मिलनसार और बेहद शांत स्वभाव; पाक स्लीपर सेल शाहरुख और मुशर्रफ पर खुलासों ने चौंकाया
यूपी एटीएस ने पाक आतंकियों से जुड़े चार स्लीपर सेल दबोचे हैं। इनमें से दो शाहरुख और मुशर्रफ पर चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि वे बेहद मिलनसार और कभी न झगड़ने वाले थे।

देशभर में सोशल मीडिया के जरिए युवाओं को कट्टरपंथ और आतंकी नेटवर्क से जोड़ने के मामलों के बीच सहारनपुर से चार लोगों की गिरफ्तारी ने सबको चौंका दिया है। इनमें दो से तीन नाम बेहद चौंकाने वाले हैं। एक 22 साल महकाब जो पंजाब में वेल्डिंग का काम करता था, ग्रामीणों का कहना है कि वह बहुत सीधा-सादा दिखता था। देहरादून में मजदूरी करने वाला शाहरुख और हरिद्वार के मुशर्रफ पर भी स्थानीय लोगों का कहना है कि वो काफी मिलनसार थे और कभी किसी से झगड़ा नहीं करते थे। हर किसी की मदद के लिए आगे रहते थे।
20 साल का शाहरुख देहरादून में टाइल्स और पत्थर लगाने का काम करता था। उसके परिवार के पास भी 11 से 12 बीघा कृषि भूमि है। वहीं, मुशर्रफ को लेकर भी गांव में तरह-तरह की चर्चाएं हैं। पड़ोसियों को अब तक यकीन नहीं हो रहा कि मुशर्रफ आतंकी निकलेगा। लोगों का कहना है कि वह सीधा-सादा युवक था, जो ज्यादातर बाहर रहकर मजदूरी और वेल्डिंग का काम करता था।
शाहरुख बेहद सामान्य दिखता था
ग्रामीणों का कहना है कि शाहरुख का व्यवहार बेहद सामान्य और कभी किसी आपराधिक गतिविधि में उसका नाम नहीं आया। एटीएस की जांच में खुलासा हुआ है कि छोटे शहरों और गंवों के युवक जो पंजाब और उत्तराखंड जैसे राज्यों में मजदूरी या चोटे काम करते हैं, अब सोशल मीडिया के जरिए आतंकी नेटवर्क के निशाने पर हैं।
मुशर्रफ के दादा आईआईटी में करते थे नौकरी
पड़ोसियों का कहना है कि मुशर्रफ के दादा आईआईटी रुड़की में नौकरी करते थे। वह आईआईटी में कारपेंटर सहित कई काम करते थे। पड़ोसियों ने बताया कि मुशर्रफ के दादा बेहद शरीफ थे और उनकी आसपास अच्छी पहचान थी। लोग उनकी और परिवार की काफी इज्जत करते थे। पड़ोसियों के अनुसार, वह ईद के लिए गांव आया था। लगभग 10 दिन से परिवार के पास रुका हुआ था। गांव के लोगों से सामान्य तरीके से मिलता था।
इंस्टा पर दोस्ती आतंकी नेटवर्क तक पहुंची
पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद भट्टी और आकिब जट्ट के आतंकी नेटवर्क पर एटीएस की कार्रवाई के बाद सहारनपुर का सरसावा क्षेत्र अचानक सुर्खियों में आ गया है। क्षेत्र के दो युवकों के नाम आतंकी साजिश में आने के बाद गांव में सनसनी फैल गई है। ग्रामीणों और परिजनों का कहना है कि दोनों सामान्य और मिलनसार स्वभाव के युवक हैं। किसी को अंदाजा नहीं था कि इंस्टागराम के जरिए उनका संपर्क ऐसे नेटवर्क से हो सकता है। पूछताछ में उन्होंने अस्पताल, राजनीतिक पार्टियों के दफ्तर और एक कारोबारी को निशाना बनाने की साजिश का कबूलनामा किया है। जांच एजेंसियों के अनुसार, इंस्टाग्राम और वीडियो कॉल के माध्यम से इन्हें निर्देश दिए जा रहे थे।
इंस्टाग्राम के जरिए सौंपे गए थे ये टास्क
आरोपी महकाब और गगनदीप ने पूछताछ में बताया कि वे इंस्टाग्राम के जरिए पाकिस्तानी गैंगस्टरों से जुड़े थे। आबिद जट्ट ने उन्हें एक राजनीतिक पार्टी का कार्यालय और अस्पताल निशाना बनाने का टास्क सौंपा था। इसके बाद महकाब और गगनदीप ने अपने साथ शाहरुख और मुशर्रफ को भी जोड़ दिया था। मुशर्रफ इनका चौथा साथी है जो हरिद्वार के रुड़की का रहने वाला है और ईद पर अपने घर आया था।
गगनदीपक की कुंडली खंगाल रही पुलिस
यूपी एटीएस द्वारा पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद भट्टी के स्लीपर सेल से जुड़े चार और संदिग्धों की गिरफ्तारी के बाद पश्चिमी यूपी में सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट पर हैं। इन चार आरोपियों में एक गगनदीपक मुजफ्फरनगर के रामराज का रहने वाला है। एसएसपी संजय कुमार वर्मा ने बताया कि आरोपी गगनदीपक का आपराधिक रिकॉर्ड खंगाला जा रहा है। उसकी हर डिटेल की बारीकी से जांच की जा रही है।
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