तीन साल पुरानी दोस्ती, देहरादून पलटन बाजार में 23 साल की गुंजन की गर्दन काटने वाले सिरफिरे का सच
23 साल की गुंजन की सरेआम बाजार में गर्दन काटने वाले आकाश से तीन साल पुरानी दोस्ती थी। वारदात से पहले आकाश ने उसे रोका, बात की और फिर चापड़ से गर्दन उड़ा दी। गुंजन की सड़क पर तड़पते हुए मौत हो गई।

2 फरवरी की सुबह जब देहरादून के पलटन मार्केट में मच्छी बाजार अपनी रफ्तार पकड़ रहा था, तभी 23 साल की गुंजन उर्फ गुन्न्नू की चीख ने सबको सन्न कर दिया। सरेबाजार निर्मम हत्या से आक्रोशित व्यापारियों ने खुद ही दुकानें बंद कर पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की। इसके बाद व्यापारी आसपास के बाजारों में घूमे। देखते ही देखते मच्छी बाजार, धामावाला, पलटन बाजार, मोती बाजार और डिस्पेंसरी रोड का बाजार बंद करा दिया गया। कुछ जगह व्यापारियों की दुकानें बंद कराते वक्त नोकझोंक भी हुई। दिनभर बाजार में फोर्स तैनात रही।
जानकारी के अनुसार, आरोपी आकाश पास का रहने वाला है और मच्छी बाजार में कपड़े की दुकान में काम करता था। इसलिए वह रास्तों से वाकिफ था। उसने सुबह करीब साढ़े दस बजे गुंजन को रोका और जब तक वह कुछ समझ पाती उसने पूरी ताकत से चापड़ से वार कर दिया। गुंजन ने वार रोकने के लिए हाथ आगे किया, जिससे उसकी उंगलियां कट गईं। वार आगे बढ़ा और गला रेत गया। इसके बाद गुंजन लहूलुहान होकर सड़क पर गिर गई। आरोपी लोगों के सामने स्कूटर लेकर फरार हो गया। हाथ में चापड़ होने के चलते कोई उसे रोकने का साहस नहीं कर पाया।
आरोपी को ट्रेस किया होता तो जिंदा होती गुंजन!
गुंजन की हत्या केवल एक सिरफिरे का पागलपन नहीं, बल्कि पुलिस की लापरवाही का भी परिणाम है। 31 जनवरी को ही गुंजन ने शहर कोतवाली में आरोपी आकाश के खिलाफ शिकायत की थी। शिकायत में साफ कहा गया था कि आरोपी उसे जान से मारने की धमकी दे रहा है।
आकाश और गुंजन में तीन साल पुरानी दोस्ती
एसएसपी अजय सिंह ने बताया कि दोनों के बीच तीन साल से अधिक समय से दोस्ती थी। कुछ महीने पहले विवाद होने पर गुंजन ने उससे बात करनी बंद कर दी थी। इसके बावजूद आकाश उस पर दबाव बना रहा था। गुंजन ने आरोपी पर जान से मारने का डर बनाने की शिकायत दी थी। शिकायत पर पुलिस ने आरोपी को फोन किया था, जो उसने नहीं उठाया। चीता पुलिस दो बार उसके घर गई तो वह फरार मिला।
लापरवाही से पुलिस का इनकार
उधर, एसपी सिटी प्रमोद कुमार ने कहा कि पुलिस जांच में कोई लापरवाही नहीं हुई। शिकायत मिलने पर आरोपी को फोन करने के साथ ही उसके घर पुलिस भेजी गई थी। ऐसे में किसी की लापरवाही न मानते हुए काई विभागीय कार्रवाई नहीं की गई है। उधर, हत्या के बाद मौके पर पहुंचे गुंजन के परिजनों और परिचितों ने पुलिस खिलाफ नारेबाजी की। कहा कि आकाश को ट्रेस कर लिया होता तो घटना न होती।
पुलिस का दावा, चौकी में दिया था समझौता पत्र
पुलिस के मुताबिक गुंजन और आकाश की करीब तीन साल पहले से दोस्ती थी। युवती के परिजनों को इसका पता लगा तो उन्होंने आकाश के घर आपत्ति दी थी। दोनों पक्षों ने पूर्व में आपसी रजामंदी से एक दूसरे के साथ कोई संबंध न रखने का एक समझौता पत्र भी खुड़बुड़ा चौकी में दिया था।
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