तस्वीरों में देखिए पहाड़ पर बारिश से कैसे हाहाकार, उफान पर गंगा; SDRF की अपील - घर में रहें
पहाड़ पर हो रही मुसीबत भरी बारिश के बीच यहां रहने वाले लोगों के लिए मौसम विभाग से भी अच्छी खबर नहीं आई है। मौसम विभाग ने अनुमान जताया है कि अभी 10 जुलाई तक उत्तराखंड में भारी बारिश होगी।

उत्तराखंड में मूसलाधार बारिश से हाहाकार मचा हुआ है। भारी बारिश की वजह से ऋषिकेश में गंगा नदी का जलस्तर बढ़ गया है। यहां गंगा का जलस्तर त्रिवेणी घाट आरती स्थल तक पहुंच गया है। मौजूदा हालात को देखते हुए राज्य आपदा प्रबंधन बल ( SDRF ) ने यात्रियों के अलर्ट जारी किया है। इसके अलावा आपदा प्रबंधन विभाग की टीम ने पर्यटकों से यह भी अपील की है कि वो रात के वक्त घाट के आसपास ना ठहरें।
देहरादून (ग्रामीण)के पुलिस अधीक्षक लोकजीत ने कहा कि पुलिस लगातार प्रशासन के संपर्क में है। इसके अलावा पुलिस नदी के किनारे रहने वाले लोगों से संपर्क में है और उन्हें सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया जा रहा है। एसपी लोकजीत ने न्यूज एजेंसी ANI से बातचीत में कहा, 'नदी में जलस्तर की बढ़ोतरी का पूर्वानुमान लगाया गया था। हम लगातार प्रशासन और संबंधित विभागों के संपर्क में हैं। पुलिस बचाव को लेकर लगातार ऐक्शन ले रही है। नदी के तटों पर रहने वाले लोगों को हटाया जा रहा है। इस बात की भी कोशिश की जा रही है कि बैकों के तटों पर जाने वाले लोगों को रोक जाए।'

पहाड़ पर हो रही मुसीबत भरी बारिश के बीच यहां रहने वाले लोगों के लिए मौसम विभाग से भी अच्छी खबर नहीं आई है। मौसम विभाग ने अनुमान जताया है कि अभी 10 जुलाई तक उत्तराखंड के विभिन्न हिस्सों में भारी बारिश हो सकती है। मौसम विभाग ने पूर्वानुमान जताया है कि कई स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है इसके अलावा कुमाऊं क्षेत्र के मैदानी इलाकों में भारी से भारी बारिश हो सकती है। इसके अलावा 7 जुलाई को चमोली, रुद्रप्रयाग औऱ पौड़ी जिले में अत्यधिक बारिश का अनुमान है।

वेदर रिपोर्ट में बताया गया है कि देहरादून, टिहरी, हरिद्वार और उत्तरकाशी जिलों में भी भारी बारिश हो सकती है। फॉरकास्ट में कहा गया है कि 8 और 9 जुलाई को पहाड़ तथा मैदानी इलाकों में आंधी-तूफान के अलावा बिजली गरजने की संभावना है। टिहरी, पौड़ी, बागेश्वर, अल्मोड़ा, नैनीताल और चंपावत जिले में 10 जुलाई को भारी बारिश का अनुमान है।

भारी बारिश के अलर्ट को देखते हुए राज्य सरकार ने भी लोगों से अपील की है कि वो सुरक्षित रहें और भारी बारिश से हो सकने वाली आपदा से बच कर रहें। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को सभी जिलों के मजिस्ट्रेटों को हाई अलर्ट पर रहे के लिए कहा है।

चारधाम यात्रा स्धगित
उत्तराखंड के गढ़वाल क्षेत्र में सात और आठ जुलाई को भारी से बहुत भारी बारिश होने संबंधी मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मद्देनजर चारधाम यात्रा रविवार को अस्थायी रूप से रोक दी गई। गढ़वाल के आयुक्त विनय शंकर पांडे ने कहा कि तीर्थयात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यात्रा स्थगित करने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने कहा कि मौसम विभाग ने गढ़वाल मंडल में सात और आठ जुलाई को भारी बारिश होने का पूर्वानुमान व्यक्त किया है, इसके मद्देनजर सभी श्रद्धालुओं से आग्रह किया जाता है कि वे सात जुलाई को ऋषिकेश से आगे चारधाम यात्रा के लिए रवाना न हों। उन्होंने कहा कि जो श्रद्धालु चारधाम यात्रा पर निकल चुके हैं उन्हें मौसम ठीक होने तक उसी स्थान पर रुकना चाहिए जहां वे अभी हैं।

पिछले कुछ दिन से उत्तराखंड के विभिन्न भागों में भारी बारिश के कारण पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन हो रहा है तथा बद्रीनाथ जाने वाला राजमार्ग कई स्थानों पर पहाड़ी से नीचे गिर रहे मलबे के कारण अवरुद्ध हो गया है। चमोली जिले में शनिवार को भूस्खलन के बाद पहाड़ी से गिर रही चट्टानों की चपेट में आने से हैदराबाद के दो श्रद्धालुओं की मौत हो गई थी। दोनों मोटरसाइकिल से बद्रीनाथ से लौट रहे थे। उत्तराखंड में नदियां भी उफान पर हैं। जोशीमठ के पास विष्णु प्रयाग में अलकनंदा नदी खतरे के निशान के करीब बह रही है, अलकनंदा विष्णु प्रयाग में धौली गंगा में मिल जाती है।
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