बोले देहरादून : देहरादून की मद्रासी कॉलोनी में फल-फूल रहा नशे का कारोबार
देहरादून के वार्ड 80 की मद्रासी कॉलोनी में कई वर्षों से नशे का कारोबार चल रहा है। स्थानीय लोगों की बार-बार शिकायतों के बावजूद पुलिस कार्रवाई करने में असफल है। नशे का प्रभाव युवाओं और परिवारों पर...
देहरादून, वार्ड 80 रेस्टकैंप में आने वाली मद्रासी कॉलोनी में कई वर्षों से नशे का कारोबार फल-फूल रहा है। इसकी शिकायत स्थानीय लोगों ने कई बार नजदीकी चौकी में की है। इसके बावजूद नशे की सप्लाई पर कोई रोक नहीं लग पाई। रेस्टकैंप वार्ड के क्षेत्रवासियों का कहना है कि युवाओं में बढ़ता नशा क्षेत्र के अंदर अपराध को बढ़ावा दे रहा और नशे के कारण कई घर परिवार प्रभावित हैं, तो कई बच्चे नशे की लत में अपना बचपन खो रहे हैं। मामला पुलिस प्रशासन के संज्ञान में आने के बाद भी नशे के सौदागरों के खिलाफ ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है।
रेस्टकैंप की मद्रासी कॉलोनी में हर साल लोगों पर अवैध शराब व स्मैक बिक्री करने पर एनडीपीएस एक्ट के तहत वैधानिक कार्रवाई की जाती है। पिछले कुछ वर्षों में इस क्षेत्र से कुल 47 लोगों पर मुकदमा दर्ज किया जा चुका है। इसमें साल 2022 में 8, 2023 में 22, 2024 में 11, 2025 में 6 लोगों पर मुकदमे की कार्रवाई की गई है। पुलिस की ओर से कार्रवाई करने के बाद भी नशा तस्करों के अंदर पुलिस प्रशासन का कोई डर नहीं है।
आपके अपने अखबार ‘हिन्दुस्तान’ के ‘बोले देहरादून’ अभियान के तहत रेस्टकैंप क्षेत्र के लोगों से बातचीत की गई। इस दौरान लोगों ने बताया कि मद्रासी कॉलोनी के लोग बीते कई वर्षों से नशे की खुलेआम सप्लाई कर रहे हैं। पुलिस को शिकायत भी की गई। शिकायत पर पुलिस की ओर से कई बार आरोपियों को पकड़ा गया है। इसके कुछ दिन बाद ही उनको छोड़ दिया जाता है। इन लोगों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने से लोग खुलेआम वापस नशे के कारोबार में लग जाते है।
मद्रासी कॉलोनी में कई परिवार नशा बेचने का काम करते हैं। लोगों ने यह भी बताया कि वह सभी नशे के साथ अवैध शराब का भी कारोबार कर रहे हैं, जो कि स्वास्थ्य को खराब करने का काम करती है। नशे के खिलाफ अगर कोई कुछ बोल भी दे तो यह लोग स्थानीय लोगों को डराते धमकाते हैं और इस कारण भी क्षेत्र के लोग डरा हुआ महसूस कर रहे हैं। इसके साथ ही यहां की महिलाएं खुद को सुरक्षित महसूस नहीं करती हैं। क्षेत्र में मारपीट और चोरी के काफी मामले बढ़ रहे हैं। क्षेत्र की स्ट्रीट लाइट खराब है। बरसात के समय लोगों के घरों में पानी आ जाता है। इससे घरों का सामान बहुत खराब हो जाता है।
-प्रस्तुति: कुमुद नौटियाल
पिछले सप्ताह पुलिस ने मद्रासी कॉलोनी में कार्रवाई की थी
मद्रासी कॉलोनी में पिछले सप्ताह मैं खुद गया। पुलिस टीम ने नशा सूंघने वाले डॉग साथ लेकर कार्रवाई की। इस दौरान किसी घर में नशा सामग्री नहीं मिली। यहां शिकायत रहती है, इसलिए लोगों को नशा सामग्री नहीं बेचने की हिदायत दी। सूचना मिलने पर पुलिस गिरफ्तारी की कार्रवाई करती है। पुलिस नशे के कारोबार करने वालों पर निरंतर कार्रवाई कर रही है।
- अजय सिंह, एसएसपी, देहरादून
सुझाव
1. सरकार की ओर से यहां पर निरंतर जागरूकता अभियान चलाया जाना चाहिए। इससे लोगों में नशे के खिलाफ जागरूकता आएगी।
2. यहां पर पुलिस की ओर से नियमित गश्त होनी चाहिए।
3. पुलिस की ओर से नशे का व्यापार करने वालों पर कठोर कार्रवाई की जाए।
4. यहां पर रहने वाले लोगों का समय-समय पर सत्यापन किया जाना चाहिए।
5. नशे पर रोक लगाकर अन्य क्षेत्रीय समस्याओं पर ध्यान दिया जाना चाहिए।
शिकायतें
1. क्षेत्र में बड़ी मात्रा में नशे की तस्करी हो रही है, जिससे माहौल खराब हो रहा है।
2. मद्रासी कॉलोनी में बाहरी लोग आकर यहां पर नशे का कारोबार कर रहे हैं। नशे के कारोबार से अपराधिक घटनाएं भी बढ़ रही हैं।
