कौन है खुद को 'मोहम्मद दीपक' बताने वाला युवक? राहुल गांधी ने बताया हीरो; बजरंग दल ने धमकाया
उत्तराखंड के कोटद्वार में दुकान के नाम को लेकर शुरू हुआ विवाद देशभर में सुर्खियां बटोर रहा है। इस दुकान के नाम के खिलाफ जब बजरंग दल संग्राम करने उतरी तो स्थानीय युवक दीपक भी खुद को मोहम्मद दीपक बताकर बवाल में कूद गया।

Who is Mohammad Deepak: उत्तराखंड में पौड़ी जिले के कोटद्वार शहर में मुस्लिम बुजुर्ग की दुकान के नाम को लेकर शुरू हुए बवाल ने देशभर में चर्चा बटोर ली है। जिस मुस्लिम बुजुर्ग के समर्थन में स्थानीय युवक दीपक सामने आया है, उसे राहुल गांधी ने देश का हीरो बताया है। दीपक कोटद्वार में एक जिम ट्रेनर है। उसे जैसे ही बवाल की सूचना मिली, तुरंत मौके पर पहुंचा और अकेले ही बजंरग दल से जा भिड़ा। दीपक ने बजरंग दल के कार्यकर्ताओं पर उसे धमकाने के आरोप लगाए हैं। जब दुकान के नाम के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे लोगों ने उससे नाम पूछा तो उसने जवाब में कहा था- मेरा नाम मोहम्मद दीपक है।
दूसरी तरफ कोटद्वार में मामूली विवाद से उपजे बवाल के बाद पुलिस ने सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने वाले तत्वों को सख्त चेतावनी देते हुए तीन मामले दर्ज किए हैं। इसमें एक केस दीपक कुमार के खिलाफ भी हुआ है। पुलिस ने बताया कि एक मामला पुलिस की ओर से शांति व्यवस्था भंग करने वाले 30-40 अज्ञात लोगों के खिलाफ दर्ज किया गया है जबकि दूसरा कोटद्वार निवासी वकील अहमद और तीसरा एक अन्य स्थानीय नागरिक कमल प्रसाद द्वारा दी गयी तहरीर पर दर्ज किया गया है।
क्या है पूरा विवाद
गणतंत्र दिवस के दिन कोटद्वार के पटेल मार्ग स्थित 'बाबा ड्रेस' की दुकान पर विवाद हुआ था। इस पर बजरंग दल और अन्य हिंदू संगठन से जुड़े लोगों ने आपत्ति जताते हुए दुकानदार को नाम बदलने के लिए कहा। जब बात नहीं बनी तो देहरादून और ऋषिकेश से बजरंग के कार्यकर्ताओं को बुलाया गया। बीते शनिवार को मामला काफी बढ़ा। हिंदू संगठनों का आरोप है कि कोटद्वार में बाबा सिर्फ सिद्धबली हनुमान जी को ही कहा जाता है। दूसरे धर्म के व्यक्ति का यह नाम रखना आपत्तिजनक है। इस पर स्थानीय जिम ट्रेनर दीपक कुमार ने दुकानदार का समर्थन किया है।
इस दौरान, नारेबाजी करते हुए सड़क जाम की गयी तथा धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाले शब्दों का प्रयोग करके सार्वजनिक शांति भंग करने का प्रयास किया गया। पुलिस के अनुसार, उन्होंने पुलिस बैरियर हटाकर उग्र नारेबाजी एवं गाली-गलौच करते हुए सांप्रदायिक तनाव उत्पन्न किया तथा लगभग 30–40 अज्ञात व्यक्तियों द्वारा पुलिस बल के साथ धक्का-मुक्की करके सरकारी कार्य में बाधा डाली गई।
बजरंग दल का आरोप
बताया जा रहा है कि करीब दो-ढाई माह पहले बजरंग दल ने दुकान के नाम से कोटद्वार के प्रसिद्ध हनुमान मंदिर 'सिद्धबली बाबा' का भ्रम होने का आरोप लगाते हुए दुकान मालिक से दुकान का नाम बदलने को कहा था। बताया जा रहा है कि हालांकि, तब दुकान मालिक ने कथित तौर पर अपनी दुकान नयी जगह पर स्थानांतरित करने के बाद नाम बदलने का भरोसा दिलाया था। स्थानीय लोगों ने बताया कि करीब 10-15 दिन पहले दुकान को 30-40 मीटर दूर नयी जगह पर स्थानांतरित किए जाने के बाद बजरंग दल ने नाम को लेकर फिर विरोध जताया। दल के कार्यकताओं की शोएब और उसके जिम संचालक दोस्त दीपक कुमार से झड़प और मारपीट हुई। उन्होंने बताया कि इस दौरान, कुमार ने अपना नाम मोहम्मद दीपक बताया और दल के कार्यकर्ताओं को वहां से जाने को मजबूर कर दिया।
दीपक के खिलाफ मुकदमा
पुलिस ने बताया कि कोटद्वार निवासी कमल पाल की तहरीर पर जिम संचालक दीपक उर्फ अक्की, विजय रावत एवं उनके अन्य साथियों के विरुद्ध गाली-गलौज करते हुए जाति-सूचक शब्दों का प्रयोग करने तथा जान से मारने की नीयत से हमला करने के संबंध में मुकदमा किया गया है। पुलिस ने कहा कि दो पक्षों के बीच उत्पन्न आपसी विवाद की स्थिति को प्रशासन द्वारा अत्यंत गंभीरता से लेते हुए उनकी गहन एवं निष्पक्ष जांच की जा रही है।
दीपक को राहुल गांधी ने देश का हीरो बताया
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर लंबा पोस्ट लिखा है। पोस्ट की कुछ शुरुआती लाइन हैं- ‘उत्तराखंड के दीपक भारत के हीरो हैं। दीपक संविधान और इंसानियत के लिए लड़ रहे हैं - उस संविधान के लिए जिसे BJP और संघ परिवार रोज़ रौंदने की साज़िश कर रहे हैं। वे नफ़रत के बाज़ार में मोहब्बत की दुकान का जीवित प्रतीक हैं और यही बात सत्ता को सबसे ज़्यादा चुभती है।’ पिछले काफी समय से कोटद्वार में कपड़ों की दुकान 'बाबा ड्रेस' के नाम को लेकर विवाद चल रहा था है, जहां बजरंग दल से जुड़े कार्यकर्ता, दुकान मालिक मोहम्मद शोएब पर दुकान का नाम बदलने का दवाब डाल रहे थे।
पुलिस का फ्लैग मार्च
स्थानीय लोगों ने बताया कि एक बार फिर शनिवार को बजरंग दल के गौरक्षा दल के प्रांत प्रमुख नरेश उनियाल के नेतृत्व में बड़ी संख्या में दल के कार्यकर्ता दुकान पर प्रदर्शन के लिए पहुंच गए थे। हांलांकि, पुलिस की तत्परता से संघर्ष टल गया था। इसके बाद पुलिस ने भारी पुलिस बल के साथ कोटद्वार नगर क्षेत्र में सुरक्षा और शांति व्यवस्था बनाए रखने की दृष्टि से फ्लैग मार्च किया।
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