बोले देहरादून : ब्रह्मपुरी ओगल भट्टा के निवासी 30 वर्षों से जलभराव से परेशान
देहरादून के ब्रहमपुरी कॉलोनी ओगल भट्टा में 30 वर्षों से जलभराव की समस्या बनी हुई है। हाल की बारिश ने स्थिति को और गंभीर बना दिया है, जिससे घरों और दुकानों में पानी भर गया है और सामान खराब हो गया है।...

देहरादून वार्ड 78 टर्नर रोड के अंतर्गत आने वाली ब्रहमपुरी कॉलोनी ओगल भट्टा क्षेत्र में भारी बारिश के कारण लोग काफी परेशान हैं, इस क्षेत्र में जलभराव की समस्या 30 वर्षों से बनी हुई है। इस साल की तीसरी बारिश में ही जलभराव की समस्या ने इतना रौद्र रूप ले लिया कि बहता हुआ नाला ऊफान पर आ गया, घरों और दुकानों में पानी भरने से उनका सामान खराब हो गया। हाल ही में आई बारिश से क्षेत्र जलमगन हो गया, दीवारों में सीलन आई है और आवाजाही करने वालों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। बावजूद इसके जलभराव की समस्या का समाधान नहीं किया जा रहा है।
आपके अपने अखबार ‘हिन्दुस्तान’ के ‘बोले देहरादून’ अभियान तहत वार्ड 78 टर्नर रोड स्थित ब्रहमपुरी कॉलोनी ओगल भट्टा और वाल्मिकी बस्ती के लोगों से बात की। लोगों ने बताया कि ब्रह्मपुरी क्षेत्र पिछले 30वर्षों से जलभराव की समस्या को झेलने को मजबूर है। यह क्षेत्र बरसात में बड़ी नदी के रूप में बदल जाता है। इस वजह से बारिश के पानी में लोगों का काफी सामान बह गया। घरों और दुकानों में पानी भरने से बेड, सोफे और राशन तक खराब हो गया है। इतना ही नहीं, पानी के साथ ही सांप, बिच्छु के आने का खतरा भी बना रहता है। लोगों का कहना है कि सबसे पहले तो यहां जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान किया जाना चाहिए।
साथ ही ब्रह्मपुरी कॉलोनी ओगल भट्टा और वाल्मिकी बस्ती में निगम की ओर से कूड़ा गाड़ी का संचालन फिर से किया जाना चाहिए। कूड़ा गाड़ी का संचालन नहीं होने से यहां के लोग नाले मेंऔर सड़क किनारे कूड़ा डाल देते हैं। लोगों का कहना है कि क्षेत्र में सफाई न के बराबर और सड़क बदहाल है। ओगल भट्टा में आधी सड़क पक्की और आधी कच्ची है। कच्ची सड़क में जलभराव होने के कारण स्कूल, कॉलेज, ऑफिस, बुद्धा टेंपल और सुभाष नगर की ओर आवाजाही करने वालों को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
इस वजह से ओगल भट्टा के लोगों को खुद के खर्चे पर सड़क की मरम्मत का काम करना पड़ रहा है। वाल्मिकी बस्ती के क्षेत्रवासियों की ओर से बताया गया कि उनकी गली में बिजली का एक भी खंभा नहीं है जिस कारण उन्हे घरों के लिए बिजली भी काफी दूर से लानी पड़ी है। बिजली के खंभे न होने के कारण लोगो को स्ट्रीट लाइट की सुविधा भी नहीं मिल पा रही है। -प्रस्तुति: दीपिका गौड़
लोगों से नदी-नालों में कूड़ा न डालने की अपील की जा रही है
देहरादून शहर में जलभराव की समस्या से निपटने के लिए सिंचाई विभाग ने ड्रेनेज प्लान तैयार किया है। नगर निगम की ओर से भी सफाई व्यवस्था सुधारने के लिए ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। बस्ती क्षेत्रों में लोगों को कूड़ा सफाई वाहन में डालने के लिए जागरूक किया जा रहा है। अब तक 28 हजार मीट्रिक टन कूड़ा नदी-नालों से हटाया गया है। अन्य कार्य भी जारी हैं।
