चारधाम यात्रा में श्रद्धालुओं के लिए मुसीबत बना तापमान का अंतर, सेहत हो रही नासाज
चारधाम यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। मैदानों से पहाड़ों में अचानक तापमान में बदलाव के कारण सांस, दिल और बीपी से जुड़ी समस्याएं बढ़ रही हैं। केदारनाथ यात्रा में हजारों श्रद्धालुओं की स्क्रीनिंग हुई है और कई को ऑक्सीजन देने की जरूरत पड़ी है।
चारधाम यात्रा इन दिनों जोरों पर है और देशभर से बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं। लेकिन, मैदानी इलाकों और धामों के तापमान में 30 डिग्री से भी ज्यादा तक का अंतर यात्रियों की सेहत पर भारी पड़ रहा है। मैदानों की गर्मी से निकलकर सीधे पहाड़ों की अत्यधिक ठंड, कम हवा के दबाव और ऑक्सीजन की कमी वाले माहौल में पहुंचने से हजारों श्रद्धालुओं को सांस, दिल, बीपी और हाइपोथर्मिया जैसी गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। मैदानों में 38 तो धामों में छह डिग्री तक पारा
तापमान में बदलाव का प्रभाव
दिल्ली, हरियाणा, यूपी, राजस्थान और मध्य प्रदेश के विभिन्न शहरों में इन दिनों गर्मी पड़ रही है। पिछले 24 घंटों में वाराणसी, प्रयागराज, अजमेर, इंदौर और भोपाल जैसे शहरों में तापमान 35 से 38 डिग्री के बीच दर्ज किया गया। वहीं, दिल्ली-एनसीआर, रोहतक और चंडीगढ़ में पारा 31 से 35 डिग्री के आसपास है। इसके विपरीत, धामों में कड़ाके की सर्दी है। केदारनाथ में अधिकतम तापमान 6.6 और न्यूनतम 0.5 (लगभग शून्य) डिग्री दर्ज किया गया। बद्रीनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री में भी दिन का पारा 10 से 12 डिग्री और रात का तीन से चार डिग्री तक रहा है। मौसम का बदलाव शरीर को अनुकूलित होने का समय नहीं दे रहा है।
केदारनाथ में देनी पड़ रही ऑक्सीजन, एयरलिफ्ट की नौबत
रुद्रप्रयाग। सीएमओ रुद्रप्रयाग डॉ. रामप्रकाश ने बताया कि 22 अप्रैल से शुरू हुई केदारनाथ यात्रा में अब तक 25,255 यात्रियों की स्क्रीनिंग की गई है। अत्यधिक ठंड और ऊंचाई के कारण 3747 यात्रियों को इमरजेंसी ओपीडी में इलाज दिया गया और 3903 लोगों को ऑक्सीजन देनी पड़ी। गंभीर स्थिति वाले 12 यात्रियों को हवाई मार्ग से, 88 को एंबुलेंस से और 43 को डंडी-कंडी के जरिए रेस्क्यू किया गया है।
गंगोत्री-यमुनोत्री में भी बिगड़ रही तबीयत
उत्तरकाशी। यमुनोत्री और गंगोत्री धाम मार्ग पर स्वास्थ्य विभाग ने 11 प्राथमिक व दो सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों के साथ व्यापक इंतजाम किए हैं। अब तक 71,761 लोगों की स्क्रीनिंग हो चुकी है। यहां सबसे ज्यादा हार्ट, बीपी और शुगर के मरीज पहुंच रहे हैं।
बद्रीनाथ जाने वालों की फूली सांसें
गोपेश्वर। सीएमओ डॉ. अभिषेक गुप्ता ने बताया कि बद्रीनाथ धाम मार्ग (गौचर, कर्णप्रयाग, जोशीमठ आदि) पर पांच विशेषज्ञ एवं 15 अन्य डॉक्टर तैनात हैं। चार मई तक 4332 यात्रियों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया है, जिनमें अधिकांश दमा और सांस फूलने की समस्या लेकर आए हैं।
विकासनगर में ही सेहत नासाज
विकासनगर। हरबर्टपुर चेकपोस्ट पर यात्रा की शुरुआत में ही 150 से ज्यादा श्रद्धालु डिहाइड्रेशन, हाई बीपी, पेट के इंफेक्शन और बदन दर्द का उपचार कराने पहुंचे। यहां पर अस्थाई अस्पताल बनाया गया है। हाईबीपी के दो मरीजों को सहमति पत्र पर हस्ताक्षर के बाद भेजा गया।
एडवाइजरी : यात्रा से पहले एवं यात्रा के दौरान यह बरते सावधानी
यात्रा से पूर्व की तैयारी
-यात्रा की योजना कम से कम सात दिनों की बनाएं ताकि शरीर पहाड़ी वातावरण के अनुकूल हो सके।
-रोजाना 20-30 मिनट टहलें और पांच-10 मिनट सांय संबंधी व्यायाम करें।
-55 वर्ष से अधिक उम्र के बुजुर्ग, गर्भवती महिलाएं और हृदय, अस्थमा, बीपी, मधुमेह या मोटापे से ग्रसित लोग डॉक्टर से फिटनेस सर्टिफिकेट जरूर लें।
यात्रा के लिए ऊनी कपड़े, थर्मल, अच्छी क्वालिटी की जैकेट, रेनकोट, पल्स ऑक्सीमीटर, थर्मामीटर और अपनी नियमित दवाएं साथ रखें।
यात्रा के दौरान की सावधानी
-पैदल चलते समय हर एक घंटे बाद या गाड़ी से चढ़ाई के दौरान हर दो घंटे में 10 मिनट का विश्राम लें।
-रोजाना कम से कम दो लीटर पानी पिएं। शराब, कैफीन यानि कॉफी-कोल्ड ड्रिंक, धूम्रपान और नींद की गोलियों से सख्त परहेज करें।
इन लक्षणों पर तत्काल लें डॉक्टर की मदद
सीने में दर्द या सांस लेने में तकलीफ, बात करने में कठिनाई होने पर
लगातार खांसी, चक्कर आना या चलने में लड़खड़ाहट पर
उल्टी आना या शरीर के एक हिस्से में कमजोरी/सुन्नता महसूस होने पर
त्वचा का अत्यधिक ठंडा या बर्फीला महसूस होने पर
इमरजेंसी हेल्पलाइन नंबर : 104, 108
(एडवाइजरी दून मेडिकल कॉलेज के वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. कुमार जी कौल, कोरोनेशन अस्पताल के वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. प्रवीण पंवार के मुताबिक)
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