High Court Ask How Nepali People Become Indian Concerned Over Government Land Encroachment and Fake IDs नेपाल के लोग भारतीय कैसे बन गए? सरकारी भूमि में कब्जा और फर्जी पहचान पर HC गंभीर, Uttarakhand Hindi News - Hindustan
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नेपाल के लोग भारतीय कैसे बन गए? सरकारी भूमि में कब्जा और फर्जी पहचान पर HC गंभीर

उत्तराखंड हाई कोर्ट के समक्ष नेपाली नागरिकों का फर्जी पहचान से भारतीय नागरिकता लेने और गलत तरीके से सरकारी भूमि पर कब्जे का मामला सामने आया है। हाई कोर्ट ने मामले में सरकार से जवाब मांगा है।

Thu, 21 May 2026 08:01 AMGaurav Kala नैनीताल
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नेपाल के लोग भारतीय कैसे बन गए? सरकारी भूमि में कब्जा और फर्जी पहचान पर HC गंभीर

उत्तराखंड हाईकोर्ट ने नेपाल मूल के लोगों की ओर से खुद को भारतीय बताकर नैनीताल के आसपास सरकारी और वन विभाग की भूमि पर गलत तरीके से भारत की नागरिकता के दस्तावेज तैयार कर कब्जा करने के खिलाफ दायर जनहित याचिका पर बुधवार को सुनवाई की।

मामले में सख्त रुख अपनाते हुए मुख्य न्यायाधीश मनोज कुमार गुप्ता एवं न्यायमूर्ति सुभाष उपाध्याय की खंडपीठ ने सरकार से ये बताने के लिए कहा कि नेपाल मूल के लोग किस पॉलिसी के तहत भारत में रह रहे हैं और उनकी ओर से कैसे भूमि खरीदी जा रही है? सरकार को इसका जवाब तीन सप्ताह में देना होगा।

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सरकार का पक्ष

सुनवाई के दौरान सरकार ने शपथ पत्र पेश कर कहा कि 1950 की नियमावली के तहत भारतीय लोग नेपाल में और नेपाल के लोग भारत में रह सकते हैं, रोजगार कर सकते हैं। जिसका विरोध करते हुए याची की ओर से कहा गया, कि नियमावली के अनुसार यदि कोई नेपाली भारत में जमीन लेता है, तो वह आरबीआई के माध्यम से खरीदी जाएगी। जबकि, भारतीयों को ये सुविधा नेपाल में नहीं मिली हुई है। दोनों पक्षों को सुनने के बाद कोर्ट ने सरकार से पूछा है कि जिस नीति के आधार पर नेपाली लोग यहां रह रहे हैं, उसे पेश करें।

25 परिवारों पर सरकारी भूमि पर कब्जे का आरोप

मामले के अनुसार, नैनीताल निवासी पवन जाटव ने जनहित याचिका दायर कर कहा है कि बीते कई वर्षों से नेपाल से आए लोगों ने नैनीताल शहर एवं नैनीताल जिले की खुर्पाताल ग्रामसभा के तोक खाड़ी स्थित बजून चौराहे के पास आवासीय निर्माण कर लिया है।

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करीब 25 परिवारों ने सरकारी व नजूल भूमि पर कब्जा किया है। इन लोगों ने न ही नागरिकता हासिल करने को कोई प्रार्थना पत्र लगाया और न ही किसी तरीके से भारत की नागरिकता हासिल की। अवैध तरीके से यहां के आधार कार्ड, वोटर आईडी, ड्राइविंग लाइसेंस, स्थायी निवास प्रमाण पत्र, राशन कार्ड, स्वास्थ्य सेवाएं कार्ड अवैध तरीके से बनाकर सरकारी योजनाओं का लाभ लिया जा रहा है। कहा कि वोटर लिस्ट, पैन कार्ड, आधार कार्ड बनाकर वोटर लिस्ट में नाम दर्ज कराकर पानी-बिजली के कनेक्शन आदि अवैध तरीके से हासिल कर लिए।

प्रमाण पत्र जारी करने वालों पर भी हो कार्रवाई

कई बार इसकी शिकायत जिला प्रशासन और राज्य सरकार के उच्च अधिकारियों से की गई, लेकिन उनकी शिकायत का कोई निराकरण नहीं हुआ। इससे क्षुब्ध होकर उन्हें कोर्ट की शरण लेनी पड़ी। जनहित याचिका में उन्होंने कोर्ट से प्रार्थना की है कि इस तरह की अवैध गतिविधियों पर रोक लगाई जाए। जिन अधिकारियों ने उन्हें ये प्रमाण पत्र जारी किए हैं उनके खिलाफ भी विभागीय व दंडात्मक कार्रवाई करने के निर्देश दिए जाएं।

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वन विभाग को रास्ता बंद करने का अधिकार नहीं

नैनीताल। हाईकोर्ट ने यूएस नगर जिले में खटीमा के सालभोजी और अन्य ग्रामों का वन विभाग की ओर से सदियों पुराना रास्ता बंद करने के मामले में दायर जनहित याचिका पर बुधवार को सुनवाई की। मुख्य न्यायाधीश मनोज कुमार गुप्ता एवं न्यायमूर्ति सुभाष उपाध्याय की खंडपीठ ने जनहित याचिका को निस्तारित करते हुए कहा है, कि वन विभाग को कोई अधिकार नहीं है कि वो ग्रामीणों का रास्ता बंद कर दें। कोर्ट ने राज्य सरकार की ओर से पेश किए गए राजस्व रिकॉर्ड का अवलोकन करने पर पाया, कि रास्ता सदियों से आम रास्ता था।

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