bengal sir voter list more than 90 lakh names removed Bengal SIR: बंगाल में कट गए 90 लाख से ज्यादा वोटर के नाम, चुनाव आयोग ने जारी कर दी फाइनल लिस्ट, West-bengal Hindi News - Hindustan
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Bengal SIR: बंगाल में कट गए 90 लाख से ज्यादा वोटर के नाम, चुनाव आयोग ने जारी कर दी फाइनल लिस्ट

पश्चिम बंगाल में चुनाव आयोग ने फाइनल वोटर लिस्ट जारी कर दी है। एसआईआर की प्रक्रिया में कुल 90 लाख नाम काटे गए हैं। इनमें दो जगहों पर नाम वाले या फिर मृतकों के नाम भी शामिल हैं। वहीं 27 लाख से ज्यादा लोगों के नाम सीधे कटे हैं।

Tue, 7 April 2026 11:36 AMAnkit Ojha लाइव हिन्दुस्तान
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Bengal SIR: बंगाल में कट गए 90 लाख से ज्यादा वोटर के नाम, चुनाव आयोग ने जारी कर दी फाइनल लिस्ट

पश्चिम बंगाल में एसआईआर के बाद फाइनल वोटर लिस्ट जारी कर दी गई है। जानकारी के मुताबिक चुनाव आयोग ने 91 लाख वोटर्स के नाम हटाए हैं। चुनाव आयोग ने हर जिले की अलग- अलग सूची जारी की है। चुनाव आयोग ने यह भी बताया है कि 60 लाख से ज्यादा मतदाता जांच के दायरे में थे जिनमें से 27 लाख से ज्यादा मतदाताओं के नाम हटा दिए गए हैं। इन्हें पहले भी संदिग्ध की सूची में रखा गया था। वोटर लिस्ट से हटाए जाने वाले नामों में बहुत सारे मृतक भी शामिल हैं।

चुनाव आयोगन के अनुसार इस पूरी प्रक्रिया में अब तक 90.66 लाख मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं। पहले चरण में ड्राफ्ट लिस्ट के दौरान 58 लाख नाम हटाए गए थे। वहीं फऱवरी 2026 की अंतिम सूची तक 5.46 लाख नाम और हटा दिए गए। वहीं डेटा और तकनीकी गड़बड़ियों के चलते 60 लाख लोगों को जांच के दायरे में रखा गया था। इनमें से 59.84 लाख का निपटारा कर दिया गया। वहीं 32.68 लाख लोगों के नाम फिस से जोड़े गए। इसके बाद अपात्र पाए गए 27.16 लाख लोगों के नाम काटे गए।

कौन लोग नहीं कर पाएंगे मतदान?

पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के पहले चरण की मतदाता सूची को सोमवार मध्यरात्रि से 'फ्रीज' कर दिया गया है। राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी मनोज अग्रवाल ने आज ही कूछ घंटे पहले संवाददाता सम्मेलन में घोषणा की कि राज्य विधानसभा चुनाव के पहले चरण की मतदाता सूची आज मध्य रात्रि को 'फ्रीज' कर दी जायेगी। यदि न्यायाधिकरण इस समय सीमा के बाद किसी मतदाता का नाम सूची में शामिल करने की मंजूरी देता है तो उसे सूची में शामिल किया जायेगा लेकिन वह इस चुनाव में मतदान नहीं कर पायेगा। यद्यपी ऐसे व्यक्ति को अगले चुनाव में मतदान करने की अनुमति होगी।

चुनाव आयोग के अनुसार, गहन मतदाता पुनरीक्षण प्रक्रिया के दौरान लगभग 60 लाख मतदाताओं के नाम विचाराधीन थे। इनमें से न्यायिक अधिकारियों ने लगभग 58 लाख मामलों का निपटारा कर दिया है। हालांकि अग्रवाल ने हटाए गए नामों की सटीक संख्या नहीं बताई, लेकिन उन्होंने कहा कि निपटाए गए लगभग 45 प्रतिशत मामलों में अंततः मतदाता सूची से नाम हटाए जा सकते हैं, जिससे संकेत मिलता है कि लगभग 27 लाख मतदाताओं के नाम हटाए जा सकते हैं। हालांकि, प्रभावित व्यक्तियों के पास न्यायाधिकरणों के समक्ष अपील करने का विकल्प होगा। इसके बावजूद, आम जनता के लिए न्यायाधिकरण कब पूरी तरह से काम करना शुरू करेंगे, इस पर अनिश्चितता बनी हुई है।