Never come to Kedarnath man shares video of him crying with his wife and child केदारनाथ कभी मत आना; पत्नी और बच्चे के साथ रोते व्यक्ति ने शेयर किया वीडियो, Viral-news Hindi News - Hindustan
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केदारनाथ कभी मत आना; पत्नी और बच्चे के साथ रोते व्यक्ति ने शेयर किया वीडियो

सोशल मीडिया पर एक व्यक्ति ने केदारनाथ यात्रा के दौरान होने वाली परेशानी को लेकर वीडिया साझा किया है। इस वीडियो में वह गुस्सा और चिड़चिड़ी से परेशान होकर कहता है कि केदरानाथ कभी मत आना, महादेव अपनी जगह सही है, शांति है लेकिन मैनेजमेंट पूरी तरह से खराब है।

Fri, 24 April 2026 01:14 AMUpendra Thapak लाइव हिन्दुस्तान
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केदारनाथ कभी मत आना; पत्नी और बच्चे के साथ रोते व्यक्ति ने शेयर किया वीडियो

हिमालय की गोद में बैठे भगवान केदार के दर्शन के लिए हर साल लाखों भक्त लंबी यात्रा करके जाते हैं। केदारनाथ के लिए इस समय नया सीजन चल रहा है। हजारों श्रद्धालु इस वक्त भी भारत के सबसे पवित्र तीर्थ स्थल में से एक की ओर जा रहे हैं। लेकिन अब ऐसे समय में एक छोटे से परिवार की रोते हुए वीडियो वायरल हो रही है। इस वीडियो में व्यक्ति चिल्लाते हुए केदारनाथ के आसपास होने वाली असुविधा पर अपना गुस्सा जाहिर करता है। पास ही खड़ी एक महिला और बच्चा रोता हुआ नजर आता है।

सोशल मीडिया साइट इंस्टाग्राम पर वायरल इस वीडियो में व्यक्ति लोगों से केदारनाथ न जाने की अपील करता है, यह कहते हुए कि वहाँ प्रबंधन खराब है और भीड़ को नियंत्रित करने के दौरान डंडा लेकर खड़े गार्ड्स ने लोगों के साथ मारपीट की। उसकी पत्नी और छोटा बेटा भी काफी परेशान दिखाई देते हैं, जिससे यह वीडियो एक असफल यात्रा का भावनात्मक चित्र बन जाता है। हालांकि, केवल एक वायरल वीडियो के आधार पर यह तय करना मुश्किल है कि यह घटना का आधार क्या है। क्योंकि सोशल मीडिया पर वायरल होने वाले वीडियो अक्सर ऐसी घटनाओं पर एक ही तथ्य प्रस्तुत करते हैं।

लेकिन इसके बाद भी इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता कि लंबी दूरी की यात्राएं अक्सर थकाने वाली होती हैं। यह तब और ज्यादा तनाव की वजह बन जाती हैं, जब भीड़ ज्यादा हो। ऐसे में अगर आप बच्चों, बुजुर्गों के साथ यात्रा के लिए जा रहे हैं, तो आपकी परेशानी और भी ज्यादा बढ़ जाती है।

केदारनाथ धाम की बात करें तो यह भारत के सबसे महत्वपूर्ण तीर्थ स्थलों में से एक है। हर साल यात्रा के दौरान लाखों श्रद्धालु आते हैं। पहाड़ी रास्ते, बदलता मौसम, सीमित सुविधाएं, लंबी लाइनें और अन्य चुनौतियां इस यात्रा को कठिन बनाती हैं। हालांकि, इसकी आध्यात्मिक महत्ता के कारण लोग यह कठिनाई सहने को तैयार रहते हैं, लेकिन कई बार यह अनुभव कठिन परीक्षा में बदल जाता है।

भीड़भाड़ वाले तीर्थ स्थलों पर श्रद्धालुओं पर काफी दबाव बनता है। दूर-दराज से आने वाले लोग, खासकर बच्चे और बुजुर्गों के साथ यात्रा करने वाले, थकान और अन्य कारणों से अधिक तनाव महसूस करते हैं। ऐसे हालात में छोटी-सी गड़बड़ी भी घबराहट का कारण बन सकती है और लोग नकारात्मक प्रतिक्रिया दे सकते हैं।

कई वर्षों से, तीर्थ मार्गों का प्रबंधन करने वाले अधिकारियों ने पंजीकरण, स्लॉट बुकिंग, स्वास्थ्य जांच, बैरिकेडिंग और सुरक्षा व्यवस्था को अनिवार्य किया है। हालांकि ये कदम यात्रियों की सुरक्षा के लिए होते हैं, लेकिन गलतफहमी या जानकारी की कमी के कारण ये कभी-कभी यात्रियों के लिए मानसिक दबाव भी पैदा कर सकते हैं।

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