Elderly Couple Held in Digital Arrest for 7 Days at Home Trapped in Fear no permission to cut phone न फोन काटना, न किसी को बताना; बुजुर्ग दंपति को डिजिटल अरेस्ट बता सात दिन घर पर कैद रखा, Uttarakhand Hindi News - Hindustan
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न फोन काटना, न किसी को बताना; बुजुर्ग दंपति को डिजिटल अरेस्ट बता सात दिन घर पर कैद रखा

देहरादून में बुजुर्ग दंपति को डिजिटल अरेस्ट बता सात दिन घर पर कैद रखा गया। उनसे 13 लाख भी ठगे। इस दौरान वीडियो कॉल पर ठगों ने उन पर लगातार नजर रखी।

Tue, 23 Dec 2025 07:17 AMGaurav Kala देहरादून
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न फोन काटना, न किसी को बताना; बुजुर्ग दंपति को डिजिटल अरेस्ट बता सात दिन घर पर कैद रखा

देहरादून निवासी बुजुर्ग दंपति को सात दिन तक डिजिटल अरेस्ट रखने का मामला सामने आया है। कंस्ट्रक्शन से जुड़े 65 वर्षीय बुजुर्ग और उनकी पत्नी को सात दिन घर में कैद रखा। इस दौरान आरोपी ने उन्हें मनी लॉन्ड्रिंग में फंसाने की धमकी दी। सीबीआई व क्राइम ब्रांच अफसर बताकर डराया। सुप्रीम कोर्ट एवं ईडी के फर्जी लेटर पैड का भी इस्तेमाल किया। गिरफ्तारी का डर दिखाकर 12.70 लाख रुपये ठगे।

इस मामले में रायपुर थाने में केस दर्ज किया है। एसओ गिरीश नेगी के अनुसार पंकज अग्रवाल व उनकी पत्नी लता निवासी व्हिसलिंग वुड्स अपार्टमेंट सहस्रधारा रोड ने तहरीर दी कि सात दिसंबर को उनके पास कॉल आई। कॉल करने वाले ने खुद को दिल्ली दूरसंचार विभाग अधिकारी बताया। कहा कि उनके सिम से अवैध गतिविधियां हो रही हैं। कॉल को कथित मुंबई क्राइम ब्रांच ट्रांसफर किया। बताया कि उनका नाम जेट एयरवेज के नरेश गोयल से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग केस में आया है। उनके नाम पर 200 से ज्यादा खातों से करोड़ों का लेनदेन हुआ है।

न फोन काटना, न किसी को बताना

ठगों ने दंपत्ति पर इतना मनोवैज्ञानिक दबाव बनाया कि उन्हें डिजिटल अरेस्ट की स्थिति में डाल दिया। उनसे कहा गया कि वे न तो फोन काट सकते हैं और न ही घर के किसी सदस्य या पड़ोसी को इस बारे में बता सकते हैं। ठगों ने वीडियो कॉल के जरिए उन पर नजर रखी। दंपति इतने डर गए कि सात दिनों तक वे अपने ही घर में एक-दूसरे से बात करने तक में कतराने लगे। उन्हें लगा कि पुलिस किसी भी वक्त उनके घर पर दस्तक दे देगी और उन्हें गिरफ्तार कर लेगी। दंपति का बेटा विदेश में रहता है।

कानून में डिजिटल अरेस्ट का कोई प्रावधान नहीं

साइबर विशेषज्ञों के मुताबिक कानून में डिजिटल अरेस्ट का प्रावधान नहीं है। कोई भी सरकारी एजेंसी (सीबीआई, ईडी एवं पुलिस) व्हाट्सएप वीडियो कॉल पर जांच नहीं करती है। यदि कोई फोन पर आपको डराए या पैसे की मांग करें तो तुरंत फोन काटें और स्थानीय पुलिस या 1930 पर सूचना दें।

हाथ से लिखवाए बयान, कर्मचारी आईडी भी बताई: ठगों ने कहा कि दंपति के नाम पर 247 बैंक खाते चल रहे हैं। डर के साए में दंपति से हाथ से लिखे बयान भी मंगवाए गए।

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