बेरोजगारों को 3 हजार रुपये महीने का वादा, बंगाल के लिए भाजपा का 'संकल्प पत्र' जारी
अमित शाह ने कोलकाता में BJP का 'संकल्प पत्र' जारी कर पश्चिम बंगाल में बदलाव का वादा किया है। यह संकल्प पत्र भाजपा की 2026 विधानसभा चुनाव रणनीति का अहम हिस्सा है। जानिए क्या-क्या वादे शामिल हैं?

केंद्रीय गृह मंत्री और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेता अमित शाह ने आज कोलकाता में पार्टी का चुनावी घोषणा पत्र जारी कर दिया है। इस दौरान उन्होंने पश्चिम बंगाल में एक बड़े राजनीतिक बदलाव का संकल्प लेते हुए राज्य की जनता से 'सोनार बांग्ला' बनाने का वादा किया। अमित शाह ने वर्तमान राज्य सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि बंगाल की जनता अब तुष्टिकरण, तानाशाही और वसूली की राजनीति से तंग आ चुकी है और राज्य में एक पारदर्शी और विकासोन्मुखी सरकार चाहती है।
महिलाओं के लिए कई बड़ी घोषणाएं
उन्होंने महिलाओं के लिए कई बड़ी घोषणाएं कीं। महिला सशक्तिकरण पर जोर देते हुए संकल्प पत्र में केजी (KG) से लेकर पीजी (PG) तक की पढ़ाई लड़कियों के लिए मुफ्त करने का वादा किया गया है। इसके अलावा, सरकारी नौकरियों में महिलाओं के लिए 33% आरक्षण का भी प्रावधान रखा गया है।
भाजपा के संकल्प पत्र की बड़ी बातें-
- बंगाल में BJP की सरकार बनने पर हर महिला के बैंक खाते में 3,000 रुपये दिए जाएंगे।
- सरकार बनाने के छह महीने के भीतर BJP बंगाल में समान नागरिक संहिता (UCC) लागू करेगी।
- उत्तर बंगाल में IIT, IIM, AIIMS और एक फैशन टेक्नोलॉजी इंस्टिट्यूट भी बनेगा।
- टीएमसी के करप्शन पर श्वेत पत्र जारी करेंगे।
- 7वें वेतन आयोग का वादा।
- घुसपैठ पर रोक।
- गोतस्करी पर रोक।
- कोलकाता मेट्रो का रूट डबल होगा।
- सभी सरकारी पद भरे जाएंगे।
- भारतीय जनता पार्टी बेरोजगार लड़कियों के लिए 3 हजार रुपये की मासिक आर्थिक सहायता देगी।
- बेरोजगार युवाओं को हर महीने 3,000 टका दिए जाएंगे।
अमित शाह ने कहा कि यह सुनिश्चित करने के लिए कि चावल, आलू और आम की खेती में लगे किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य मिले, हम एक विशेष योजना शुरू करेंगे, ताकि आलू, चावल और आम उत्पादकों को किसी भी प्रकार की कठिनाई का सामना न करना पड़े।
बंगाल BJP का संकल्प पत्र जारी करने के बाद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा- आज भारतीय जनता पार्टी ने 2026 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों के लिए अपना घोषणापत्र जारी किया है। यह घोषणापत्र बंगाल के सभी वर्गों में फैली गहरी निराशा को दूर करने का एक मार्ग दिखाता है। यह फसल खराब होने के कारण अनिश्चितता का सामना कर रहे किसानों, बेरोजगार युवाओं और डर के साए में जी रही महिलाओं को एक नई दिशा प्रदान करता है। साथ ही, यह बंगाल की संस्कृति और उसके गौरव को लेकर चिंतित हर नागरिक में नई आशा और आत्मविश्वास जगाता है।
ममता सरकार पर तीखा हमला
अमित शाह ने कहा- एक ‘विकसित भारत’ की परिकल्पना इस ‘संकल्प पत्र’ में झलकती है। ये 15 वर्ष, एक तरह से बंगाल और यहां की जनता के लिए एक अंधकारमय दौर की तरह रहे हैं। बड़ी उम्मीदों के साथ, बंगाल की जनता ने ममता दीदी को कम्युनिस्ट शासन से मुक्ति दिलाने का जनादेश दिया था। यह कहते हुए कि पांच वर्ष पर्याप्त नहीं थे, जनता ने उन्हें दूसरी बार जनादेश दिया और फिर तीसरी बार भी। परंतु, इन 15 वर्षों में, जिन उम्मीदों के साथ जनता ने ममता जी को सत्ता सौंपी थी, वे पूरी नहीं हो पाई हैं।
शाह ने कहा- पिछले 15 वर्षों में, जिन उम्मीदों के साथ बंगाल की जनता ने ममता जी को सत्ता सौंपी थी, वे टूट चुकी हैं। आज जनता भयभीत और निराश महसूस कर रही है और पूरे दिल से बदलाव की तलाश में है। पिछले 10 वर्षों में, भारतीय जनता पार्टी ने यहां खुद को एक रचनात्मक विपक्ष के रूप में स्थापित किया है। आज, हम पश्चिम बंगाल विधानसभा में मुख्य विपक्षी दल के रूप में कार्य कर रहे हैं। इसी दशक के दौरान, नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में, पूरे देश में एक सशक्त उदाहरण प्रस्तुत किया गया है कि किस प्रकार जन-केंद्रित शासन प्रदान किया जा सकता है।




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