Veterans Unite for Integrity and Discipline in Civil Life at Corps of Signals 116th Foundation Day बोले हल्द्वानी: रिटायरमेंट के बाद ‘सिविल’ की चुनौतियों से लड़ेंगे पूर्व सैनिक, Haldwani Hindi News - Hindustan
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बोले हल्द्वानी: रिटायरमेंट के बाद ‘सिविल’ की चुनौतियों से लड़ेंगे पूर्व सैनिक

हल्द्वानी में पूर्व सैनिकों ने भारतीय सेना के संचार विभाग के 116वें स्थापना दिवस पर एकजुट होकर संकल्प लिया कि वे नागरिक जीवन में ईमानदारी और अनुशासन को बढ़ावा देंगे। कार्यक्रम में पूर्व सैनिकों ने समाज में व्याप्त अव्यवस्थाओं के खिलाफ संघर्ष करने का निर्णय लिया।

Mon, 23 Feb 2026 05:43 PMNewswrap हिन्दुस्तान, हल्द्वानी
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बोले हल्द्वानी: रिटायरमेंट के बाद ‘सिविल’ की चुनौतियों से लड़ेंगे पूर्व सैनिक

सरहद पर दुश्मनों से लोहा लेने वाले फौजी के लिए रिटायरमेंट के बाद नागरिक जीवन (सिविल) की राह आसान नहीं होती। जिस ईमानदारी और अनुशासन को उन्होंने पूरी सेवा के दौरान जिया, सिविल जीवन में उसी नैतिकता की कमी उन्हें सबसे ज्यादा खलती है। सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने से लेकर समाज में व्याप्त अव्यवस्थाओं तक, पूर्व सैनिक हर कदम पर एक नई जंग लड़ रहे हैं। लेकिन अब पूर्व सैनिकों ने तय किया है कि वे इन चुनौतियों के आगे झुकेंगे नहीं, बल्कि एकजुट होकर इनका समाधान निकालेंगे। हल्द्वानी के मुखानी में आयोजित भारतीय सेना के संचार विभाग (कॉर्प्स ऑफ सिग्नल्स) के 116वें स्थापना दिवस पर जुटे पूर्व सैनिकों ने यह संकल्प लिया कि वे न केवल पूर्व सैनिकों के हक की लड़ाई लड़ेंगे, बल्कि समाज में फिर से ईमानदारी और अनुशासन की अलख जगाएंगे।

