बोले देहरादून: विडंबना : चूना भट्टा में स्कूल और कॉलेजों के पास बेचा रहा नशा
उत्तराखंड सरकार ने 2025 तक राज्य को नशामुक्त बनाने का संकल्प लिया है, लेकिन देहरादून के चूना भट्ठा क्षेत्र में नशे की बिक्री में वृद्धि हो रही है। स्थानीय लोग असुरक्षा और चोरी की घटनाओं से परेशान हैं।...
सरकार ने 2025 तक उत्तराखंड को नशामुक्त बनाने का संकल्प लिया है। हालांकि, बीते छह महीनों में राजधानी के कई इलाकों में नशे की खुलेआम बिक्री जारी है। खासकर आधोईवाला वार्ड के चूना भट्ठा क्षेत्र में नशाखोरी धड़ल्ले से जारी है। पुलिस प्रशासन का खौफ न होने के कारण ऐसे लोग बार-बार पकड़े जाने के बाद भी नशा बेचते रहते हैं। इससे आमजन की सुरक्षा पर गंभीर असर पड़ा है। उनकी शिकायतों के बावजूद नशामुक्त समाज का सपना अधूरा नजर आता है, जो जनता की पीड़ा को और बढ़ाता है।
देहरादून में चूना भट्ठा क्षेत्र में लंबे समय से नशे की खुलेआम बिक्री हो रही है, जो वहां के लोगों और व्यापारियों के लिए गंभीर चिंता का विषय बन गई है। खासकर, इस क्षेत्र के आस-पास कई स्कूल हैं। कई बार तो बच्चे और किशोर भी नशे की सामग्री खरीदने आते हैं। इससे न सिर्फ उनका भविष्य खराब हो रहा है, बल्कि सामाजिक माहौल भी दिन-ब-दिन बिगड़ता जा रहा है। नशे के आदी युवा न केवल अपनी जान को जोखिम में डाल रहे हैं, बल्कि इलाके की सुरक्षा और शांति को भी दांव पर लगा रहे हैं।
आपके अपने अखबार ‘हिन्दुस्तान’ के ‘बोले देहरादून’ अभियान के तहत चूना भट्ठा के लोगों और व्यापारियों ने अपनी पीड़ा खुलकर रखी। उन्होंने बताया कि वे अपने घरों से बाहर निकलने में भी डरते हैं, क्योंकि यहां चलते-फिरते लोगों के मोबाइल फोन अक्सर चोरी हो जाते हैं, पर्स छीन लिए जाते हैं और दुकानों में चोरी के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। कई लोग अपनी दुकानें छोड़कर बाहर भी नहीं जा पाते, क्योंकि वहां सुरक्षा नाम की कोई चीज नहीं बची है। सुरक्षा के लिए लगाए गए सीसीटीवी कैमरे भी अक्सर चोरी हो जाते हैं या उनको तोड़कर चोरी को अंजाम दिया जाता है।
स्थानीय लोग बताते हैं कि नशा तस्करी करने वालों ने खासतौर पर यहां के युवाओं को इसका आदी बना दिया है, जिस कारण सामाजिक ताना-बाना बिखरता जा रहा है। इस समस्या ने यहां की खराब सड़कें और गंदी नालियों जैसे मुद्दों को भी पीछे धकेल दिया है। पुलिस समय-समय पर गश्त करती है, लेकिन कुछ ही दिनों में नशे का काला कारोबार फिर से शुरू हो जाता है। लोग उम्मीद करते हैं कि सरकार इस मुद्दे पर गंभीरता से ध्यान देगी और आरोपियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करेगी।
-प्रस्तुति: कुमुद नाैटियाल
चुना भट्टा क्षेत्र में नशा तस्करों पर अतिरिक्त सतर्कता बरती जाएगी
जहां भी इस तरह की शिकायत आती है वहां लगातार कार्रवाई की जाती है। थाना पुलिस के साथ एएनटीएफ भी नशा तस्करों के खिलाफ कार्रवाई कर रही है। इस क्षेत्र में विशेष सतर्कता बरती जाएगी। चूना भट्टा इलाके से पिछले कुछ महीने में कई आरोपी नशा तस्करी में गिरफ्तार कर जेल भेजे जा चुके हैं। हाल में जेल से छूटकर आए आरोपियों की निगरानी बढ़ाई जाएगी। - अजय सिंह, एसएसपी देहरादून
पुलिस की तैनाती और नियमित गश्त जरूरी
