Removal of Officers ahead of polls proves saffron camp anti-women, anti-Bengal: Mamata Banerjee slams BJP and PM Modi बंगाल विरोधी, महिला विरोधी है EC; ममता की चुनावी ललकार- हमें कुछ हुआ तो PM-BJP जिम्मेवार, West-bengal Hindi News - Hindustan
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बंगाल विरोधी, महिला विरोधी है EC; ममता की चुनावी ललकार- हमें कुछ हुआ तो PM-BJP जिम्मेवार

TMC प्रमुख ने कहा कि हमारे गृह सचिव गैर-बंगाली हैं। उनका हटाया जाना बंगाल के कुशल अधिकारियों के प्रति उनके गहरे तिरस्कार को दर्शाता है।राज्य में रसोई गैस के संकट पर बनर्जी ने दावा किया कि यह समस्या कृत्रिम रूप से पैदा की गई है।

Mon, 16 March 2026 06:44 PMPramod Praveen पीटीआई, कोलकाता
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बंगाल विरोधी, महिला विरोधी है EC; ममता की चुनावी ललकार- हमें कुछ हुआ तो PM-BJP जिम्मेवार

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सोमवार (16 मार्च) को कोलकाता में एक रैली का नेतृत्व किया, जिसमें राज्य की जनता के लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा और एलपीजी संकट के खिलाफ आवाज उठाई गई। यह रैली शहर के मध्य भाग में स्थित कॉलेज स्क्वायर से शुरू हुई, जो डोरिना क्रॉसिंग पर समाप्त होगी। हजारों लोग इसमें शामिल हुए। रैली में सभा को संबोधित करते हुए ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि सर्वर को बंद करके एलपीजी की कमी कृत्रिम रूप से पैदा की गई है। उन्होंने कहा; "रसोई गैस का कोई वास्तविक संकट नहीं है।"

विधानसभा चुनाव की घोषणा के बाद वरिष्ठ नौकरशाहों और पुलिस अधिकारियों के तबादले को लेकर ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग और केंद्र की सत्ताधारी भाजपा पर तीखा हमला बोला। मुख्यमंत्री ने दोनों पर “महिला विरोधी और बंगाल विरोधी” होने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, “आप जितने भी अधिकारियों को बदलना चाहें बदल लें, लेकिन सरकार नहीं बदल पाएंगे। जो भी अधिकारी आएंगे, वे बंगाल के लिए ही काम करेंगे।”

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कोलकाता में रैली के दौरान बयान

कोलकाता के डोरिना क्रॉसिंग पर एलपीजी संकट के विरोध में आयोजित रैली को संबोधित करते हुए ममता बनर्जी ने कहा कि अधिकारियों को बदलने से राज्य की सरकार नहीं बदलेगी। मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से राज्य की मुख्य सचिव नंदिनी चक्रवर्ती को हटाए जाने पर आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि आधी रात को बिना राज्य सरकार से सलाह किए एक बंगाली महिला अधिकारी को हटाना यह दिखाता है कि यह कदम महिलाओं के प्रति असम्मान को दर्शाता है।

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गृह सचिव के तबादले पर भी सवाल

ममता बनर्जी ने राज्य के गृह सचिव जगदीश प्रसाद मीणा को हटाए जाने पर भी आलोचना की। उन्होंने कहा कि यह कदम राज्य के सक्षम अधिकारियों के प्रति अनादर को दर्शाता है। रैली के दौरान मुख्यमंत्री ने राज्य में चल रहे रसोई गैस संकट को लेकर भी केंद्र सरकार पर आरोप लगाए। उनका दावा था कि एलपीजी की कमी वास्तविक नहीं बल्कि कृत्रिम रूप से पैदा की गई समस्या है। उनके अनुसार तेल कंपनियों के सर्वर को निष्क्रिय किए जाने के कारण आपूर्ति में बाधा आई है, जबकि गैस की वास्तविक कमी नहीं है।

चुनावी माहौल में बढ़ी सियासत

चुनावी माहौल को गरमाते हुए ममता बनर्जी ने ये भी कहा कि अगर हमको कुछ हुआ तो इसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा जिम्मेवार होगी। उन्होंने अपनी पुरानी शैली को दोहराते हुए कहा, जो हमसे टकराएगा, चूर-चूर हो जाएगा। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार विधानसभा चुनाव से पहले प्रशासनिक फेरबदल और इस पर राजनीतिक बयानबाजी से राज्य में चुनावी माहौल और गरम होने की संभावना है। बता दें कि निर्वाचन आयोग ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव दो चरणों में 23 और 29 अप्रैल को कराने की रविवार को घोषणा की थी।