वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों से चल रहा अटूट लंगर
गैस की कमी के बीच, गुरुद्वारों और आश्रमों में लंगर और प्रसाद वितरण जारी है। श्री हेमकुंड गुरुद्वारे में प्रतिदिन चार हजार श्रद्धालुओं को लंगर दिया जा रहा है। डीजल और लकड़ी की भट्टियों पर लंगर तैयार किया जा रहा है। सरकार ने गैस सिलेंडरों की आपूर्ति में सुधार की बात कही है।
गैस की किल्लत के बीच गुरुद्वारों और आश्रमों में अटूट लंगर और नियमित प्रसाद वितरण जारी है। इससे न केवल हजारों श्रद्धालुओं और जरूरतमंदों का पेट भर रहा है, बल्कि संस्थाएं विपरीत परिस्थितियों में भी सेवा धर्म निभाने का संदेश दे रही हैं। शहर स्थित श्री हेमकुंड गुरुद्वारे में प्रतिदिन चार हजार से अधिक श्रद्धालुओं को लंगर परोसा जा रहा है। कॉर्मिशयल गैस की कमी के चलते अब यहां डीजल और लकड़ी की भट्टियों पर लंगर तैयार किया जा रहा है। इसी प्रकार निर्मल आश्रम और जयराम आश्रम में भी प्रसाद तैयार कर वितरित किया जा रहा है। गौरतलब है कि ऋषिकेश और आसपास के क्षेत्र में 100 से अधिक आश्रम और कई गुरुद्वारे संचालित हैं, जहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु और जरूरतमंद भोजन ग्रहण करते हैं।
पूर्ति निरीक्षक सुनील देवली के अनुसार, कॉर्मिशयल गैस सिलेंडरों को लेकर सरकार ने हाल ही में राहत प्रदान की है। नए निर्देशों के तहत व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के लिए आपूर्ति की संख्या निर्धारित की गई है। मेडिकल संस्थानों और छात्रावासों को उनकी मांग के अनुरूप नियमित आपूर्ति दी जा रही है। उन्होंने बताया कि सरकार के नए आदेश के बाद एजेंसियों ने गैस कंपनियों को ऑर्डर भेज दिए हैं और जल्द ही आपूर्ति में सुधार होने की संभावना है।
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