वैटरन सिग्नल्स वैलफेयर एसोसिएशन के बैनर तले आयोजित इस कार्यक्रम में यह साफ कर दिया गया कि एक सैनिक कभी रिटायर नहीं होता, वह बस अपनी भूमिका बदलता है। भारतीय सेना के संचार विभाग ‘कॉर्प्स ऑफ सिग्नल्स’ का 116वां स्थापना दिवस रविवार को मुखानी स्थित एक बैंक्वेट हॉल में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। कार्यक्रम में कुमाऊं मंडल के विभिन्न जिलों से आए पूर्व सैनिकों (वेटरन्स), वीर नारियों और उनके परिजनों ने बड़ी संख्या में शिरकत की। समारोह का शुभारंभ मुख्य अतिथि सेवानिवृत्त कर्नल जगत सिंह जंतवाल और उनकी पत्नी ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस दौरान कॉर्प्स ऑफ सिग्नल्स के प्रेरणादायी गीतों से पूरा हॉल सैन्य गौरव के अहसास से भर उठा। इस दौरान कर्नल जगत सिंह जंतवाल ने कॉर्प्स ऑफ सिग्नल्स के स्वर्णिम इतिहास और वर्तमान में संगठन एवं पूर्व सैनिकों व उनके परिवारों के उत्थान के लिए किए जा रहे कार्यों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा, कुमाऊं क्षेत्र में पहली बार इस स्तर का आयोजन करना उनके लिए गर्व की बात है। ऐसे आयोजन न केवल उनके गौरवशाली सैन्य विरासत को जीवित रखते हैं, बल्कि वेटरन समुदाय के बीच आपसी समन्वय, सहयोग और भाईचारे को भी नई मजबूती प्रदान करते हैं। ये लोग रहे मौजूद समारोह में सूबेदार सेवानिवृत्त मेजर दीपक पंत, सेवानिवृत्त हॉनरी कैप्टन अर्जुन परिहार, सेवानिवृत्त हवलदार पुष्कर मेहरा, सेवानिवृत्त सूबेदार जितेंदर मेहरा, सेवानिवृत्त हॉनरी कैप्टन एके पांडे, सेवानिवृत्त सूबेदार दीगर सिंह, सेवानिवृत्त कैलाश चंद्र पांडे, सेवानिवृत्त केएन भट‌्ट, सेवानिवृत्त कर्नल गणेश दत्त जोशी, सेवानिवृत्त प्रेम डसीला, सेवानिवृत्त देव राज शर्मा, सेवानिवृत्त कुंदन सिंह, सेवानिवृत्त पान सिंह बिष्ट, सेवानिवृत्त हेम पांडे, सेवानिवृत्त चंद्र सिंह सहित अन्य गणमान्य सदस्य उपस्थित रहे। सांस्कृतिक रंग और अटूट संकल्प समारोह में बच्चों और परिवारजनों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियां एवं रोचक गतिविधियां आयोजित की। वीर नारियों के प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए उन्हें संगठन का अभिन्न अंग बताया गया। कार्यक्रम के समापन पर सभी सदस्यों ने एक-दूसरे को स्थापना दिवस की बधाई दी और भविष्य में संगठन को और अधिक सशक्त व संगठित बनाने का सामूहिक संकल्प लिया। फौजी चाहता है हर व्यक्ति ईमानादार हो अल्मोड़ा के मेहता गांव के रहने सूबेदार मेजर ऑनरेरी कैप्टन रंजीत मेहरा ने बताया की वह 19 साल की उम्र में सेना में भर्ती हुए। देश के अलग-अलग हिस्सों में उन्होंने नौकरी की। 34 साल बाद वह रिटायर होकर घर पहुंचे। फौज की नौकरी और उसके बाद की जिंदगी में बहुत बड़ा अंतर है। उन्होंने कहा की सेना में एक सैनिक बेहद अनुशासन के साथ रहता है। हमेशा नियमों का पालन करता है। लेकिन सिविल में ऐसा नहीं है। एक फौजी हमेशा चाहता वह जिस समाज में रहता है। वहां पर हर कोई ईमानदारी के साथ रहे। इस दौरान उन्होंने कहा कि हमारा संगठन पूर्व सैनिकों के साथ होने वाली जमीन की धोखाधड़ी, पूर्व सैनिकों की तमाम समस्याओं, फौजियों की वीरांगनाओं एवं उनके बच्चों की पढ़ाई में जो भी अड़चन आएगी, उसे दूर करने में मदद करेगा। सैन्य विरासत और भाईचारे का संगम कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे सेवानिवृत्त कर्नल जगत सिंह जंतवाल ने संगठन के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि ऐसे आयोजनों का मुख्य उद्देश्य वेटरन समुदाय के बीच आपसी समन्वय, सहयोग और भाईचारे को मजबूत करना है। उन्होंने जोर देकर कहा कि सेना से सेवानिवृत्त होने के बाद भी सैन्य विरासत को जीवित रखना हर सैनिक का कर्तव्य है। कर्नल जंतवाल ने पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों के कल्याण के प्रति प्रतिबद्धता जताते हुए कहा कि संगठन वीर नारियों के सम्मान, बच्चों की शिक्षा और वेटरन्स की भूमि संबंधी समस्याओं के समाधान के लिए निरंतर प्रयास कर रहा है। पूर्व सैनिकों के लिए ये करेंगे वीर नारियों का सम्मान करेंगे फौजियों की जमीन संबंधी दिक्कत दूर करेंगे पूर्व सैनिकों की बेटियों की पढ़ाई में मदद करेंगे वीर नारियों को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए पहल करेंगे अपनी पहचान को मजबूत करेंगे, अनुशासन के बारे में लोगों को बताएंगे अपने लोगों की हितों की रक्षा करेंगे

बोले पूर्व सैनिक

कुमाऊं में पहली बार ऐसा भव्य आयोजन देखकर गर्व महसूस हो रहा है। संगठन ने जो अनुशासन और भाईचारे की बात कही है, वह हमारी असली ताकत है। हम रिटायर होने के बाद भी सिपाही हैं। सेनि. कर्नल पूरन सिंह बिष्ट

वीर नारियों के सम्मान और उन्हें स्वरोजगार से जोड़ने की पहल सबसे सराहनीय है। ऐसा करने से हमें बड़ा गर्व होगा। उनकी मदद करना हमारा सबसे बड़ा धर्म है। सेनि. हवलदार चंद्र प्रकाश

