Government Big Action on Madrasas in uttarakhand Permission Only After Fulfilling 11 Conditions मदरसों पर सरकार का बड़ा फैसला, इन 11 शर्तों के बाद ही उत्तराखंड में चलाने की परमिशन, Uttarakhand Hindi News - Hindustan
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मदरसों पर सरकार का बड़ा फैसला, इन 11 शर्तों के बाद ही उत्तराखंड में चलाने की परमिशन

उत्तराखंड के अल्पसंख्यक प्राधिकरण के नियमों में धारा-14 के तहत 11 शर्तें पूरा होने पर ही मदरसों का संचालन हो सकेगा। इससे पहले प्राधिकरण से धार्मिक शिक्षा दिए जाने की मान्यता नहीं मिलेगी।

Sun, 29 March 2026 07:31 AMGaurav Kala देहरादून
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मदरसों पर सरकार का बड़ा फैसला, इन 11 शर्तों के बाद ही उत्तराखंड में चलाने की परमिशन

उत्तराखंड में मदरसों के संचालन को लेकर नियम सख्त कर दिए गए हैं। अब अल्पसंख्यक प्राधिकरण ने स्पष्ट कर दिया है कि धारा-14 के तहत निर्धारित शर्तों को पूरा किए बिना किसी भी मदरसे को धार्मिक शिक्षा देने की मान्यता नहीं मिलेगी। इसके साथ ही सभी मदरसों को शिक्षा विभाग से भी नए सिरे से मान्यता लेनी होगी। इस फैसले के बाद प्रदेश भर में मदरसा संचालकों के बीच हलचल तेज हो गई है।

शनिवार को अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी जेएस रावत ने मदरसा संचालकों की बैठक बुलाई, जिसमें सभी को तय मानकों को पूरा करने के निर्देश दिए गए। बैठक में मौलाना इफ्तिखार, कारी शहजाद और मौलाना रिहान गनी समेत कई प्रतिनिधि मौजूद रहे। अधिकारियों ने साफ किया कि नियमों का पालन नहीं करने वाले संस्थानों पर कार्रवाई भी की जा सकती है।

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इस समय 482 मान्यता प्राप्त मदरसे

प्रदेश में इस समय 482 मान्यता प्राप्त मदरसे संचालित हैं, जिनमें 50 हजार से अधिक छात्र-छात्राएं पढ़ रहे हैं। देहरादून में 36 मदरसों को मान्यता मिली हुई है। मदरसा बोर्ड के निदेशक गिरधारी सिंह रावत ने देहरादून, हरिद्वार, उधम सिंह नगर, नैनीताल, अल्मोड़ा, पिथौरागढ़ और चंपावत जिलों से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि कितने मदरसे नए मानकों पर खरे उतरते हैं।

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धार्मिक शिक्षा के नाम पर बरगलाना बर्दाश्त नहीं

सरकार का कहना है कि इन नियमों का उद्देश्य शिक्षा व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और व्यवस्थित बनाना है। खासतौर पर वित्तीय लेनदेन, शिक्षकों की योग्यता और संस्थानों के संचालन को लेकर स्पष्ट दिशा-निर्देश तय किए गए हैं। अधिकारियों ने यह भी कहा कि धार्मिक शिक्षा के नाम पर किसी भी तरह की अनियमितता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

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मान्यता के लिए अनिवार्य शर्तें-

● शैक्षणिक संस्थान अल्पसंख्यक समुदाय द्वारा स्थापित और संचालित हो।

● संस्थान का शिक्षा परिषद से संबद्ध होना जरूरी है।

● सोसायटी रजिस्ट्रार के पास संस्थान का पंजीकरण होना चाहिए।

● संस्थान की जमीन सोसायटी के नाम पर दर्ज होनी चाहिए।

● सभी वित्तीय लेनदेन संस्थान के आधिकारिक खाते से ही किए जाएं।

● संस्थान की सोसायटी के सभी सदस्य अल्पसंख्यक समुदाय से हों।

● छात्रों और शिक्षकों को किसी धार्मिक गतिविधि में भाग लेने के लिए बाध्य नहीं किया जाएगा।

● केवल डिग्रीधारी शिक्षकों की ही नियुक्ति की जाएगी।

● शैक्षणिक, प्रशासनिक और वित्तीय मामलों में परिषद और प्राधिकरण के निर्देश लागू होंगे।

● संस्थान ऐसा कोई कार्य नहीं करेगा जिससे सांप्रदायिक और सामाजिक सद्भाव प्रभावित हो।

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