-सौरभ थपलियाल, मेयर देहरादून
घरों में पानी भरने से सामान खराब होता है
ब्रह्मपुरी कॉलोनी ओगल भट्टा में 30 वर्षों से बरसात के समय घरों में पानी आने की समस्या बनी हुई है। बगल से गुजरता हुआ नाला न तो ढका हुआ है न ही इसके आस-पास पुस्ते का ठोस निर्माण किया गया है। काफी सालों से हो रही इस समस्या से हर कोई वाकिफ है। हर कोई इस समस्या को जानता और समझता है। इसके बाद भी आज तक इस समस्या के निवारण के लिए किसी की ओर से कोई प्रयास नहीं किया गया है। इसका खामियाजा यहां के क्षेत्रवासी भुगत रहे हैं। कई बार शिकायत करने के बाद भी कोई सुनवाई स्थानीय लेागो के हक में नहीं होती नजर आती है। घरों और दुकानों में इतना पानी भर जाता है कि आधा सामान बह जाता है और आधा खराब हो जाता है।
लोगों की शिकायत है कि जनप्रतिनिधि कभी क्षेत्र में नहीं आते
वाल्मिकी बस्ती के स्थानीय लोगों का कहना है कि इस क्षेत्र में जनप्रतिनिधि केवल वोट मांगते वक्त ही नजर आते है। इसके बाद उनकी ओर से यहां के विकास के लिए कोई काम नहीं किया जाता है। इसके साथ ही वाल्मिकी बस्ती के लोगों का कहना है कि हम अपनी समस्या लेकर जनप्रतिनिधि के पास जाते हैं तो वह कह देतें हैं कि यह क्षेत्र उनके अंतर्गत नहीं आता है। इस वजह से इस क्षेत्र का हाल बहुत खराब है। यहां पर न ही सड़क है न ही स्ट्रीट लाइट है। पानी बहने की वजह से हर जगह काई जमी हुई है। जिससे फिसलने का खतरा बना हुआ है और लोगो के घरों में कई फीट तक पानी भर जाता है। इससे लोगों का जीवन अस्त-व्यस्त हो रहा है।
सुझाव
1. क्षेत्र में जलभराव की समस्या को रोकने के लिए ड्रनेज की उचित व्यवस्था होनी चाहिए।
2. नाले में मजबूत पुस्ता लगे। जिससे पानी आबादी वाले इलाके में नही आ सकेगा।
3. नाले को गहरा और ऊपर से बंद करना चाहिए। टर्नर रोड के बड़े नाले से जोड़ा जाए।
4. ओगल भट्टा की सड़क की मरम्मत होने के साथ ही क्षेत्र में जहां सीवर नही है वहां सीवर बिछानी चाहिए।
5. क्षेत्र में फिर से निगम की गाड़ी का संचालन कूड़ा उठाने के लिए होना चाहिए।
शिकायतें
1. क्षेत्र में जलभराव के कारण स्थानीय लोगो का घरों का सामान तक बह गया।
2. ब्रह्मपुरी कॉलोनी ओगल भट्टा क्षेत्र में जगह जगह कूड़े का ढेर लगा है। इसका समाधान किया जाए।
3. ओगल भट्टा सड़क से अत्यधिक आवाजाही होने के कारण भी स्थानीय लोगो को खुद से सड़क बनानी पड़ रही है।
4. क्षेत्र में कुछ स्ट्रीट लाइट जलती नहीं और कुछ दिन भर जलती है। इससे लोग काफी परेशान हैं।
5. जनप्रतिनिधि क्षेत्रीय समस्याओं का कभी संज्ञान नही लेते हैं।
लोग बोले
काफी वर्षों से क्षेत्र में यह समस्या बनी हुई है। भारी बरसात में हमेशा घरों में पानी भर जाता है। इससे घरों का सामान खराब हो जाता है। हम लोग परेशान हैं। इसका समाधान किया जाना चाहिए।
- राजेश