पूर्व सैनिकों की बेटियों की पढ़ाई के लिए मदद का संकल्प एक बड़ा बदलाव लाएगा। आर्थिक तंगी के कारण किसी फौजी की बेटी की शिक्षा नहीं रुकनी चाहिए। यह भविष्य संवारने वाला कदम है। सेनि. कै. महेश चंद्र तिवारी

अक्सर रिटायरमेंट के बाद हम बिखर जाते हैं। इस स्थापना दिवस ने हमें एक मंच पर लाकर फिर से एक कर दिया है। आपसी समन्वय से ही हम अपने हकों की रक्षा कर पाएंगे। सेनि. सूबेदार बीडी राय

अनुशासन ही सेना की पहचान है। कर्नल साहब ने सही कहा कि हमें नागरिक जीवन में भी अनुशासन के बारे में लोगों को बताना चाहिए ताकि समाज में सकारात्मक संदेश जाए। जीसी कांडपाल

सिग्नल्स कॉर्प्स का इतिहास वीरता का रहा है। वर्तमान में जो संगठन हमारे उत्थान के लिए काम कर रहा है, वह प्रेरणादायी है। हम सब इस नई टीम के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े हैं। सेनि. नायब सूबेदार कुंदन सिंह

स्वरोजगार की पहल वीर नारियों को आत्मनिर्भर बनाएगी। उन्हें समाज में किसी के आगे हाथ फैलाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। संगठन की यह सोच बहुत दूरदर्शी और मानवीय है। सेनि. कै. सीबी पंत

स्थापना दिवस पर कॉर्प्स गीत गाते समय वही पुराना जोश आ गया। ऐसे आयोजनों से वेटरन समुदाय को महसूस होता है कि विभाग और समाज उन्हें आज भी सम्मान की नजर से देखता है। सेनि. कै. रंजीत सिंह मेहता

पहली बार कुमाऊं क्षेत्र में सिग्नल्स का इतना बड़ा कार्यक्रम हुआ। इससे दूर-दराज के गांवों में रहने वाले पूर्व सैनिकों को भी अपनी बातों को साझा करने का मौका मिला है। सेनि. सूबेदार अर्जुन सिंह भंडारी

बेटियों की शिक्षा पर निवेश करना ही देश सेवा है। हम पूरी कोशिश करेंगे की पूर्व सैनिकों की बेटियों को स्कॉलरशिप और करियर गाइडेंस दिलाई जाए जिससे उनका भविष्य संवरे। सेनि. कै. दिनेश चंद्र जोशी

स्थापना दिवस ने हमें एक परिवार की तरह जोड़ दिया है। बच्चों और परिवारजनों के लिए जो गतिविधियां हुईं, उससे हमारे परिवार को भी सेना की संस्कृति समझने का मौका मिला। सेनि. नायब राजेश महतोलिया

संगठन का उद्देश्य स्पष्ट है अपने लोगों का सम्मान और कल्याण। हम सभी संकल्प लेते हैं कि हम अपनी पहचान और अनुशासन को मजबूत बनाए रखेंगे और समाज की सेवा करेंगे। सेनि. सूबेदार धरम सिंह

वीर नारियों को स्वरोजगार से जोड़ना सबसे बड़ा पुण्य का कार्य है। उन्हें आत्मनिर्भर बनाकर ही हम अपनी उन साथियों को सच्ची श्रद्धांजलि दे सकते हैं जिन्होंने देश के लिए बलिदान दिया। - सेनि. कै. प्रमोद

अनुशासन ही एक सैनिक की सबसे बड़ी पूंजी है। इसे आम जनमानस तक पहुँचाने का संकल्प समाज की दशा और दिशा बदल सकता है। हम सब इस मिशन में संगठन के साथ हैं। - चारू चंद्र तिवारी

हम पूर्व सैनिकों की सभी समस्याओं का समाधान करेंगे। इसके लिए हम अपने संगठन को मजबूत कर रहे हैं। एक फौजी हमेशा ईमानदारी के साथ काम करता है। इसलिए हम समाज में लोगों को ईमानदारी, देशभक्ति और सशक्त समाज बनाने के लिए काम भी करेंगे। पूर्व सैनिकों की समस्याओं का समाधान भी करेंगे।
-जगत सिंह जंतवाल, सेवानिवृत्त कर्नल, वैटरन सिग्लस वैलफेयर एसोसिएशन

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