देहरादून में मां-बाप अस्पताल में छोड़ गए शिशु का शव, कर्मचारियों ने कराया अंतिम संस्कार
दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल में एक नवजात के शव को माता-पिता द्वारा छोड़ने का दुखद मामला सामने आया है। नवजात की मौत के बाद, परिवार ने शव लेने से मना कर दिया। अंततः अस्पताल कर्मियों ने मानवता का परिचय देते हुए बच्चे का अंतिम संस्कार किया। यह घटना सभी के लिए एक गहरा संदेश छोड़ गई है।
दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल में रिश्तों को शर्मसार करने वाला एक बेहद मार्मिक मामला सामने आया है। अस्पताल में दम तोड़ने वाले एक नवजात के शव को उसके माता-पिता छोड़कर चले गए। पांच दिनों तक शव मोर्चरी में रखा रहा, अब दो दिन से परिजनों के चले जाने पर सोमवार को अस्पताल कर्मियों ने ही अभिभावक एवं इंसानियत का फर्ज निभाया और मासूम का अंतिम संस्कार किया। विगत बुधवार को दून अस्पताल में एक महिला की डिलीवरी हुई थी, लेकिन नवजात की मौत हो गई। जब शव परिजनों को सौंपने की प्रक्रिया शुरू हुई, तो नवजात का पिता अस्पताल परिसर में ही नशे की हालत में सो गया।
अस्पताल प्रशासन ने शव को सुरक्षित मोर्चरी में रखवा दिया। उम्मीद थी कि होश में आने के बाद पिता शव ले जाएगा, लेकिन दो दिन पहले माता-पिता अस्पताल प्रबंधन को बताए बिना ही वहां से चुपचाप चले गए। इंतजार के बाद जब कोई वारिस नहीं आया, तो एमएस डॉ. आरएस बिष्ट की अनुमति के बाद मोर्चरी प्रभारी विजय राज और कर्मचारी सचिन ने मासूम के शव को प्रेमनगर स्थित एक कब्रिस्तान में पूरे विधि-विधान के साथ उसे दफन कराया। अस्पताल के इस मानवीय प्रयास की हर कोई सराहना कर रहा है, वहीं माता-पिता की इस बेरुखी ने अस्पताल कर्मियों की आंखों को भी नम कर दिया।
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