गंगोत्री के बाद बदरी-केदार में भी गैर हिंदू बैन! ऑल इंडिया मुस्लिम जमात ने दी चेतावनी
गंगोत्री के बाद बदरी-केदारनाथ धाम में भी गैर हिंदुओं के प्रवेश पर प्रतिबंध को लेकर ऑल इंडिया मुस्लिम जमात ने चिंता जताई है। मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने चेतावनी दी कि इससे चरमपंथी विचारधारा बढ़ेगी।

उत्तराखंड में बदरीनाथ, केदारनाथ और गंगोत्री में अब गैर हिंदुओं का प्रवेश वर्जित हो जाएगा। ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने धर्मस्थलों में गैर-हिंदुओं के प्रवेश पर रोक लगाने के फैसले की आलोचना की है। उन्होंने इस कदम को साम्प्रदायिक सौहार्द और देश की एकता के लिए हानिकारक करार दिया। चेतावनी दी कि इससे चरमपंथी विचारों को बढ़ावा मिलेगा। इस कदम को लेकर इसलिए भी विवाद उठ रहा है, क्योंकि उत्तराखंड के राज्यपाल लेफ्टिनेट जनरल गुरमीत सिंह भी अक्सर मंदिरों के दर्शन के लिए जाते रहे हैं।
मौलाना रजवी ने कहा कि ऐसे कदम हिंदू-मुस्लिम भाईचारे को कमजोर करते हैं और समाज में फूट डालने वाले चरमपंथी विचारों को बढ़ावा देते हैं। उन्होंने कहा, “भारत में कुछ लोग साम्प्रदायिक मानसिकता के साथ अजीब नजारा पेश कर रहे हैं। जब भी कोई हिंदू त्योहार या मेला शुरू होता है, पहले से बोर्ड लगाया जाता है कि मुसलमानों को प्रवेश नहीं मिलेगा। हाल ही में गंगोत्री धाम में समिति ने घोषणा की कि मुसलमानों को प्रवेश नहीं मिलेगा।”
बदरीनाथ और केदारनाथ में भी गैर हिंदू बैन
उन्होंने चेतावनी दी कि अब यही नियम केदारनाथ और बद्रीनाथ धाम में लागू करने की योजना है। उन्होंने कहा, “ऐसे कदम और भावनाएँ चरमपंथी मान्यताओं को बढ़ावा देती हैं और उन लोगों को ताकत देती हैं, जो राष्ट्र को कमजोर करने, हिंदू-मुस्लिम भाईचारे को तोड़ने और समाज में विभाजन फैलाने के उद्देश्य रखते हैं। ऐसे लोग समाज के दुश्मन हैं।”
राज्यपाल गुरमीत सिंह भी जाते हैं दर्शन करने
यह बयान उस फैसले के बाद आया है, जिसे श्री गंगोत्री मंदिर समिति की रविवार को हुई बैठक में सर्वसम्मति से लिया गया कि गंगोत्री धाम में गैर-हिंदुओं का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा। लंबे समय से केदारनाथ और बद्रीनाथ धामों में आते रहे सिख और जैन श्रद्धालुओं के बारे में पूछे जाने पर मंदिर समिति के अध्यक्ष ने कहा कि यह मुद्दा किसी धर्म विशेष का नहीं बल्कि उस धार्मिक स्थान में उस व्यक्ति की आस्था का है। उत्तराखंड के राज्यपाल लेफ्टिनेट जनरल गुरमीत सिंह (सेवानिवृत्त) भी दोनों मंदिरों के दर्शन के लिए जाते रहे हैं।
बीकेटीसी ने क्या कहा
इस विषय पर प्रतिक्रिया देते हुए, श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने कहा कि आगामी बोर्ड बैठक में वे प्रस्ताव रखेंगे कि श्री केदारनाथ और श्री बद्रीनाथ धाम में भी गैर-हिंदुओं का प्रवेश प्रतिबंधित किया जाए। अध्यक्ष ने कहा, “श्री केदारनाथ धाम और श्री बद्रीनाथ धाम पर्यटन स्थल नहीं हैं। ये सनातन परंपराओं के सर्वोच्च आध्यात्मिक केंद्र हैं। यहां प्रवेश का सवाल नागरिक अधिकारों का नहीं, बल्कि धार्मिक आस्था का है।” उन्होंने कहा कि इसके लिए ऐसा प्रस्ताव लाया जाएगा कि जिनकी आस्था सनातन धर्म में नहीं है, उनका प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित किया जाए।
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