3. पुलिस की ओर से कोई उचित और ठोस कार्रवाई नहीं की जाती है।
4. क्षेत्र में आए दिन चोरी और मारपीट के मामले सामने आते हैं।
5. स्कूल के छोटे बच्चे और युवा ज्यादातर नशे के आदी हो चुके हैं। इस कारण कारण नई पीढ़ी पर नशे का गलत प्रभाव पड़ रहा है।
क्षेत्रवासियों की ओर से बढ़ते नशे के कारोबार की शिकायत पर हमारी ओर से समय-समय पर नशे के खिलाफ अभियान चलाया जाता है। इससे क्षेत्र में काफी सुधार भी है। हम लोगों ने संकल्प लिया है कि क्षेत्र को नशा मुक्त कराना है।
- अंजली मुकेश सिंघल, पार्षद वार्ड 80
क्षेत्र की स्थिति काफी गंभीर बनी हुई है। मद्रासी कॉलोनी का नाम नशा के व्यापार की वजह से बदनाम हो रखा है। इससे यहां पर आम लोग आने से कतराते हैं। इसका समाधान होना चाहिए। -मुकेश सिंघल
यहां पर लोग ड्रग्स, स्मैक, गांजा, शराब इन सभी प्रकार का नशा बेचते हैं। नशे का कारोबार कर करके खूब पैसा कमा रहे हैं। इससे यहां का माहौल खराब हो रहा है, इस पर कार्रवाई की जाए। -संजय काला
यहां पर लोग नशे का व्यापार करते हैं और नशा लेने के लिए यहां पर ज्यादातर स्कूल के बच्चे और युवा वर्ग आता है। जो नशे का सेवन करते हैं। इससे बच्चों पर भी गलत प्रभाव पड़ रहा है। -डॉ. अंकित
शर्मा
नशे की खुराक के लिए नशे के आदी लोग किसी भी हद तक जाने को तैयार रहते हैं। इसके लिए वह चोरी, लड़ाई-झगड़ा जैसी तमाम चीजें करते हैं। इससे यहां का माहौल खराब हो रहा है।
-कौशल किशोर
पुलिस की ओर से भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। वह समय-समय पर आते हैं लोगों को पकड़ते हैं, लेकिन कुछ दिन बाद वह छूट जाते हैं, इसका स्थायी समाधान नहीं निकल पा रहा है।
-आरके भाटिया
पुलिस को नशे का करोबार करने वालों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई करनी चाहिए। ऐसे लोगों की जमानत नहीं होनी चाहिए। जमानत मिलने से नशे के कारोबार को बढ़ावा मिल रहा है। -लतेश शर्मा
नशे का व्यापार करने वालों को राज्य से निकाल दिया जाना चाहिए। इन्हें ऐसी जगह भेजा जाना चाहिए जहां पर यह किसी भी प्रकार का नशा न बेच सके। यही इसका स्थायी समाधान है।
-उषा चौहान
नशे के अलावा क्षेत्र में अन्य समस्याएं भी बनी हुई हैं। यहां पर सीवर लाइन चोक हो जाती है, स्ट्रीट लाइट कुछ जलती है कुछ नहीं इस पर भी प्रशासन का बिल्कुल ध्यान नहीं जाता है। -तेजबीर सिंह
सरकार को निरंतर नशे के खिलाफ और लोगों को जागरूक करने के लिए अभियान चलाने चाहिए। इससे लोगों के अंदर नशे के दुष्परिणाम की समझ आएगी। -भोला
यहां के लोग जब तक जागरूक नहीं होंगे तब तक नशे को यहां से कम करना बहुत मुश्किल होगा। लोगों के बीच जाकर उन्हें जागरूक किया जाना चाहिए।
-बलबीर सिंह
उत्तराखंड राज्य में भी अन्य राज्य की तरह नशे का कारोबार करने के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। इससे ही इन लोगों पर लगाम लगेगी।
-प्रगति
नशे के कारोबार के कारण यहां का माहौल बहुत ज्यादा खराब है। खुलेआम नशे की बिक्री और नशे का सेवन किया जाता है। ऐसे लोगों पर कार्रवाई हो।
-बाली
क्षेत्र में लोग खुलेआम शराब का सेवन करते हैं, बीच सड़क पर जुआ खेलने बैठ जाते हैं। इसके बाद यहां पर आपस में लड़ाई-झगड़ा करते है और मारपीट भी करते हैं।
-राधा
यहां कॉलोनी के पीछे से रेलवे लाइन जाती है। नशे के आदी लोग चलती ट्रेन से लोगों के हाथ से मोबाइल खींचने की कोशिश तक करते हैं। फिर भी कोई कार्रवाई नहीं।
-प्यारे स्वामी
नशा करने वाले कॉलोनी के पीछे रेलवे लाइन के किनारे बैठ कर नशा करते हैं। साथ ही वहां पर भी खुलेआम जुआ खेलते हैं। फिर भी कोई कार्रवाई नहीं की जाती।
-चंद्र पाल
नशे का कारोबार करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। इन लोगों के घर गिराए जाने चाहिए। इससे ही इनमें कुछ सुधार होगा। यहां लोग परेशान हो चुके हैं।
-राधा
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