अधोईवाला क्षेत्र के स्थानीय लोगों ने बताया कि चूना भट्ठा में लंबे समय से नशे की सप्लाई चल रही है। कई बार पुलिस प्रशासन को इसकी शिकायत की गई, जिसके बाद पुलिस कुछ दिनों के लिए गश्त करती है, लेकिन फिर स्थिति पहले जैसी हो जाती है। इससे लोग असुरक्षित महसूस करते हैं। उनका कहना है कि यहां पुलिस की नियमित और सतत गश्त होनी चाहिए, न कि कुछ दिनों के लिए। लगातार पुलिस उपस्थिति से ही नशा कारोबारियों पर नियंत्रण रखा जा सकता है और स्थानीय लोग सुरक्षित रह पाएंगे।
कई बार शिकायत के बाद भी नहीं मिला स्थायी समाधान
चूना भट्ठा के लोगों का कहना है कि उन्होंने कई बार नशे की बिक्री के खिलाफ पुलिस प्रशासन से शिकायत की है। पुलिस ने कभी-कभी नशा विक्रेताओं को गिरफ्तार भी किया, लेकिन वे जल्दी छूटकर फिर से नशा बेचने लगते हैं। जेल जाने के बाद भी इनमें पुलिस का कोई भय नहीं है। ये लोग खुलेआम युवाओं को नशे की आदत में डाल रहे हैं और विरोध करने वालों से झगड़ा भी करते हैं। इस वजह से स्थानीय लोग निराश हैं क्योंकि समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो पा रहा।
सुझाव
1. चूना भट्ठा क्षेत्र में नशे की बिक्री पर प्रभावी रोक लगनी चाहिए।
2. इस क्षेत्र में पुलिस की नियमित और मजबूत गश्त होनी चाहिए, ताकि असामाजिक तत्वों पर अंकुश लगाया जा सके।
3. इस क्षेत्र में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएं, जिससे असामाजिक तत्वों की पहचान और गिरफ्तारी आसान हो सके।
4. पुलिस को शिकायतों को गंभीरता से लेकर त्वरित और ठोस कार्रवाई करनी चाहिए।
5. अधोईवाला क्षेत्र की सड़कें और नालियों का नवनिर्माण तथा सफाई की जाए।
शिकायतें
1. चूना भट्ठा क्षेत्र में नशे की खुली बिक्री से माहौल बहुत खराब हो चुका है।
2. नशा बेचने वालों को किसी भी प्रकार का भय नहीं है, जिससे आम लोग असुरक्षित महसूस कर रहे हैं।
3. नशे के आदी लोग सरेआम चोरी और अन्य अपराधिक घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं।
4. क्षेत्रवासियों की शिकायतों के बावजूद पुलिस की ठोस कार्रवाई नहीं हो रही है।
5. पुलिस की गश्त न होने से नशे का कारोबार करने वाले लोगों में कोई डर नहीं है।
अपनी-अपनी बात
काफी समय से यहां नशे का कारोबार चल रहा है। इससे क्षेत्र का माहौल बहुत खराब हो गया है। खासकर रात के समय यहां आना-जाना जोखिम भरा हो गया है। लोग असुरक्षित महसूस करते हैं, यदि समय रहते इस समस्या को नहीं रोका गया तो हालात और बिगड़ सकते हैं। -दिनेश मल्होत्रा
यहां नशे के लिए नाबालिग लड़के-लड़कियां अक्सर नजर आते हैं। नशे की वजह से हमारी युवा पीढ़ी बर्बाद हो रही है। यह भविष्य के लिए बहुत बड़ा खतरा है। हमें चाहिए कि नशे की इस बीमारी को खत्म किया जाए ताकि युवा समाज को सही दिशा मिले और वे नशे की आदत से बचें।
-अनिल मल्होत्रा
यहां चलते-फिरते चोरी की घटनाएं आम हो गई हैं। लोगों के फोन, पर्स और कीमती सामान आसानी से चोरी हो जाते हैं। इससे लोग परेशान हैं और सुरक्षा की चिंता करते हैं। यदि इस समस्या को नहीं रोका गया तो यहां का सामाजिक माहौल पूरी तरह बिगड़ जाएगा।
-शूरवीर सिंह रावत
हमने अपनी सुरक्षा के लिए सीसीटीवी कैमरे लगाए हैं, लेकिन कई बार वे भी चोरी हो जाते हैं। कभी-कभी चोरी के दौरान कैमरे को मोड़ देते हैं, या बंद कर दिया जाता है। इससे असामाजिक तत्वों की पहचान करना मुश्किल हो जाता है। पुलिस को सख्त कार्रवाई करनी चाहिए। -आकाश कुमार
