धामी की नई टीम में पुराने कांग्रेसियों की भरमार, 12 में सिर्फ 4 'मूल' भाजपाई
उत्तराखंड में कैबिनेट विस्तार के बाद उत्तराखंड की सत्ता के समीकरणों की दिलचस्प तस्वीर सामने आई है। कैबिनेट में अब उन चेहरों का दबदबा बढ़ गया है, जिनकी जड़ें कभी कांग्रेस में थीं। कैबिनेट के 11 मंत्रियों में सात कांग्रेस पृष्टभूमि से आए हैं।

उत्तराखंड में कैबिनेट विस्तार के बाद उत्तराखंड की सत्ता के समीकरणों की दिलचस्प तस्वीर सामने आई है। कैबिनेट में अब उन चेहरों का दबदबा बढ़ गया है, जिनकी जड़ें कभी कांग्रेस में थीं। कैबिनेट के 11 मंत्रियों में सात कांग्रेस पृष्टभूमि से आए हैं। वर्तमान मंत्रिमंडल में सतपाल महाराज, सुबोध उनियाल और रेखा आर्य जैसे दिग्गज पहले से ही कांग्रेसी मूल के रहे हैं, जो पूर्व में कांग्रेस छोड़ भाजपा में शामिल हुए थे। ताजा कैबिनेट विस्तार में शामिल पांच नए मंत्रियों में से भी भरत चौधरी, प्रदीप बत्रा और राम सिंह कैड़ा का राजनैतिक सफर निर्दलीय और कांग्रेस की पृष्ठभूमि से शुरू हुआ है। वहीं, कैबिनेट मंत्री सौरभ बहुगुणा पारिवारिक रूप से कांग्रेस की पृष्ठभूमि से निकलकर भाजपा का चेहरा बने हैं।
मुख्यमंत्री समेत 12 सदस्यीय कैबिनेट में केवल मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, मदन कौशिक, डा. धन सिंह रावत, गणेश जोशी ही भाजपा के मूल गोत्र के नेता है।
कांग्रेस के रहे होंगे, अब सब भाजपा के हैं: चमोली
भाजपा सरकार में कांग्रेस पृष्टभूमि से आए नेताओं को मंत्रीमंडल में ज्यादा तव्वजो दिए जाने के सवाल पर भाजपा विधायक विनोद चमोली ने स्पष्ट किया कि भले ही वे पहले कांग्रेसी थे, लेकिन आज वे निष्ठावान भाजपा कार्यकर्ता हैं। वह भाजपा से चुनाव जीतकर आए हैं। उनका भाजपा का ही कार्यकर्ता मानना चाहिए। यह सोच गलत है कि वह पहले कांग्रेस में थे। कांग्रेस में स्थितियां ठीक नहीं थी, तभी तो वह भाजपा में आए।
लंबे इंतजार के बाद कैबिनेट विस्तार
लंबे इंतजार के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को अपने मंत्रिमंडल के पांचों रिक्त पदों को भर दिया।
सुबह लोकभवन में शपथ ग्रहण समारेाह में राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेनि) ने नए मंत्रियों के रूप में हरिद्वार विधायक मदन कौशिक, राजपुर रोड विधायक खजानदास, रुड़की विधायक प्रदीप बत्रा, रुद्रप्रयाग विधायक भरत सिंह चौधरी और भीमताल विधायक राम सिंह कैड़ा को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। कौशिक और खजानदास पहले भी कैबिनेट मंत्री का दायित्व संभाल चुके हैं। जबकि, चौधरी, कैड़ा और बत्रा को पहली बार यह दायित्व मिला है।
रिमझिम बारिश के बीच सुबह लोकभवन में 10.19 बजे मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने राज्यपाल की अनुमति से शपथ ग्रहण कार्यक्रम का शुरू किया। राज्यपाल ने मंत्रिमंडल के लिए चयनित विधायकों को क्रमवार शपथ दिलाई। शपथ ग्रहण के बाद राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने सभी मंत्रियों को नए दायित्व के लिए शुभकामनाएं दीं।
धामी मंत्रिमंडल हुआ संपूर्ण
पांच नए मंत्रियों के शपथ ग्रहण के साथ ही धामी मंत्रिमंडल ने भी संपूर्ण आकार ले लिया है। छोटे राज्यों के लिए तय प्रावधान के अनुसार उत्तराखंड में मंत्रिमंडल में मुख्यमंत्री समेत अधिकतम 12 सदस्य हो सकते हैं। अब तक मंत्रिमंडल में पांच पद रिक्त चल रहे थे।
मालूम हो कि वर्ष 2023 तक कैबिनेट में केवल तीन ही पद रिक्त थे। फिर वर्ष 2023 में चंदनराम दास की मृत्यु और पिछले साल मार्च 2025 में तत्कालीन वित्त मंत्री प्रेमचंद्र अग्रवाल के इस्तीफे की वजह से दो और पद खाली हो गए थे। पिछले एक साल से मंत्रिमंडल विस्तार की लगातार चर्चाएं होती आ रही थीं।
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