Mamata Banerjee Big allegation on CEC Election Commission threatens Bengal officials CEC ने अफसरों को धमकाया; ज्ञानेश कुमार पर भड़कीं ममता बनर्जी बोलीं- धमकी बर्दाश्त नहीं, West-bengal Hindi News - Hindustan
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CEC ने अफसरों को धमकाया; ज्ञानेश कुमार पर भड़कीं ममता बनर्जी बोलीं- धमकी बर्दाश्त नहीं

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सोमवार को मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर एक बैठक के दौरान राज्य के अधिकारियों को धमकाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि संवैधानिक पद पर आसीन अधिकारियों का 'दुस्साहस' दिखाना स्वीकार्य नहीं है।

Mon, 9 March 2026 11:47 PMDevendra Kasyap भाषा, कोलकाता
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CEC ने अफसरों को धमकाया; ज्ञानेश कुमार पर भड़कीं ममता बनर्जी बोलीं- धमकी बर्दाश्त नहीं

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सोमवार को मुख्य निर्वाचन आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार पर एक बैठक के दौरान राज्य के अधिकारियों को धमकाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि संवैधानिक पद पर आसीन अधिकारियों का 'दुस्साहस' दिखाना स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने निर्वाचन आयोग की पूर्ण पीठ की बैठक के बाद यह टिप्पणी की है, जिसमें राज्य के वरिष्ठ प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों ने अप्रैल में होने वाले पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों की तैयारियों की समीक्षा की।

कोलकाता में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के विरोध में धरनास्थल पर पत्रकारों से बात करते हुए बनर्जी ने आरोप लगाया कि सीईसी ने राज्य के नौकरशाही तंत्र के प्रति धमकी भरा लहजा अपनाया है। उन्होंने कहा कि सीईसी ने आज बैठक में हमारे अधिकारियों को धमकाया। मैं सीईसी से कहना चाहती हूं कि साहस होना अच्छी बात है, लेकिन दुस्साहस अच्छा नहीं।

अधिकारियों के अनुसार, कुमार ने बैठक के दौरान कहा कि चुनाव से पहले कानून-व्यवस्था बनाए रखने में किसी भी प्रकार की चूक बर्दाश्त नहीं की जाएगी और यदि जिम्मेदारियों का ठीक से निर्वहन नहीं किया गया तो सख्त कार्रवाई की जाएगी। सीईसी ने राज्य में स्वापक सलाहकार समिति के न होने पर भी सवाल उठाया और अधिकारियों को चुनाव से पहले निगरानी तंत्र मजबूत बनाने के निर्देश दिए।

आयोग पर हमला तेज करते हुए ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि एसआईआर प्रक्रिया का इस्तेमाल लोगों को मताधिकार से वंचित करने के लिए किया जा रहा है। तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ने कहा कि हम बस यही कहना चाहते हैं; हर किसी को वोट देने का अधिकार मिलना चाहिए। हम सभी के लिए मतदान का अधिकार सुनिश्चित करना चाहते हैं। उन्होंने यह दावा भी किया कि डराने-धमकाने और मतदाता सूची से नाम हटाने को राजनीतिक हथियार के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अगर आपको लगता है कि आप लोगों पर हमला करके, उन्हें डराकर और मतदाता सूची से नाम हटाकर सत्ता हासिल कर सकते हैं, तो ऐसा नहीं होगा। बनर्जी ने राजनीतिक दबाव में काम करने के आरोपों को लेकर कुछ नौकरशाहों को भी चेतावनी दी और कहा कि उनके कृत्यों के रिकॉर्ड रखे जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि रिकॉर्ड रखे जा रहे हैं। आज आपको सुरक्षा महसूस हो सकती है, लेकिन सरकारें बदलती हैं। अगर कल भाजपा चली जाती है, तो आप कहां जाएंगे?

बनर्जी ने एक विवादास्पद बयान देते हुए आरोप लगाया कि कुछ संस्थाओं का राजनीतिक रूप से दुरुपयोग किया जा रहा है। उन्होंने पिछले साल की एक घटना का जिक्र किया जब सेना ने मैदान इलाके में तृणमूल कांग्रेस के विरोध मंच को तोड़ा था। उन्होंने कहा कि कुछ जगहों पर, उन्होंने पार्टी कार्यालयों में घुसने और हमारे मंच को तोड़ने के लिए सेना का इस्तेमाल किया। सेना कभी ऐसा नहीं करती थी। वह हमेशा निष्पक्ष रहती थी।

उल्लेखनीय है कि पिछले साल सितंबर में भारतीय सेना ने कोलकाता के मैदान इलाके में गांधी मूर्ति के पास मेयो रोड पर तृणमूल कांग्रेस के 'भाषा आंदोलन' विरोध के लिए लगाए गए मंच को तोड़ दिया था। सेना ने इस कार्रवाई के लिए सुरक्षा और प्रोटोकॉल का हवाला दिया था, जबकि बनर्जी ने बल के राजनीतिक दुरुपयोग का आरोप लगाया था।