हम लोग लगातार नशे के खिलाफ शिकायत करते रहते हैं। कार्रवाई होती है तो वे थोड़े दिन काम बंद कर देते हैं, लेकिन फिर से नशा बेचने लगते हैं। इससे यह समस्या बनी रहती है। प्रशासन को चाहिए कि इस पर स्थायी समाधान निकालें ताकि क्षेत्र में शांति और सुरक्षा बनी रहे। -हारून
पुलिस को नशे को जड़ से खत्म करने के लिए उचित कदम उठाने चाहिए। इससे यह संदेश जाएगा कि समाज किसी भी प्रकार के नशे को बर्दाश्त नहीं करेगा। ठोस और प्रभावी कार्रवाई से नशे का कारोबार खत्म होगा और युवा सुरक्षित रहेंगे। नशे के कारण लोग परेशान हो चुके हैं। -मोहम्मद आफताब
हमारे मुख्यमंत्री ने 2025 तक उत्तराखंड को नशामुक्त बनाने का संकल्प लिया था, लेकिन यह संकल्प केवल शब्दों तक सीमित रह गया है। जमीन पर अभी भी नशा खुलेआम बिक रहा है। प्रशासन को इस दिशा में तेजी से काम करना होगा ताकि यह संकल्प पूरा हो और प्रदेश सुरक्षित बने।
-अरबाज
रात में यहां से आना-जाना डरावना हो गया है। अनजान और संदिग्ध लोग आते-जाते रहते हैं। लोग रात में आवाजाही करने से बचते हैं क्योंकि सुरक्षा का कोई भरोसा नहीं है। प्रशासन को जल्द से जल्द सुरक्षा बढ़ानी होगी ताकि लोग सुरक्षित महसूस कर सकें।
-सुमित
नशे के आदी लोग नशा करने के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार रहते हैं। वे यहां की दुकानों से जो कुछ भी चोरी कर सकते हैं, कर लेते हैं। इससे दुकानदार और क्षेत्रवासियों की परेशानी बढ़ती जा रही है। इस पर ध्यान दिया जाना चाहिए।
-विजय
हमने रायपुर थाने, एसएसपी और डीएम को कई बार ज्ञापन दिए हैं, लेकिन यहां नशे की बिक्री पर रोक नहीं लग पाई है। शिकायतों के बावजूद समस्या बनी हुई है। प्रशासन को इस पर गंभीरता से ध्यान देना होगा और प्रभावी कदम उठाने होंगे।
-शाहनवाज
नशे की खरीद-फरोख्त से क्षेत्र का माहौल बहुत खराब हो गया है। इसका सीधा असर विकास कार्यों पर पड़ रहा है। क्षेत्र की स्थिति बिगड़ रही है, जिससे लोगों का जीवन प्रभावित हो रहा है। प्रशासन को इस समस्या का जल्द से जल्द समाधान करना चाहिए।
-रूबी
क्षेत्र की सड़कों की हालत खराब है और पानी निकासी की व्यवस्था भी ठीक नहीं है। बरसात में सड़कें जलमग्न हो जाती हैं, जिससे स्थानीय लोगों को काफी दिक्कत होती है। प्रशासन को इस ओर भी जल्द से जल्द ध्यान देने की जरूरत है।
-मांसुंदरी देवी
हम लोग बहुत परेशान हैं। हमारी और अन्य दुकानों में चोरी की घटनाएं बढ़ रही हैं। यदि यह स्थिति जारी रही तो हम कहां जाएंगे? सुरक्षा की उचित व्यवस्था होनी चाहिए ताकि हम चैन की नींद सो सकें। पुलिस को यहां पर नियमित गश्त करनी चाहिए।
-सुशीला देवी
नशे की बिक्री ने स्कूल जाने वाले बच्चों को भी नशे का आदी बना दिया है। इससे उनका और राज्य का भविष्य खतरे में है। यदि यह स्थिति रही तो आने वाली पीढ़ी की बर्बादी निश्चित है। समाज और प्रशासन को मिलकर इस पर रोक लगानी होगी।
-सविता
छोटे-छोटे बच्चे अपनी नशे की जरूरत पूरी करने के लिए चोरी जैसे अपराधिक कार्यों में लिप्त हो रहे हैं। इससे चोरी की घटनाओं में बढ़ोतरी हुई है। प्रशासन को बच्चों की सुरक्षा और सुधार पर विशेष ध्यान देकर नशे को फैलने से रोकना चाहिए।
-सर्वेंद्र कुमार
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