Uttarakhand witness no rain first time in December after 10 years also no snowfall know reason here न बारिश हुई, न बर्फ पड़ी, 10 साल में पहली बार दिसंबर में उत्तराखंड से ऐसा रूठा मौसम, Uttarakhand Hindi News - Hindustan
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न बारिश हुई, न बर्फ पड़ी, 10 साल में पहली बार दिसंबर में उत्तराखंड से ऐसा रूठा मौसम

साल 2016 में भी दून एवं अन्य जिलों में एक एमएम भी बारिश नहीं की गई थी। मौसम विज्ञान केंद्र के डाटा के मुताबिक प्रदेश में दिसंबर माह में सामान्य बारिश 17.5 एमएम है, लेकिन एक एमएम बारिश भी नहीं हुई। दून में दिसंबर में सामान्य बारिश 21 एमएम होनी चाहिए, लेकिन हुई नहीं।

Thu, 1 Jan 2026 05:44 PMUtkarsh Gaharwar हिन्दुस्तान, देहरादून | चांद मोहम्मद
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न बारिश हुई, न बर्फ पड़ी, 10 साल में पहली बार दिसंबर में उत्तराखंड से ऐसा रूठा मौसम

दिसंबर माह बीत गया, लेकिन उत्तराखंड में बारिश की एक बूंद नहीं पड़ी। पहाड़ भी बर्फबारी को तरसते रह गए। मैदानों में घने कोहरे और प्रदेशभर में सूखी ठंड से इंसानों से लेकर पेड़ पौधे और पशु सब बेहाल हैं। नवंबर में भी प्रदेश में 98 फीसदी कम बारिश हुई थी। दिसंबर के आखिरी दिन यानी 31 दिसंबर को आलम यह था कि राजधानी देहरादून में 12 घंटे तक एक्यूआई 300 के पार रहा।

राजधानी देहरादून समेत प्रदेश के अन्य इलाकों में 2016 के बाद ऐसी स्थिति बनी है, जब बारिश की एक बूंद ना गिरी हो। साल 2016 में भी दून एवं अन्य जिलों में एक एमएम भी बारिश नहीं की गई थी। मौसम विज्ञान केंद्र के डाटा के मुताबिक प्रदेश में दिसंबर माह में सामान्य बारिश 17.5 एमएम है, लेकिन एक एमएम बारिश भी नहीं हुई। दून में दिसंबर में सामान्य बारिश 21 एमएम होनी चाहिए, लेकिन हुई नहीं।

सेहत पर भी खतरा

वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. कुमार जी कौल के मुताबिक सूखी ठंड और बारिश न होने से हवा में प्रदूषण के कण जम गए हैं। खांसी, जुकाम, एलर्जी और सांस के मरीजों की संख्या बढ़ी है। कोल्ड डायरिया की समस्या भी देखने को मिल रही है। निमोनिया से बुजुर्ग और बच्चे परेशान हैं।

पश्चिमी विक्षोभ रूठने से मुश्किलें

मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक प्रदेश में दिसंबर में पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होते हैं, जिससे पहाड़ों पर बर्फबारी और निचले इलाकों में बारिश होती है। इस बार विक्षोभ काफी कम आए और वह भी कमजोर रहे।

दिसंबर में कब कितनी बारिश

सालबारिश (mm में)
20250.0
202423.6
20230.2
20212.5
202014.0
201928.6
20182.0
201719.3
20160.0
20158.8
,

खेती और बागवानी पर बड़ा असर

बारिश न होने का सबसे बुरा असर रबी की फसल और बागवानी पर पड़ रहा है। गेहूं, सरसों और दालों की बुआई प्रभावित हुई। नमी की कमी से फसलों पर बुरा प्रभाव पड़ा और ज्यादा सिंचाई करनी पड़ी। सेब और अन्य फलों के लिए चिलिंग आवर्स न मिलने से इनकी फसल प्रभावित होने की आशंका है।

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