिछले पांच दशकों में बंगाल के पहले ऐसे मुख्यमंत्री बन गए हैं, जो कोलकाता के पारंपरिक राजनीतिक केंद्र से नहीं, बल्कि राज्य के किसी जिले से उभरे हैं। ग्रामीण पृष्ठभूमि से आने वाले बंगाल के आखिरी मुख्यमंत्री अजय मुखर्जी थे, जो 1970 में मुख्यमंत्री बने थे। संयोग से वह भी अविभाजित मेदिनीपुर क्षेत्र से ही थे, जिसे लंबे समय से बंगाल की राजनीति का प्रभावशाली क्षेत्र माना जाता है।