Demand for a Separate State from Bengal: Amit Shah Says gorkha Issue Will Be Resolved बंगाल से अलग राज्य की मांग, अमित शाह बोले- सरकार बनते ही सुलझ जाएगा गोरखाओं का मुद्दा, West-bengal Hindi News - Hindustan
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बंगाल से अलग राज्य की मांग, अमित शाह बोले- सरकार बनते ही सुलझ जाएगा गोरखाओं का मुद्दा

गृह मंत्री अमित शाह ने दार्जिलिंग में कहा कि पश्चिम बंगाल में सरकार बनने के छह महीने के अंदर गोरखाओं की समस्या का समाधान किया जाएगा। उन्होंने कहा कि बीजेपी बीजेपी के अलावा कोई भी दल गोरखाओं का स्वीकार्य समाधान नहीं कर सकता।

Tue, 21 April 2026 02:29 PMAnkit Ojha भाषा
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बंगाल से अलग राज्य की मांग, अमित शाह बोले- सरकार बनते ही सुलझ जाएगा गोरखाओं का मुद्दा

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को कहा कि यदि पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सरकार बनती है तो दशकों पुराने गोरखा मुद्दे का समाधान छह महीने के भीतर कर दिया जाएगा। गोरखाओं की मांग है कि पहाड़ी जिलों को मिलाकर एक अलग राज्य बनाया जाए। शाह ने कहा कि भाजपा के अलावा कोई अन्य दल गोरखाओं की समस्या का स्वीकार्य समाधान नहीं निकाल सकता।

उन्होंने दार्जिलिंग जिले के कुर्सियांग में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए कहा कि भाजपा गोरखाओं की चिंताओं और आकांक्षाओं को समझती है और उनकी शर्तों के अनुसार समाधान खोजने की दिशा में काम करेगी। उन्होंने कहा, ''पश्चिम बंगाल में भाजपा की सरकार बनने के छह महीने के भीतर हर गोरखा के चेहरे पर मुस्कान होगी। हम गोरखा मुद्दे का ऐसा समाधान निकालेंगे जिससे गोरखा शांति से रह सकें।''

गृहमंत्री ने कहा कि यह समस्या दशकों से बनी हुई है क्योंकि लगातार रही सरकारें दार्जिलिंग पहाड़ियों के लोगों की आकांक्षाओं को पूरा करने की ईमानदारी से कोशिश करने में विफल रहीं। शाह ने कहा, ''कांग्रेस और तृणमूल कांग्रेस ने केवल दार्जिलिंग के साथ ही नहीं बल्कि हमारे देशभक्त गोरखा भाइयों के साथ भी अन्याय किया है।' शाह ने दावा किया कि भाजपा ने इस मुद्दे को सुलझाने की कई बार कोशिश की। उन्होंने कहा कि उन्होंने इस मामले में तीन बैठक बुलाई थीं लेकिन पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली सरकार ने राज्य का कोई प्रतिनिधि नहीं भेजा।

उन्होंने कहा, 'मैंने गोरखा मुद्दे को सुलझाने के लिए तीन बैठक बुलाई थीं लेकिन पश्चिम बंगाल सरकार ने कोई प्रतिनिधि नहीं भेजा। यही कारण है कि एक मध्यस्थ नियुक्त करना पड़ा।' शाह ने दोहराया कि राज्य में भाजपा की सरकार बनने पर गोरखाओं की इच्छा के अनुसार इस मुद्दे के समाधान के लिए छह महीने के भीतर कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने कहा, 'मैं आज आपसे यह वादा करके जा रहा हूं कि भाजपा की सरकार बनते ही दशकों पुराने गोरखा मुद्दे का समाधान गोरखाओं की शर्तों के अनुसार किया जाएगा।'

भाजपा नेता ने विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान कुछ गोरखाओं के नाम मतदाता सूची से हटाए जाने का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा, ''एसआईआर के दौरान कुछ गोरखाओं के नाम हटा दिए गए थे। पश्चिम बंगाल में भाजपा सरकार बनने के बाद ये सभी नाम फिर से मतदाता सूची में शामिल किए जाएंगे।' गोरखा मुद्दा उत्तर बंगाल के गोरखा बहुल पहाड़ी जिलों में पृथक राज्य की पुरानी मांग से जुड़ा है।