हमारे घरों का सामान खराब हो गया है। टीवी, फ्रिज और बाईक समेत बहुत सामान खराब हो गया है। इससे हर बरसात में काफी नुकसान हो जाता है। मगर इस बार ज्यादा नुकसान हुआ है।
-पिंकी
बारिश में हम लोगों का काफी सामान खराब हो गया है। यहां किसी की बछड़ी बह गई तो किसी के रजाई गद्दे बह गए। साथ ही सोफा-बेड और घर के अंदर रखा राशन का सामन भी खराब हो गया।
-कमलेश
क्षेत्र की गालियां छोटी और संकरी होने से यहां पर कचरे की गाड़ी नहीं आती है। नगर निगम को शिकायत करने के बाद भी इस पर काम नहीं किया गया। सफाई व्यवस्था ठीक नहीं है।
-जय प्रकाश
यहां की स्ट्रीट लाइटें भी कुछ खराब हालत में है तो कुछ दिन भर जलती रहती हैं। इससे बिजली बरबाद हो रही है और रात के समय जब जरूरत होती है, उस वक्त स्ट्रीट लाइट नहीं जल पाती हैं।
-धर्मवीर सिंह
बरसात में ओंगल भट्टा से ब्रहमपुरी को जोड़ने वाली कच्ची सड़क की हालत और खराब हो जाती है। पूरा रास्ता खराब हो गया है गाड़ियां तो दूर की बात है लोगों के लिए पैदल चलना मुश्किल हो चुका है।
-नरेश कुमार
भारी बारिश आने से घरों में इतना पानी भर गया है कि पूरा घर अस्त-वयस्त हो गया। हर जगह पानी भर गया। इस वजह से मेरी सोने की बाली भी खो गई। जलभराव से काफी नुकसान हो रहा है।
-कशिश
घर चलाने के लिए राशन जमा किया था। बरसात के पानी से सब खराब हो गया। राशन ही नहीं हम लोगों के घरों की दीवारों पर भी सीलन आ चुकी है। कई सारे पहनने के कपड़े भी फेंकने पड़े हैं।
-मुकेश कुमार
घरों में पानी भर जाने से बच्चों का काफी नुकसान हुआ है। उनके स्कूल बैग, कॉपी-किताबें सब बह गया है। इससे बच्चों की पढ़ाई का काफी नुकसान हो गया।
-उमेश
हम लोगों की हालत के बारे में कोई भी क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि संज्ञान लेने नहीं आया। वह सिर्फ वोट के समय नजर आते हैं इसके बाद फिर नहीं आते हैं।
-अनीता
जगह-जगह का पानी नाले में आता है। नाले में जमा मलबा साफ किया किया जाए। नाले को गहरा बना कर और ढका जाए तो पानी घरों तक नहीं आएगा।
-अनिल कुमार
इस नाले को ढका जाए। ताकि नाले का पानी लोगों के घरों तक न पहुंच सके। वहीं जहां-जहां पर नाले के किनारे का पुस्ता टूटा हुआ है। उन्हें भी ठीक किया जाए।
-सोनी कुमार
वाल्मिकी बस्ती में युनिवर्सल एकेडमी का पानी दीवारों से लीक होकर आता है। जलभराव के कारण यहां के लोगों की दिनचर्या काफी प्रभावित होती है।
-बलवीर
घरों में पानी आने के साथ - साथ तमाम तरह की गंदगी आती है। पानी के साथ ही सांप, बिच्छु के आने का खतरा भी बना रहता है। इसका समाधान किया जाए।
-विनोद डोगरा
कुछ महीनों में मेरी बेटी की शादी है। थोड़ा - थोड़ा करके घर में शादी का सामान जमा कर रहे हैं। बरसात में पानी घर में आने से पूरा सामान खराब हो गया है।
-सुनील कुमार चीनू
यहां की सड़क बदहाल है, सफाई व्यवस्था ठीक नहीं है, स्ट्रीट लाइट खराब है। क्षेत्र में तमाम समस्याएं होने के बावजूद यहां कोई भी जनप्रतिनिधि नहीं आता है।
-सुनील
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