Election Commission gears up for Bengal elections re-polling suspension बंगाल में बूथ पर ऐसी हरकत हुई तो दोबारा होगी वोटिंग, सस्पेंशन तक भी बात; चुनाव आयोग की तैयारी, West-bengal Hindi News - Hindustan
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बंगाल में बूथ पर ऐसी हरकत हुई तो दोबारा होगी वोटिंग, सस्पेंशन तक भी बात; चुनाव आयोग की तैयारी

चुनावों की औपचारिक घोषणा से पहले ही केंद्रीय बलों की 480 कंपनियां राज्य में पहुंच चुकी हैं। इस समय गश्ती अभियान जारी है। आयोग के सूत्रों के अनुसार, 2,000 और कंपनियां चरणबद्ध तरीके से पहुंचने वाली हैं।

Sun, 22 March 2026 11:24 AMHimanshu Jha लाइव हिन्दुस्तान
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बंगाल में बूथ पर ऐसी हरकत हुई तो दोबारा होगी वोटिंग, सस्पेंशन तक भी बात; चुनाव आयोग की तैयारी

पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव का बिगुल बज चुका है। चुनाव आयोग भी शांतिपूर्ण चुनाव कराने की पूरी तैयारी में है। पूरे राज्य में केंद्रीय बलों की तैनाती में चुनाव संपन्न कराया जाएगा। चुनाव ड्यूटी में लगे अधिकारियों के साथ तालमेल सुनिश्चित करने के लिए, CEO के कार्यालय में लगभग हर दिन कई दौर की बैठकें हो रही हैं। रविवार दोपहर को भी मुख्य निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय में बलों की तैनाती के संबंध में एक आपात बैठक बुलाई गई थी। आयोग ने यह स्पष्ट कर दिया है कि यदि किसी भी मतदान केंद्र पर वेबकास्टिंग आधे घंटे से अधिक समय तक बाधित रहती है तो उस विशिष्ट स्थान पर दोबारा मतदान कराया जाएगा।

चुनावों की औपचारिक घोषणा से पहले ही केंद्रीय बलों की 480 कंपनियां राज्य में पहुंच चुकी हैं। इस समय गश्ती अभियान जारी है। आयोग के सूत्रों के अनुसार, 2,000 और कंपनियां चरणबद्ध तरीके से पहुंचने वाली हैं। इसके साथ राज्य में तैनात केंद्रीय बल के कर्मियों की कुल संख्या 2,50,000 तक पहुंच सकती है!

चुनाव कार्यक्रम की घोषणा के तुरंत बाद चुनाव आयोग ने राज्य पुलिस और प्रशासनिक तंत्र में शीर्ष स्तर से शुरू करते हुए एक व्यापक फेरबदल शुरू किया। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बुधवार को चुनाव ड्यूटी में लगे विभिन्न अधिकारियों (राज्य पुलिस DG, कोलकाता पुलिस आयुक्त, ADG (कानून और व्यवस्था), पुलिस नोडल अधिकारी और केंद्रीय बल समन्वयक) के साथ एक बैठक की। सूत्रों के अनुसार, बैठक में एक एकीकृत कमान और नियंत्रण प्रणाली स्थापित करने पर चर्चा हुई, जो मुख्य निर्वाचन अधिकारी को जिला मजिस्ट्रेटों से जोड़ेगी। यह प्रणाली विभिन्न प्रवर्तन एजेंसियों, केंद्रीय बलों के लिए जिम्मेदार जिला समन्वयकों और पुलिस को एकीकृत करेगी। यह एकीकृत कमान और नियंत्रण प्रणाली चौबीसों घंटे काम करेगी।

इस बार, 100 प्रतिशत मतदान केंद्रों पर वेबकास्टिंग की सुविधा उपलब्ध होगी। निगरानी मतदान केंद्रों से आगे भी बढ़ाई जाएगी। जहां भी आवश्यक होगा ड्रोन तैनात किए जाएंगे। आयोग के सूत्रों का संकेत है कि पूरे राज्य में 80,719 मतदान केंद्रों के अंदर और बाहर दोनों जगह 2,00,000 CCTV कैमरों और वेबकैम के नेटवर्क का उपयोग करके निगरानी की जाएगी। आयोग ने फिर से दोहराया है कि अगर किसी भी बूथ पर वेबकास्टिंग 30 मिनट से ज्यादा समय के लिए रुक जाती है तो उस जगह पर दोबारा मतदान कराना जरूरी होगा।

इसके अलावा, फ्लाइंग स्क्वाड टीमों (FST) और क्विक रिस्पॉन्स टीमों (QRT) के वाहनों में 360-डिग्री PTZ कैमरों के साथ लाइव स्ट्रीमिंग चालू रहेगी। केंद्रीय बलों के जवानों को बॉडी-वॉर्न कैमरे दिए जाएंगे। इन सभी कैमरों का कंट्रोल और मॉनिटरिंग आयोग के कंट्रोल रूम से की जाएगी। सूत्रों के मुताबिक, आयोग ने शुक्रवार को जिला चुनाव अधिकारियों और पुलिस अधीक्षकों के साथ हुई एक बैठक में कड़ी चेतावनी जारी की। इसमें कहा गया कि अगर मतदाताओं को डराने-धमकाने या उन्हें वोट डालने से रोकने की कोशिशों के आरोप लगते हैं तो संबंधित पुलिस अधीक्षक को उनके पद से हटाया जा सकता है या उन्हें निलंबित भी किया जा सकता है।